{"_id":"697b882c93d45e17ce0443e2","slug":"leprosy-does-not-spread-by-touch-the-patient-gets-cured-with-treatment-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-121996-2026-01-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: छूने से नहीं फैलता कुष्ठ रोग, इलाज से मरीज हो जाता है ठीक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: छूने से नहीं फैलता कुष्ठ रोग, इलाज से मरीज हो जाता है ठीक
विज्ञापन
विज्ञापन
कुष्ठ रोग निवारण दिवस
-स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, कुष्ठ रोग न तो छूने से फैलता है, न ही यह किसी के कर्म, पाप या पूर्वजन्म से जुड़ा
-बीमारी न तो अनुवांशिक है और न ही लाइलाज, सही समय पर जांच और इलाज से कुष्ठ रोग पूरी तरह हो सकता है ठीक
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। कुष्ठ रोग न तो छूने से फैलता है, न ही यह किसी के कर्म, पाप या पूर्वजन्म से जुड़ा है। यह बीमारी न तो अनुवांशिक है और न ही लाइलाज। सही समय पर जांच और इलाज से कुष्ठ रोग पूरी तरह ठीक हो सकता है। कुष्ठ रोग बैक्टीरिया मायकोबैक्टीरियम लेप्रे के कारण होता है। यह संक्रमण मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति के नाक और मुंह से निकलने वाले कीटाणुओं के जरिये फैल सकता है, जो खांसने, छींकने या थूकने से हवा में जाते हैं। सामान्य छूने, साथ बैठने या भोजन करने से यह रोग नहीं फैलता। यह जानकारी कुष्ठ रोग के विशेषज्ञों ने दी है। कुष्ठ रोग डॉक्टर के अनुसार, कुष्ठ रोग के लक्षण अक्सर लंबे समय बाद दिखाई देते हैं। इसकी इनक्यूबेशन अवधि कुछ हफ्तों से लेकर 20 साल या उससे अधिक हो सकती है। औसतन इसके लक्षण 5 से 7 साल में सामने आते हैं।
कुष्ठ रोग के प्रमुख लक्षण
-त्वचा पर हल्के या तांबे रंग के दाग-धब्बे
-दागों में सुन्नपन या हाथ-पैरों में झुनझुनी
-हाथ, पैर या पलकों में कमजोरी
-नसों में दर्द
-चेहरे या आंखों में सूजन या लालिमा
-हाथ-पैरों पर घाव या जलन
कुष्ठ रोग की रोकथाम कैसे करें
डॉक्टर के अनुसार, कुष्ठ रोग से पीड़ित व्यक्ति को तब तक बच्चों की देखभाल केंद्र (चाइल्ड केयर), प्रीस्कूल, स्कूल या काम पर नहीं जाना चाहिए, जब तक किसी विशेषज्ञ डॉक्टर जैसे त्वचा रोग विशेषज्ञ या संक्रामक रोग विशेषज्ञ से ठीक होने की अनुमति न मिल जाए। इससे दूसरों को संक्रमण से बचाया जा सकता है। कुष्ठ रोग को नियंत्रित करने का सबसे प्रभावी तरीका है समय पर इलाज। मरीज को मल्टी ड्रग थेरेपी (एमडीटी) दी जाती है, जिससे बीमारी फैलने की क्षमता जल्दी खत्म हो जाती है और मरीज ठीक होने लगता है।
Trending Videos
-स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, कुष्ठ रोग न तो छूने से फैलता है, न ही यह किसी के कर्म, पाप या पूर्वजन्म से जुड़ा
-बीमारी न तो अनुवांशिक है और न ही लाइलाज, सही समय पर जांच और इलाज से कुष्ठ रोग पूरी तरह हो सकता है ठीक
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। कुष्ठ रोग न तो छूने से फैलता है, न ही यह किसी के कर्म, पाप या पूर्वजन्म से जुड़ा है। यह बीमारी न तो अनुवांशिक है और न ही लाइलाज। सही समय पर जांच और इलाज से कुष्ठ रोग पूरी तरह ठीक हो सकता है। कुष्ठ रोग बैक्टीरिया मायकोबैक्टीरियम लेप्रे के कारण होता है। यह संक्रमण मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति के नाक और मुंह से निकलने वाले कीटाणुओं के जरिये फैल सकता है, जो खांसने, छींकने या थूकने से हवा में जाते हैं। सामान्य छूने, साथ बैठने या भोजन करने से यह रोग नहीं फैलता। यह जानकारी कुष्ठ रोग के विशेषज्ञों ने दी है। कुष्ठ रोग डॉक्टर के अनुसार, कुष्ठ रोग के लक्षण अक्सर लंबे समय बाद दिखाई देते हैं। इसकी इनक्यूबेशन अवधि कुछ हफ्तों से लेकर 20 साल या उससे अधिक हो सकती है। औसतन इसके लक्षण 5 से 7 साल में सामने आते हैं।
कुष्ठ रोग के प्रमुख लक्षण
-त्वचा पर हल्के या तांबे रंग के दाग-धब्बे
-दागों में सुन्नपन या हाथ-पैरों में झुनझुनी
-हाथ, पैर या पलकों में कमजोरी
-नसों में दर्द
-चेहरे या आंखों में सूजन या लालिमा
-हाथ-पैरों पर घाव या जलन
कुष्ठ रोग की रोकथाम कैसे करें
डॉक्टर के अनुसार, कुष्ठ रोग से पीड़ित व्यक्ति को तब तक बच्चों की देखभाल केंद्र (चाइल्ड केयर), प्रीस्कूल, स्कूल या काम पर नहीं जाना चाहिए, जब तक किसी विशेषज्ञ डॉक्टर जैसे त्वचा रोग विशेषज्ञ या संक्रामक रोग विशेषज्ञ से ठीक होने की अनुमति न मिल जाए। इससे दूसरों को संक्रमण से बचाया जा सकता है। कुष्ठ रोग को नियंत्रित करने का सबसे प्रभावी तरीका है समय पर इलाज। मरीज को मल्टी ड्रग थेरेपी (एमडीटी) दी जाती है, जिससे बीमारी फैलने की क्षमता जल्दी खत्म हो जाती है और मरीज ठीक होने लगता है।
विज्ञापन
विज्ञापन