{"_id":"69f8970b871337e3e70716a7","slug":"mcd-swings-into-action-after-vivek-vihar-fire-to-take-action-against-buildings-violating-rules-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-134970-2026-05-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: विवेक विहार अग्निकांड के बाद हरकत में आई एमसीडी, नियम तोड़ने वाली इमारतों पर करेगी कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: विवेक विहार अग्निकांड के बाद हरकत में आई एमसीडी, नियम तोड़ने वाली इमारतों पर करेगी कार्रवाई
विज्ञापन
विज्ञापन
बिना कंप्लीशन सर्टिफिकेट और नियम उल्लंघन वाली बिल्डिंगों का होगा व्यापक सर्वे
अवैध निर्माण और अतिरिक्त मंजिलें होंगी निशाने पर, सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने पर होगी कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
विवेक विहार में हुए भीषण अग्निकांड में नौ लोगों की दर्दनाक मौत के बाद एमसीडी हरकत में आई है। हादसे ने एक बार फिर राजधानी में भवन सुरक्षा और निर्माण नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सोमवार को एमसीडी अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक हुई। इसमें हादसे की वजहों की जांच करने और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने का निर्णय लिया गया। बैठक में सबसे अहम फैसला लिया कि जिस इमारत में आग लगी, उसमें प्रथम दृष्टया नियमों के उल्लंघन के संकेत मिले हैं। ऐसे में एमसीडी उस बिल्डिंग को सील करने पर विचार कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि यदि निर्माण के बाद नियमों में बदलाव या अनियमितताएं पाई जाती हैं, तो सख्त कार्रवाई आवश्यक है, ताकि अन्य बिल्डिंग मालिकों को भी संदेश दिया जा सके।
एमसीडी ने इस घटना को एक चेतावनी के रूप में लेते हुए राजधानी भर में व्यापक सर्वे अभियान चलाने की योजना बनाई है। इसके तहत उन सभी इमारतों की जांच की जाएगी जिनका नक्शा तो पास है, लेकिन उन्होंने अभी तक कंप्लीशन सर्टिफिकेट प्राप्त नहीं किया है। ऐसे भवनों में अक्सर सुरक्षा मानकों की अनदेखी की आशंका रहती है, जो भविष्य में बड़े हादसों का कारण बन सकती है। दूसरी ओर, एमसीडी उन इमारतों की भी जांच करेगा जिन्हें कंप्लीशन सर्टिफिकेट मिल चुका है, लेकिन बाद में उनमें अवैध निर्माण या नियमों का उल्लंघन किया गया है। विवेक विहार की घटना में भी यही आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, इस सर्वे के दौरान यदि कहीं भी अवैध निर्माण, अतिरिक्त मंजिल या निकास मार्गों में बाधा जैसी कमियां पाई जाती हैं, तो संबंधित संपत्ति मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें सीलिंग, भारी जुर्माना और यहां तक कि ध्वस्तीकरण भी शामिल हो सकता है।
कागजी कार्रवाई पर्याप्त नहीं : विवेक विहार अग्निकांड ने यह स्पष्ट किया कि कागजों पर नियमों का पालन पर्याप्त नहीं है। जमीनी स्तर पर इनका सख्ती से अनुपालन जरूरी है। इस घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को न्याय दिलाने के साथ-साथ यह सुनिश्चित करना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है कि आगे ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
एमसीडी की कार्रवाई का पूरा प्लान : विवेक विहार अग्निकांड के बाद एमसीडी ने सख्त रुख अपनाते हुए उस इमारत को सील करने पर विचार शुरू किया है, जहां हादसा हुआ। अधिकारियों का मानना है कि प्राथमिक जांच में नियमों के उल्लंघन के संकेत मिले हैं। इसी के साथ निगम ने यह भी तय किया है कि राजधानी में ऐसी सभी इमारतों की पहचान की जाएगी, जहां निर्माण नियमों का पालन नहीं किया गया है। इस कार्रवाई का मकसद भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकना है।
बिना कंप्लीशन सर्टिफिकेट वाली इमारतें निशाने पर : एमसीडी अब उन इमारतों पर खास फोकस करने जा रही है, जिनका नक्शा तो पास है लेकिन उन्होंने अब तक कंप्लीशन सर्टिफिकेट नहीं लिया है। निगम का मानना है कि ऐसी बिल्डिंगों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की संभावना अधिक होती है। सर्वे के दौरान इन इमारतों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें सीलिंग और जुर्माना भी शामिल हो सकता है।
सर्टिफिकेट के बाद भी उल्लंघन पर कड़ी नजर : सिर्फ बिना कंप्लीशन सर्टिफिकेट वाली इमारतें ही नहीं, बल्कि वे बिल्डिंग भी एमसीडी के रडार पर हैं, जिन्हें सर्टिफिकेट मिल चुका है लेकिन बाद में उनमें नियमों का उल्लंघन किया गया है। विवेक विहार की बिल्डिंग में भी ऐसी आशंका जताई जा रही है। निगम अब ऐसे मामलों की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा।
Trending Videos
अवैध निर्माण और अतिरिक्त मंजिलें होंगी निशाने पर, सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने पर होगी कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
विवेक विहार में हुए भीषण अग्निकांड में नौ लोगों की दर्दनाक मौत के बाद एमसीडी हरकत में आई है। हादसे ने एक बार फिर राजधानी में भवन सुरक्षा और निर्माण नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सोमवार को एमसीडी अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक हुई। इसमें हादसे की वजहों की जांच करने और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने का निर्णय लिया गया। बैठक में सबसे अहम फैसला लिया कि जिस इमारत में आग लगी, उसमें प्रथम दृष्टया नियमों के उल्लंघन के संकेत मिले हैं। ऐसे में एमसीडी उस बिल्डिंग को सील करने पर विचार कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि यदि निर्माण के बाद नियमों में बदलाव या अनियमितताएं पाई जाती हैं, तो सख्त कार्रवाई आवश्यक है, ताकि अन्य बिल्डिंग मालिकों को भी संदेश दिया जा सके।
एमसीडी ने इस घटना को एक चेतावनी के रूप में लेते हुए राजधानी भर में व्यापक सर्वे अभियान चलाने की योजना बनाई है। इसके तहत उन सभी इमारतों की जांच की जाएगी जिनका नक्शा तो पास है, लेकिन उन्होंने अभी तक कंप्लीशन सर्टिफिकेट प्राप्त नहीं किया है। ऐसे भवनों में अक्सर सुरक्षा मानकों की अनदेखी की आशंका रहती है, जो भविष्य में बड़े हादसों का कारण बन सकती है। दूसरी ओर, एमसीडी उन इमारतों की भी जांच करेगा जिन्हें कंप्लीशन सर्टिफिकेट मिल चुका है, लेकिन बाद में उनमें अवैध निर्माण या नियमों का उल्लंघन किया गया है। विवेक विहार की घटना में भी यही आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, इस सर्वे के दौरान यदि कहीं भी अवैध निर्माण, अतिरिक्त मंजिल या निकास मार्गों में बाधा जैसी कमियां पाई जाती हैं, तो संबंधित संपत्ति मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें सीलिंग, भारी जुर्माना और यहां तक कि ध्वस्तीकरण भी शामिल हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कागजी कार्रवाई पर्याप्त नहीं : विवेक विहार अग्निकांड ने यह स्पष्ट किया कि कागजों पर नियमों का पालन पर्याप्त नहीं है। जमीनी स्तर पर इनका सख्ती से अनुपालन जरूरी है। इस घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को न्याय दिलाने के साथ-साथ यह सुनिश्चित करना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है कि आगे ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
एमसीडी की कार्रवाई का पूरा प्लान : विवेक विहार अग्निकांड के बाद एमसीडी ने सख्त रुख अपनाते हुए उस इमारत को सील करने पर विचार शुरू किया है, जहां हादसा हुआ। अधिकारियों का मानना है कि प्राथमिक जांच में नियमों के उल्लंघन के संकेत मिले हैं। इसी के साथ निगम ने यह भी तय किया है कि राजधानी में ऐसी सभी इमारतों की पहचान की जाएगी, जहां निर्माण नियमों का पालन नहीं किया गया है। इस कार्रवाई का मकसद भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकना है।
बिना कंप्लीशन सर्टिफिकेट वाली इमारतें निशाने पर : एमसीडी अब उन इमारतों पर खास फोकस करने जा रही है, जिनका नक्शा तो पास है लेकिन उन्होंने अब तक कंप्लीशन सर्टिफिकेट नहीं लिया है। निगम का मानना है कि ऐसी बिल्डिंगों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की संभावना अधिक होती है। सर्वे के दौरान इन इमारतों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें सीलिंग और जुर्माना भी शामिल हो सकता है।
सर्टिफिकेट के बाद भी उल्लंघन पर कड़ी नजर : सिर्फ बिना कंप्लीशन सर्टिफिकेट वाली इमारतें ही नहीं, बल्कि वे बिल्डिंग भी एमसीडी के रडार पर हैं, जिन्हें सर्टिफिकेट मिल चुका है लेकिन बाद में उनमें नियमों का उल्लंघन किया गया है। विवेक विहार की बिल्डिंग में भी ऐसी आशंका जताई जा रही है। निगम अब ऐसे मामलों की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा।