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Delhi NCR News: एमजे अकबर की याचिका अंतिम सुनवाई के लिए 24 सितंबर को सूचीबद्ध
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर की उस अपील को अंतिम सुनवाई के लिए 24 सितंबर को सूचीबद्ध किया है, जिसमें उन्होंने पत्रकार प्रिया रमानी को आपराधिक मानहानि मामले में बरी किए जाने के निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी है। न्यायमूर्ति स्वर्णा कांता शर्मा की एकल पीठ ने सोमवार को कहा, ट्रायल कोर्ट का रिकॉर्ड प्राप्त हो चुका है। दोनों पक्षों ने लिखित दलीलें दाखिल कर दी हैं। अगली तारीख पर अंतिम सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए। अदालत ने मामले को 24 सितंबर को अंतिम सुनवाई के लिए निर्धारित किया।
यह है मामला
यह मामला 2018 में हैशटैग मीटू आंदोलन के दौरान प्रिया रमानी द्वारा एमजे अकबर पर लगाए गए यौन दुराचार के आरोपों से जुड़ा है। अकबर ने प्रिया रमानी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर किया था। 17 फरवरी, 2021 को राउज एवेन्यू जिला अदालत ने प्रिया रमानी को बरी कर दिया था। अदालत ने फैसले में कहा था कि एक महिला को अपने दुख-दर्द और शिकायत को किसी भी मंच पर, चाहे वह दशकों बाद ही क्यों न हो, रखने का पूरा अधिकार है। अदालत ने यह भी टिप्पणी की थी कि सामाजिक प्रतिष्ठा वाला व्यक्ति भी यौन उत्पीड़न कर सकता है और प्रतिष्ठा गरिमा के अधिकार से ऊपर नहीं है।
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यह है मामला
यह मामला 2018 में हैशटैग मीटू आंदोलन के दौरान प्रिया रमानी द्वारा एमजे अकबर पर लगाए गए यौन दुराचार के आरोपों से जुड़ा है। अकबर ने प्रिया रमानी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर किया था। 17 फरवरी, 2021 को राउज एवेन्यू जिला अदालत ने प्रिया रमानी को बरी कर दिया था। अदालत ने फैसले में कहा था कि एक महिला को अपने दुख-दर्द और शिकायत को किसी भी मंच पर, चाहे वह दशकों बाद ही क्यों न हो, रखने का पूरा अधिकार है। अदालत ने यह भी टिप्पणी की थी कि सामाजिक प्रतिष्ठा वाला व्यक्ति भी यौन उत्पीड़न कर सकता है और प्रतिष्ठा गरिमा के अधिकार से ऊपर नहीं है।
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