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Noida Protest: श्रमिक आंदोलन को हिंसक बनाने की साजिश में डीयू का छात्र गिरफ्तार, दो आरोपियों पर लगा है एनएसए
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 03 Jun 2026 03:33 AM IST
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सार
मूलरूप से राजस्थान के रहने वाले योगेश के तार आरडब्ल्यूपीआई (रिवोल्यूशनरी वर्कर्स पार्टी ऑफ इंडिया) और दिशा फाउंडेशन से भी जुड़े बताए जा रहे हैं। वह डीयू छात्रसंघ के अध्यक्ष पद का चुनाव भी लड़ चुका है।
नोएडा सेंट्रल के एडीसीपी स्वतंत्र सिंह ने बताया कि जांच में पता चला है कि हिंसक आंदोलन के लिए रची गई साजिश में योगेश महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था।
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
अप्रैल में श्रमिक आंदोलन को हिंसक बनाने की साजिश में पुलिस ने दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के एलएलबी छात्र योगेश मीणा को गिरफ्तार कर लिया है। मूलरूप से राजस्थान के रहने वाले योगेश के तार आरडब्ल्यूपीआई (रिवोल्यूशनरी वर्कर्स पार्टी ऑफ इंडिया) और दिशा फाउंडेशन से भी जुड़े बताए जा रहे हैं। वह डीयू छात्रसंघ के अध्यक्ष पद का चुनाव भी लड़ चुका है।
नोएडा सेंट्रल के एडीसीपी स्वतंत्र सिंह ने बताया कि जांच में पता चला है कि हिंसक आंदोलन के लिए रची गई साजिश में योगेश महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था। पुलिस को ऐसे कई डिजिटल और तकनीकी साक्ष्य मिले हैं जिनमें श्रमिकों को उकसाने के सबूत हैं। योगेश सोशल मीडिया और विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ा था। उसने श्रमिकों के बीच भ्रम फैलाया। इससे श्रमिकों में आक्रोश उत्पन्न हुआ।
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उन्होंने बताया कि आरोपी ने सोशल मीडिया पर प्रसारित किया था कि नोएडा पुलिस के एक अधिकारी का चालक श्रमिकों के संपर्क में है और वह आंदोलन से जुड़े लोगों को उकसा रहा है। पुलिस के अनुसार यह दावा पूरी तरह भ्रामक और साजिश का हिस्सा था। जांच के दौरान पुलिस ने कथित चालक अनिल को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पता चला कि अनिल का किसी पुलिस अधिकारी से संबंध नहीं है और न ही वह किसी अधिकारी का चालक है।
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82 स्थानों पर 42 हजार श्रमिकों ने किया था प्रदर्शन
13 अप्रैल को नोएडा में श्रमिकों का आंदोलन हिंसक हो गया था। इस दिन करीब 82 स्थानों पर 42 हजार से अधिक श्रमिकों ने प्रदर्शन किया था। इनमें तीन चार स्थानों पर श्रमिक हिंसक हो गए थे और इस दौरान करीब 400 कंपनियों में तोड़फोड़ की गई। बड़ी संख्या में फैक्टरियों, कार्यालयों और औद्योगिक इकाइयों को नुकसान पहुंचाया गया। उपद्रवियों ने कई स्थानों पर आगजनी भी की जिसके चलते 30 से अधिक वाहन जलकर क्षतिग्रस्त हो गए।
दो आरोपियों पर लगा है एनएसए
इस मामले की जांच में पता चला था कि कई संगठनों ने इस आंदोलन को हिंसक बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। ऐसे कई आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया था और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई भी की गई है। पुलिस का कहना है कि अब तक इस मामले में कई महिलाओं समेत 10 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार योगेश से पूछताछ के आधार पर कई अन्य लोगों के हिंसक आंदोलन में शामिल होने की जानकारी मिली है।