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Noida Protest: वेतन वृद्धि के लिए हिंसक प्रदर्शन की जांच करेगी एसआईटी, जल्द ही और भी हो सकती हैं गिरफ्तारियां
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 23 Apr 2026 03:00 AM IST
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सार
इसका नेतृत्व एडीसीपी स्तर के अधिकारी कर रहे हैं। इसमें 10 से अधिक पुलिसकर्मी शामिल हैं। एसआईटी दर्ज मामलों की जांच कर पुलिस कमिश्नर को रिपोर्ट सौंपेगी।
फ्लैग मार्च करती पुलिस, फाइल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
वेतन वृद्धि की मांग को लेकर 13 अप्रैल को हुए श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन की जांच के लिए गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित कर दी है। इसका नेतृत्व एडीसीपी स्तर के अधिकारी कर रहे हैं। इसमें 10 से अधिक पुलिसकर्मी शामिल हैं। एसआईटी दर्ज मामलों की जांच कर पुलिस कमिश्नर को रिपोर्ट सौंपेगी।
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पुलिस अधिकारियों का दावा है कि एसआईटी बनने से जांच में तेजी आएगी। अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था राजीव नारायण मिश्र ने कहा कि मामले के हर पहलू की जांच चल रही है। हिंसक प्रदर्शन के दौरान मिली जानकारी व तथ्यों का पता लगाया जा रहा है। चिह्नित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए स्वॉट, सीआरटी समेत छह टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा कर रही है। अहम है कि 13 अप्रैल को नोएडा और ग्रेनो में 83 जगह पर प्रदर्शन हुए थे। इनमें 42 हजार से ज्यादा लोग शामिल थे।
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हिंसा में बाहरी तत्वों की भूमिका
पुलिस जांच में सामने आया है कि प्रदर्शन को हिंसक बनाने में बाहरी तत्वों की भूमिका थी। इस मामले में अब तक 11 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। इनमें 2000 से अधिक अज्ञात के शामिल होने की बात कही गई है। मामले में मुख्य आरोपी आदित्य आनंद समेत 62 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
महिलाओं को दिया कैमरे पर कपड़ा डालने का प्रशिक्षण
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि प्रदर्शन के दौरान सीसीटीवी कैमरों को निष्क्रिय करने के लिए महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया था। फुटेज में महिलाएं कैमरों पर कपड़ा डालती दिखाई दे रही हैं। पुलिस को एक ऑडियो और मैसेज भी मिला है जिसमें गोली चलाने की बात कही गई थी। ऐसी आशंका है कि आंदोलन की आड़ में नोएडा में औद्योगिक उत्पादन को पूरी तरह ठप करने की साजिश रची गई थी।
आदित्य की रिमांड 7 दिन की मांगी, सुनवाई 24 को
पुलिस ने मास्टरमाइंड आदित्य आनंद की सात दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड मांगी है। इस पर 24 अप्रैल को कोर्ट में सुनवाई होगी। वहीं आरोपी रूपेश राय की साथी मनीषा, आकृति और सृष्टि गुप्ता को भी पुलिस कस्टडी में लेकर पूछताछ की जा रही है। प्रदर्शन में युवतियों की भूमिका समेत अन्य पहलुओं पर पुलिस ने पूछताछ की। युवतियों के आदित्य आनंद से संबंध पर भी पुलिस ने जानकारी जुटाई है। पूछताछ में कुछ अहम सुराग पुलिस के हाथ लगे हैं। यह भी पता चला है कि मजदूर बिगुल संगठन श्रमिकों को भड़काने के लिए अपने आनलाइन पोर्टल का भी इस्तेमाल करता था।
श्रमिकों के लिए जिला अस्पताल में शुरू की गई हेल्प डेस्क
नोएडा। सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल में श्रमिकों के इलाज में आ रही परेशानियों को दूर करने के लिए श्रमिक सहायता डेस्क शुरू किए गए हैं। अस्पताल की सीएमएस डॉ. अजय राणा ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर दो सहायता डेस्क शुरू किए गए हैं। इसमें एक रजिस्ट्रेशन काउंटर के पास और दूसरा इमरजेंसी में है।
गूगल से मांगी जानकारी, डिजिटल साक्ष्यों की होगी जांच
पुलिस ने आरोपियों से बरामद मोबाइल और लैपटॉप से कई जानकारियां हासिल की है। डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने के लिए गूगल से जानकारी मांगी गई है। सभी डिजिटल साक्ष्यों की जांच होगी। इसके साथ ही एक्स हैंडल की जांच जारी है जिसे पाकिस्तान से संचालित किया जा रहा था। इसी हैंडल के जरिये हिंसा भड़काई गई थी।

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