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Noida News: कन्या पूजन के लिए जा रहीं 10 बच्चियां एक घंटे तक लिफ्ट में फंसीं
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हिमालय प्राईड सोसाइटी की घटना, लोगों का आरोप अलार्म बजाने के बावजूद नहीं मिली मदद, एक-एक युवक और महिला भी थे साथ
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट स्थित हिमालय प्राईड सोसाइटी के टावर-ए में शुक्रवार को लिफ्ट अटक गई। इसमें कन्या पूजन के लिए जा रहे 10 बच्चियों समेत 12 लोग करीब एक घंटे तक फंसे रहे। इस दौरान बच्चियां डरकर चिल्लाने लगीं। इससे घबराहट का माहौल बन गया। सभी मदद के लिए शोर मचाने लगे। उन्होंने बताया कि लिफ्ट के अंदर सांस लेने में भी परेशानी हुई। आरोप है कि अलार्म बटन दबाने के बावजूद काफी देर तक कोई सहायता नहीं मिली।
एओए अध्यक्ष सीमा भंडारी ने बताया कि तीसरे फ्लोर पर लिफ्ट अटकी थी। लिफ्ट में करीब 10 बच्चियां, एक-एक युवक और महिला फंसे थे। थोड़ी देर तक बाद भी जब गेट नहीं खुला तो उन्होंने सिक्योरिटी अलार्म बजाया लेकिन कोई मदद नहीं मिली। इस पर वे घबराने लगे और चिल्लाकर मदद मांगने लगे।
बच्चों के रोने की आवाज सुनकर मंजिल पर मौजूद लोगों को लिफ्ट टकने का पता चला। उन्होंने तुरंत मेंटेनेंस प्रबंधन को इसकी सूचना दी। करीब एक घंटे के बाद बच्चों को सुरक्षित बाहर निकला गया। इस दौरान लिफ्ट में बंद होने के कारण बच्चियों को सांस लेने में कठिनाई और घबराहट हो रही थी। इसके लोगों ने बिसरख कोतवाली में बिल्डर प्रबंधन के खिलाफ लिफ्ट का रखरखाव न करने की शिकायत की।
1,100 परिवार रहते हैं सोसाइटी में
सोसाइटी में करीब 1100 परिवार रहते हैं। निवासी इला भटनागर ने बताया कि सोसाइटी में कोई भी कर्मचारी लिफ्ट खोलने के लिए मौजूद नहीं था। मेंटेनेंस ऑफिस में लिफ्ट को खोलने के लिए चाबी भी नहीं थी। कर्मचारियों की इस लापरवाही की वजह से ही करीब एक घंटे तक बच्चों समेत अन्य लोग भी फंसे रहे।
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ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट स्थित हिमालय प्राईड सोसाइटी के टावर-ए में शुक्रवार को लिफ्ट अटक गई। इसमें कन्या पूजन के लिए जा रहे 10 बच्चियों समेत 12 लोग करीब एक घंटे तक फंसे रहे। इस दौरान बच्चियां डरकर चिल्लाने लगीं। इससे घबराहट का माहौल बन गया। सभी मदद के लिए शोर मचाने लगे। उन्होंने बताया कि लिफ्ट के अंदर सांस लेने में भी परेशानी हुई। आरोप है कि अलार्म बटन दबाने के बावजूद काफी देर तक कोई सहायता नहीं मिली।
एओए अध्यक्ष सीमा भंडारी ने बताया कि तीसरे फ्लोर पर लिफ्ट अटकी थी। लिफ्ट में करीब 10 बच्चियां, एक-एक युवक और महिला फंसे थे। थोड़ी देर तक बाद भी जब गेट नहीं खुला तो उन्होंने सिक्योरिटी अलार्म बजाया लेकिन कोई मदद नहीं मिली। इस पर वे घबराने लगे और चिल्लाकर मदद मांगने लगे।
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बच्चों के रोने की आवाज सुनकर मंजिल पर मौजूद लोगों को लिफ्ट टकने का पता चला। उन्होंने तुरंत मेंटेनेंस प्रबंधन को इसकी सूचना दी। करीब एक घंटे के बाद बच्चों को सुरक्षित बाहर निकला गया। इस दौरान लिफ्ट में बंद होने के कारण बच्चियों को सांस लेने में कठिनाई और घबराहट हो रही थी। इसके लोगों ने बिसरख कोतवाली में बिल्डर प्रबंधन के खिलाफ लिफ्ट का रखरखाव न करने की शिकायत की।
1,100 परिवार रहते हैं सोसाइटी में
सोसाइटी में करीब 1100 परिवार रहते हैं। निवासी इला भटनागर ने बताया कि सोसाइटी में कोई भी कर्मचारी लिफ्ट खोलने के लिए मौजूद नहीं था। मेंटेनेंस ऑफिस में लिफ्ट को खोलने के लिए चाबी भी नहीं थी। कर्मचारियों की इस लापरवाही की वजह से ही करीब एक घंटे तक बच्चों समेत अन्य लोग भी फंसे रहे।