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Noida News: ऑनलाइन इश्क के नाम पर लूट, डेटिंग ऐप गैंग का पर्दाफाश
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- कोतवाली सेक्टर-113 पुलिस ने तीन बदमाशों को किया गिरफ्तार
- गिरोह के बदमाशों ने 60 से अधिक वारदात को दिया अंजाम, की कार्रवाई
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। ऑनलाइन डेटिंग एप ग्राइंडर के माध्यम से फंसाकर युवकों से ठगी और लूट करने वाले गिरोह का कोतवाली सेक्टर-113 पुलिस ने पर्दाफाश किया है। कोतवाली पुलिस ने सोमवार को इस गिरोह के सरगना समेत तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। इन बदमाशों ने एनसीआर में 60 से अधिक वारदात को अंजाम दिया है। इनके पास से पुलिस ने 30 हजार रुपये नकद, चार मोबाइल फोन, एक बिना नंबर प्लेट की कार, एक सोने की चेन और कार की दो नंबर प्लेट बरामद की हैं। आरोपियों की पहचान बिहार निवासी शिवम झा, सागर ठाकुर और उत्तराखंड के अल्मोड़ा के नाकोर निवासी कमल के रूप में हुई है।
एडिशनल डीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि कोतवाली सेक्टर-113 के प्रभारी विपिन कुमार ने नेतृत्व में पुलिस टीम ने तीन बदमाशों को सेक्टर-76 से गिरफ्तार किया है। तीनों होशियारपुर में रहते हैं। तीनों मिलकर एक संगठित गैंग का संचालन करते हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ऑनलाइन डेटिंग एप (ग्राइंडर) का इस्तेमाल करते थे। इसके लिए एप पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर युवकों से दोस्ती करते थे। इसके बाद वे उन्हें मिलने के लिए किसी सुनसान या तय स्थान पर बुलाते थे। जब पीड़ित मिलने आता था, तो आरोपी उसे अपनी कार में बैठा लेते थे। कार में बैठाने के बाद आरोपी पीड़ित को डराते-धमकाते थे और उसके साथ मारपीट भी करते थे। फिर उससे जबरन ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करवा लेते थे।
कई मामलों में ये लोग पीड़ित का मोबाइल और अन्य सामान भी छीन लेते थे। वारदात के समय आरोपी जिस कार का इस्तेमाल करते थे, उसकी नंबर प्लेट हटा देते थे, ताकि उनकी पहचान न हो सके। हाल में इस गिरोह ने एक इंजीनियर को दोस्ती के बहाने सेक्टर-76 में मिलने के लिए बुलाया था। मिलने के बाद तीनों आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और करीब एक लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए। आरोपियों ने इन रुपयों में से करीब 55 हजार रुपये का मोबाइल फोन खरीद लिया और लगभग 13 हजार रुपये शराब में खर्च कर दिए गए।
सरगना समेत बदमाशों पर दर्ज हैं कई केस : पुलिस की प्राथमिक जांच में पता चला है कि इस गिरोह का सरगना शिवम झा है। इसके साथ पकड़े गए दो अन्य लोग मुख्य सहयोगी हैं। सरगना के खिलाफ नोएडा के अलग-अलग थानों में लूट समेत कई गंभीर धाराओं में करीब आठ प्राथमिकी दर्ज हैं। वह पहले जेल भी जा चुका है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि शिवम झा ने करीब डेढ़ महीने पहले एक कार खरीदी थी, जिसका इस्तेमाल इस गैंग द्वारा वारदात करने में किया जाता था।
हर दिन पांच से दस लोगों से करता था दोस्ती : पुलिस पूछताछ में पता चला कि ये बदमाश हर दिन ग्राइंडर एप पर नए नए लोगों से दोस्ती करते थे। हर दिन पांच से दस लोगों से बातचीत करते थे। यह बातचीत कई दिनों तक करते थे। इनमें से एक दो लोग इनके चंगुल में फंस जाते थे। इसके बाद एक निश्चित स्थान पर मिलने के बहाने बुलाकर उनसे ठगी व लूट की वारदात को अंजाम देते थे।
प्रोफाइल मैचिंग के बाद करते हैं चैट :
आरोपी सबसे पहले ग्राइंडर एप पर अपना प्रोफाइल बनाते हैं और हाई प्रोफाइल दिखाने के लिए फर्जी जानकारी डालते हैं। इसके बाद इसी तरह के प्रोफाइल की मैचिंग करते हैं। जब कोई झांसे में आ जाता है तो आरोपी बातचीत करने लगते हैं। अश्लील चैटिंग भी अपने पास ब्लैकमेल करने के लिए रख लेते हैं।
क्या है ग्राइंडर एप : ग्राइंडर एप एक सोशल नेटवर्क है जो समलैंगिक पुरुषों को एक साथ लाता है। इस नेटवर्क पर लोग गुपचुप तरीके से या पहचान बदलकर मिलते हैं। इस पर उपयोगकर्ताओं का लोकेशन भी होता है। एप पर आपस में बात कर सहमति के आधार पर तय स्थान पर मिलते हैं। इस बातचीत के दौरान टेक्स्ट, फोटो, वीडियो भी डाल सकते हैं। इस एप के माध्यम से जो भी शिकार हो जाते हैं। वह अपनी बदनामी के डर से पुलिस से शिकायत नहीं कर पाते हैं।
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- गिरोह के बदमाशों ने 60 से अधिक वारदात को दिया अंजाम, की कार्रवाई
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। ऑनलाइन डेटिंग एप ग्राइंडर के माध्यम से फंसाकर युवकों से ठगी और लूट करने वाले गिरोह का कोतवाली सेक्टर-113 पुलिस ने पर्दाफाश किया है। कोतवाली पुलिस ने सोमवार को इस गिरोह के सरगना समेत तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। इन बदमाशों ने एनसीआर में 60 से अधिक वारदात को अंजाम दिया है। इनके पास से पुलिस ने 30 हजार रुपये नकद, चार मोबाइल फोन, एक बिना नंबर प्लेट की कार, एक सोने की चेन और कार की दो नंबर प्लेट बरामद की हैं। आरोपियों की पहचान बिहार निवासी शिवम झा, सागर ठाकुर और उत्तराखंड के अल्मोड़ा के नाकोर निवासी कमल के रूप में हुई है।
एडिशनल डीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि कोतवाली सेक्टर-113 के प्रभारी विपिन कुमार ने नेतृत्व में पुलिस टीम ने तीन बदमाशों को सेक्टर-76 से गिरफ्तार किया है। तीनों होशियारपुर में रहते हैं। तीनों मिलकर एक संगठित गैंग का संचालन करते हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ऑनलाइन डेटिंग एप (ग्राइंडर) का इस्तेमाल करते थे। इसके लिए एप पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर युवकों से दोस्ती करते थे। इसके बाद वे उन्हें मिलने के लिए किसी सुनसान या तय स्थान पर बुलाते थे। जब पीड़ित मिलने आता था, तो आरोपी उसे अपनी कार में बैठा लेते थे। कार में बैठाने के बाद आरोपी पीड़ित को डराते-धमकाते थे और उसके साथ मारपीट भी करते थे। फिर उससे जबरन ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करवा लेते थे।
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कई मामलों में ये लोग पीड़ित का मोबाइल और अन्य सामान भी छीन लेते थे। वारदात के समय आरोपी जिस कार का इस्तेमाल करते थे, उसकी नंबर प्लेट हटा देते थे, ताकि उनकी पहचान न हो सके। हाल में इस गिरोह ने एक इंजीनियर को दोस्ती के बहाने सेक्टर-76 में मिलने के लिए बुलाया था। मिलने के बाद तीनों आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और करीब एक लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए। आरोपियों ने इन रुपयों में से करीब 55 हजार रुपये का मोबाइल फोन खरीद लिया और लगभग 13 हजार रुपये शराब में खर्च कर दिए गए।
सरगना समेत बदमाशों पर दर्ज हैं कई केस : पुलिस की प्राथमिक जांच में पता चला है कि इस गिरोह का सरगना शिवम झा है। इसके साथ पकड़े गए दो अन्य लोग मुख्य सहयोगी हैं। सरगना के खिलाफ नोएडा के अलग-अलग थानों में लूट समेत कई गंभीर धाराओं में करीब आठ प्राथमिकी दर्ज हैं। वह पहले जेल भी जा चुका है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि शिवम झा ने करीब डेढ़ महीने पहले एक कार खरीदी थी, जिसका इस्तेमाल इस गैंग द्वारा वारदात करने में किया जाता था।
हर दिन पांच से दस लोगों से करता था दोस्ती : पुलिस पूछताछ में पता चला कि ये बदमाश हर दिन ग्राइंडर एप पर नए नए लोगों से दोस्ती करते थे। हर दिन पांच से दस लोगों से बातचीत करते थे। यह बातचीत कई दिनों तक करते थे। इनमें से एक दो लोग इनके चंगुल में फंस जाते थे। इसके बाद एक निश्चित स्थान पर मिलने के बहाने बुलाकर उनसे ठगी व लूट की वारदात को अंजाम देते थे।
प्रोफाइल मैचिंग के बाद करते हैं चैट :
आरोपी सबसे पहले ग्राइंडर एप पर अपना प्रोफाइल बनाते हैं और हाई प्रोफाइल दिखाने के लिए फर्जी जानकारी डालते हैं। इसके बाद इसी तरह के प्रोफाइल की मैचिंग करते हैं। जब कोई झांसे में आ जाता है तो आरोपी बातचीत करने लगते हैं। अश्लील चैटिंग भी अपने पास ब्लैकमेल करने के लिए रख लेते हैं।
क्या है ग्राइंडर एप : ग्राइंडर एप एक सोशल नेटवर्क है जो समलैंगिक पुरुषों को एक साथ लाता है। इस नेटवर्क पर लोग गुपचुप तरीके से या पहचान बदलकर मिलते हैं। इस पर उपयोगकर्ताओं का लोकेशन भी होता है। एप पर आपस में बात कर सहमति के आधार पर तय स्थान पर मिलते हैं। इस बातचीत के दौरान टेक्स्ट, फोटो, वीडियो भी डाल सकते हैं। इस एप के माध्यम से जो भी शिकार हो जाते हैं। वह अपनी बदनामी के डर से पुलिस से शिकायत नहीं कर पाते हैं।