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दूषित पानी की सप्लाई: ग्रेटर नोएडा में अस्पताल पहुंच रहे मरीज...35 साल पुरानी व्यवस्था पर टिकी है जलापूर्ति

माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा Published by: राहुल तिवारी Updated Thu, 08 Jan 2026 11:18 AM IST
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सार

ग्रेटर नोएडा सेक्टर डेल्टा-एक में दूषित पानी से बीमार हुए लोगों के इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम पहुंची। 30 से अधिक लोग दिखाने आए, कुछ उल्टी व दस्त से पीड़ित थे, जो कि दूषित पानी पीने से बीमार हुए हैं।

30 patients fell ill after drinking contaminated water in Delta One of Greater Noida
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : AI
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विस्तार
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ग्रेटर नोएडा के सेक्टर डेल्टा-एक में दूषित पानी की सप्लाई का इस्तेमाल करने से बीमार हुए लोगों के इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डाढ़ा के डॉक्टरों की टीम पहुंची। सेक्टर में डॉक्टरों को दिखाने के लिए 30 से अधिक लोग पहुंचे। जहां टीम को सात से आठ लोग उल्टी व दस्त से पीड़ित मिले। टीम ने उन्हें दवाइयां मुहैया कराईं।

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चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नारायण किशोर ने बताया कि निवासियों की ओर से बताया गया है कि सीवर के गंदे पानी के कारण उनकी तबीयत बिगड़ी थी। उन्हें दवा दी गई है। निवासियों ने बताया कि लोगों ने डर के कारण पानी को पीना बंद कर दिया है। अब वह पानी को बाहर से मांगा कर पी रहे हैं।

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सीवर की ओवरफ्लो लाइनें होने लगी साफ
निवासियों की ओर से लगातार शिकायत दर्ज कराई जा रही थी कि सेक्टर में सीवर ओवरफ्लो हो रहा है। सीवर के ओवरफ्लो होने के कारण पानी की लीकेज लाइन के जरिए घरों में दूषित पानी की सप्लाई हो रही है। प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर कई सेक्टरों में सीवर की सफाई का अभियान चलाया। अधिकारियों का कहना है कि सीवर की सफाई का काम लगातार चलता रहेगा। जिससे निवासियों को राहत मिल सके।

35 साल पुरानी व्यवस्था पर टिकी है जलापूर्ति
शहर को बसाते समय डाली गई पानी की लाइनों के जर्जर होने का खमियाजा निवासियों को भुगतना पड़ रहा है। करीब 35 साल पुरानी लाइनों में लीकेज की समस्या बढ़ गई है। इसके कारण सीवर के दूषित पानी की सप्लाई हो रही है। निवासियों का आरोप है कि दूषित पानी आने के कारण बीमारी फैल रही है। कई बार जिम्मेदारों को शिकायत करने के बाद भी जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं किया गया। 

निवासियों ने बताया कि सीवर के ओवरफ्लो होने पर ड्रेनेज में दूषित पानी डाला जा रहा है। ड्रेनेज में गंदे पानी के आने के कारण घरों में दिनभर बदबू आती है। उन्होंने बताया कि सप्लाई के पानी का दबाव कम आने पर लीकेज होने के कारण घरों में सीवर का पानी आने लगता है। हर दूसरे दिन किसी न किसी सेक्टर में यह समस्या बनी रहती है। सेक्टर अल्फा-2 के महासचिव एनपी सिंह ने बताया कि छह महीने से अधिक समय हो गया है।

सेक्टर में हर घर के सामने सीवर का दूषित पानी भरा हुआ है। ड्रेनेज की सफाई नहीं होने के कारण भी लोगों को परेशानी होती है। डेल्टा-1 निवासी दीपक भाटी ने बताया कि सेक्टर की सीवर लाइन खराब होने पर प्राधिकरण ने लाइन को ड्रेन वाली लाइन में जोड़ दिया। ड्रेन वाली लाइन बिना प्लास्टर की है, जिससे मलमूत्र युक्त पानी लीकेज लाइन के माध्यम से घरों में सप्लाई हो रहा है। जलविभाग के अधिकारी फोटो खींच कर इतिश्री कर लेते हैं लेकिन समस्या जमीन स्तर पर बनी हुई है।
ज्वाइंट में लगा रहे एमसील

निवासियों ने बताया कि लीकेज पर प्राधिकरण के कर्मचारियों की ओर से एमसील के माध्यम से रोका जा रहा है। पानी का दबाव अधिक आने पर एमसील खुल जाती है। जिसके कारण आए दिन हजारों लीटर पानी सेक्टरों में बर्बाद होता है। स्थायी समाधान नहीं होने पर इन्हीं लीकेज से दूषित पानी की सप्लाई सेक्टरों में की जाती है।

हर साल बढ़ रहा 10 प्रतिशत बिल
फेडरेशन ऑफ आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों ने बताया कि शहर में 35 से अधिक सेक्टर व 250 से अधिक सोसाइटियां हैं। इन सेक्टरों व सोसाइटियों से प्राधिकरण की ओर से हर माह पानी का बिल वसूला जा रहा है। लेकिन स्वच्छ जल देने में प्राधिकरण के अधिकारी फेल साबित हो रहे हैं। हर साल मार्च व अप्रैल में 10 प्रतिशत रेट बढ़ा दिए जाते हैं।

पिछले डेढ़ साल से सीवर ओवरफ्लो
निवासियों ने बताया कि पिछले डेढ़ साल से सीवर ओवरफ्लो हो रहा है। कई स्थानों पर गंगाजल पानी और पानी की लाइन टूटी है। लाइन टूटने के कारण गंदा पानी लाइन वापस जाना शुरू हो जाता है,जिसके कारण घरों में गंदा पानी जा सकता है इसकी भी जांच होनी चाहिए। पिछले लगभग 6-7 महीने से गंगाजल लाइन में लीकेज के कारण किसी भी सेक्टर में गंगाजल की आपूर्ति नहीं हो रही है। 

निवासियों को ग्राउंड वॉटर पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। वर्ष 2022 से मुख्यमंत्री के उद्घाटन के बावजूद गंगाजल ग्रेटर नोएडा में कुछ महीने ही आया होगा। क्योंकि गंगाजल चालू होते ही कहीं न कहीं से पाइप लाइन फट जाती है।

ग्रेटर नोएडा में जलापूर्ति की स्थिति
  • 109 नलकूप ग्रेटर नोएडा वेस्ट में
  • 209 नलकूप ग्रेटर नोएडा ईस्ट
  • 976 किमी पेयजल पाइपलाइन
  • 592 किमी ग्रेनो वेस्ट में पेयजल पाइपलाइन

छह माह से गंगाजल लाइन में लीकेज के कारण आपूर्ति नहीं हो रही है। प्राधिकरण के दावों की पोल गंगाजल की पाइनलाइन खोल रही हैं। -हरेंद्र भाटी,आरडब्ल्यूए महासचिव बीटा-1

पुरानी लाइनें जर्जर हो चुकी हैं। हर सेक्टर में लीकेज है। प्राधिकरण पानी के बिल को बढ़ाने के अलावा कुछ नहीं कर रहा है।  -देवेंद्र टाइगर, फेडरेशन ऑफ आरडब्ल्यूए अध्यक्ष

सेक्टर में हर दिन किसी न किसी ब्लॉक में गंदे पानी की सप्लाई हो रही है। लोग बीमार पड़ रहे हैं। जिम्मेदार मौन हैं।  -रूपा गुप्ता, सेक्टर गामा-2

पिछले कई दिनों से सीवर के दूषित पानी की सप्लाई घरों में हो रही है,जिससे काफी लोग बीमार पड़ चुके हैं।  -प्रमोद भाटी,आरडब्ल्यूए अध्यक्ष सेक्टर डेल्टा-1

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