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Noida News: 47 वर्षीय बेटे को थी किडनी की जरूरत, 62 साल की मां बनीं डोनर
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फोटो है
क्रॉनिक किडनी डिजीज से ग्रसित था मरीज सुमित
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। शहर की एक महिला ने फिर साबित कर दिया कि मां आखिर मां होती है। अपने बच्चों की खातिर वह किसी भी रेखा को पार सकती है। कुंतेश (62) ने अपने दिव्यांग बेटे सुमित (47) को किडनी दान दे दी। सेक्टर-50 स्थित एक निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने बेटे सुमित त्यागी का किडनी ट्रांसप्लांट किया है। डॉक्टरों के अनुसार, अब बेटा भी पूरी तरह स्वस्थ है और क्रॉनिक किडनी डिजीज की समस्या से मुक्त है।
सोमवार को हुई प्रेसवार्ता में चिकित्सकों ने बताया कि मरीज सुमित पहले एक सड़क दुर्घटना में अपना दायां पैर खो चुके थे, जिसके कारण यह सर्जरी और भी चुनौतीपूर्ण हो गई। उनकी मेडिकल हिस्ट्री और शारीरिक परिस्थितियों को देखते हुए यह ट्रांसप्लांट बेहद कॉम्प्लेक्स था। डॉक्टरों ने बताया कि 4-5 वर्षों में उन्हें क्रॉनिक किडनी डिजीज का पता चला और स्थिति गंभीर होती गई। जब स्थिति और बिगड़ी तो डॉक्टरों ने किडनी ट्रांसप्लांट को ही एकमात्र विकल्प बताया। इस मौके पर यूरोलॉजी एवं किडनी ट्रांसप्लांट विभाग के डायरेक्टर डॉ. दुष्यंत नाडार, नेफ्रोलॉजी और किडनी ट्रांसप्लांट विभाग के डायरेक्टर डॉ. मनोज कुमार सिंघल के साथ मरीज और उनकी मां कुंतेश मौजूद रहीं।
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क्रॉनिक किडनी डिजीज से ग्रसित था मरीज सुमित
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। शहर की एक महिला ने फिर साबित कर दिया कि मां आखिर मां होती है। अपने बच्चों की खातिर वह किसी भी रेखा को पार सकती है। कुंतेश (62) ने अपने दिव्यांग बेटे सुमित (47) को किडनी दान दे दी। सेक्टर-50 स्थित एक निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने बेटे सुमित त्यागी का किडनी ट्रांसप्लांट किया है। डॉक्टरों के अनुसार, अब बेटा भी पूरी तरह स्वस्थ है और क्रॉनिक किडनी डिजीज की समस्या से मुक्त है।
सोमवार को हुई प्रेसवार्ता में चिकित्सकों ने बताया कि मरीज सुमित पहले एक सड़क दुर्घटना में अपना दायां पैर खो चुके थे, जिसके कारण यह सर्जरी और भी चुनौतीपूर्ण हो गई। उनकी मेडिकल हिस्ट्री और शारीरिक परिस्थितियों को देखते हुए यह ट्रांसप्लांट बेहद कॉम्प्लेक्स था। डॉक्टरों ने बताया कि 4-5 वर्षों में उन्हें क्रॉनिक किडनी डिजीज का पता चला और स्थिति गंभीर होती गई। जब स्थिति और बिगड़ी तो डॉक्टरों ने किडनी ट्रांसप्लांट को ही एकमात्र विकल्प बताया। इस मौके पर यूरोलॉजी एवं किडनी ट्रांसप्लांट विभाग के डायरेक्टर डॉ. दुष्यंत नाडार, नेफ्रोलॉजी और किडनी ट्रांसप्लांट विभाग के डायरेक्टर डॉ. मनोज कुमार सिंघल के साथ मरीज और उनकी मां कुंतेश मौजूद रहीं।
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