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Noida News: एक्सप्रेसवे मेट्रो स्टेशनों पर शाम ढलते ही ऑटो का टोटा
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-फोटो
- सेक्टर 142 और 148 मेट्रो स्टेशन पर उतरते हैं अधिकांश लोग, ऑटो न मिलने पर जाना पड़ता है पैदल,
नोएडा। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे किनारे स्थित मेट्रो स्टेशनों पर शाम होते ही ऑटो और ई-रिक्शा का संकट गहराने लगता है। शाम के समय मेट्रो से उतरकर घर पहुंचने में लोगों को खासा परेशानी होती है। काफी इंतजार करने के बाद भी कोई साधन नहीं मिलता है।
नोएडा को एक मॉडल के रूप में तैयार तो कर दिया गया लेकिन सुविधाएं अब भी अधूरी हैं। करोड़ों की कीमत के फ्लैट होने के बाद भी परिवहन व्यवस्था लचर है। नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे के किनारे एक्वा लाइन मेट्रो का संचालन होता है। एक्सप्रेसवे के दूसरे छोर पर अब आबादी बढ़ गई है। मेट्रो स्टेशन से उतरने के बाद घर पहुंचने तक साधन की व्यवस्था नहीं है। सेक्टर 142, 144, 147 और 148 मेट्रो स्टेशन के बाहर शाम के समय ऑटो- ई रिक्शा का अकाल रहता है। परेशानी तब और बढ़ जाती है जब समय बारिश का हो। प्रतीक कैनेरी सोसाइटी के रहने वाले आशीष धामा ने बताया कि कई बार मेट्रो स्टेशन पर उतरने के बाद साधन नहीं मिलता है। एग्जॉटिका फ्रेस्को सोसाइटी के निवासी विनीत श्रीवास्तव ने बताया कि सेक्टर 142 मेट्रो स्टेशन से कोई ऑटो नहीं मिलता है।
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बमुश्किल मिलती है ऑनलाइन कैब
रात के समय ऑनलाइन कैब व बाइक भी आसानी से बुक नहीं होती। जिसके चलते लोगों को मेट्रो स्टेशन से घर तक का सफर पैदल ही तय करना पड़ता है। महिलाएं और वरिष्ठ नागरिक इस स्थिति में और भी असुरक्षित महसूस करते हैं। स्थानीय निवासियों ने ऑटो और ई-रिक्शा की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है।
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इन मेट्रो स्टेशन से जुड़े हैं ये क्षेत्र
सेक्टर 142 मेट्रो स्टेशन से लॉजिक्स ब्लॉसम काउंटी, लोटस जिंग, एग्जॉटिका फ्रेस्को, होम्स रिज रेजिडेंसी, निंबस द गोल्डन पाम, द ग्रैंड अरिस्टा सोसाइटी और सेक्टर - 167 के निवासी उतरते हैं। सेक्टर -147 मेट्रो स्टेशन से बदौली खादर और सेक्टर -155 के लोग उतरते हैं। सेक्टर 148 मेट्रो स्टेशन पर महागुण मीडोज, एस पार्कवे, अंतरिक्ष गोल्फ सिटी सेक्टर -150, समृद्धि लग्जरिया एवेन्यू, और प्रतीक कैनेरी के निवासी सफर करते हैं। ब्यूरो
काव्यांश मिश्रा
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- सेक्टर 142 और 148 मेट्रो स्टेशन पर उतरते हैं अधिकांश लोग, ऑटो न मिलने पर जाना पड़ता है पैदल,
नोएडा। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे किनारे स्थित मेट्रो स्टेशनों पर शाम होते ही ऑटो और ई-रिक्शा का संकट गहराने लगता है। शाम के समय मेट्रो से उतरकर घर पहुंचने में लोगों को खासा परेशानी होती है। काफी इंतजार करने के बाद भी कोई साधन नहीं मिलता है।
नोएडा को एक मॉडल के रूप में तैयार तो कर दिया गया लेकिन सुविधाएं अब भी अधूरी हैं। करोड़ों की कीमत के फ्लैट होने के बाद भी परिवहन व्यवस्था लचर है। नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे के किनारे एक्वा लाइन मेट्रो का संचालन होता है। एक्सप्रेसवे के दूसरे छोर पर अब आबादी बढ़ गई है। मेट्रो स्टेशन से उतरने के बाद घर पहुंचने तक साधन की व्यवस्था नहीं है। सेक्टर 142, 144, 147 और 148 मेट्रो स्टेशन के बाहर शाम के समय ऑटो- ई रिक्शा का अकाल रहता है। परेशानी तब और बढ़ जाती है जब समय बारिश का हो। प्रतीक कैनेरी सोसाइटी के रहने वाले आशीष धामा ने बताया कि कई बार मेट्रो स्टेशन पर उतरने के बाद साधन नहीं मिलता है। एग्जॉटिका फ्रेस्को सोसाइटी के निवासी विनीत श्रीवास्तव ने बताया कि सेक्टर 142 मेट्रो स्टेशन से कोई ऑटो नहीं मिलता है।
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बमुश्किल मिलती है ऑनलाइन कैब
रात के समय ऑनलाइन कैब व बाइक भी आसानी से बुक नहीं होती। जिसके चलते लोगों को मेट्रो स्टेशन से घर तक का सफर पैदल ही तय करना पड़ता है। महिलाएं और वरिष्ठ नागरिक इस स्थिति में और भी असुरक्षित महसूस करते हैं। स्थानीय निवासियों ने ऑटो और ई-रिक्शा की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है।
इन मेट्रो स्टेशन से जुड़े हैं ये क्षेत्र
सेक्टर 142 मेट्रो स्टेशन से लॉजिक्स ब्लॉसम काउंटी, लोटस जिंग, एग्जॉटिका फ्रेस्को, होम्स रिज रेजिडेंसी, निंबस द गोल्डन पाम, द ग्रैंड अरिस्टा सोसाइटी और सेक्टर - 167 के निवासी उतरते हैं। सेक्टर -147 मेट्रो स्टेशन से बदौली खादर और सेक्टर -155 के लोग उतरते हैं। सेक्टर 148 मेट्रो स्टेशन पर महागुण मीडोज, एस पार्कवे, अंतरिक्ष गोल्फ सिटी सेक्टर -150, समृद्धि लग्जरिया एवेन्यू, और प्रतीक कैनेरी के निवासी सफर करते हैं। ब्यूरो
काव्यांश मिश्रा