{"_id":"69dba34399827740cc02def4","slug":"baisakhi-festival-is-a-confluence-of-faith-history-and-happiness-grnoida-news-c-23-1-lko1064-92144-2026-04-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: आस्था, इतिहास और खुशियों का संगम बैसाखी पर्व","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: आस्था, इतिहास और खुशियों का संगम बैसाखी पर्व
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। शहर में मंगलवार को बैसाखी पर्व धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। सिख धर्म और कृषि परंपरा से जुड़े इस प्रमुख त्योहार को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। सुबह से ही गुरुद्वारों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेंगी, जहां लोग मत्था टेककर गुरु गोविंद सिंह को याद करेंगे। वहीं, घरों में नए-नए स्वादिष्ट पकवान तैयार किए जाएंगे। शाम को समुदाय के लोग एकत्रित होकर पारंपरिक गिद्दा और भांगड़ा का आयोजन किया जाएगा।
शहर के सेक्टर अल्फा दो स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु नानक देव दरबार और नॉलेज पार्क स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु कलगीधर सिंह सभा में बैसाखी के पर्व को लेकर मंगलवार को समागम होगा। गुरुद्वारों में सुबह 6 बजे से कार्यक्रम की शुरू हो जाएंगे और नौ बजे कथा, कीर्तन की शुरुआत होगी। दोपहर बाद लंगर का आयोजन होगा। इसके बाद अरदास दी जाएगी। उसके बाद फिर से कीर्तन, चौकी का आयोजन होगा। दरअसल, बैसाखी का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व भी बेहद खास है।
शाम के समय शहर में पारंपरिक गिद्दा और भांगड़ा के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही गुरुद्वारों में कीर्तन और लंगर का आयोजन भी किया जा रहा है, जहां बड़ी संख्या में लोग भाग लेंगे।
-- -- -- -
बैसाखी का दिन हमारे लिए बहुत खास होता है। हम गुरुद्वारे में जाकर सेवा करते हैं और खुशी बांटते हैं। इसका काफी उत्साह रहता है। - अवतार सिंह।
लंगर और कीर्तन में शामिल होकर एक अलग ही सुकून मिलता है। यही इस त्योहार की सबसे बड़ी खूबसूरती है। इसका कोई मोल नहीं है। - दिलजीत सिंह
Trending Videos
ग्रेटर नोएडा। शहर में मंगलवार को बैसाखी पर्व धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। सिख धर्म और कृषि परंपरा से जुड़े इस प्रमुख त्योहार को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। सुबह से ही गुरुद्वारों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेंगी, जहां लोग मत्था टेककर गुरु गोविंद सिंह को याद करेंगे। वहीं, घरों में नए-नए स्वादिष्ट पकवान तैयार किए जाएंगे। शाम को समुदाय के लोग एकत्रित होकर पारंपरिक गिद्दा और भांगड़ा का आयोजन किया जाएगा।
शहर के सेक्टर अल्फा दो स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु नानक देव दरबार और नॉलेज पार्क स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु कलगीधर सिंह सभा में बैसाखी के पर्व को लेकर मंगलवार को समागम होगा। गुरुद्वारों में सुबह 6 बजे से कार्यक्रम की शुरू हो जाएंगे और नौ बजे कथा, कीर्तन की शुरुआत होगी। दोपहर बाद लंगर का आयोजन होगा। इसके बाद अरदास दी जाएगी। उसके बाद फिर से कीर्तन, चौकी का आयोजन होगा। दरअसल, बैसाखी का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व भी बेहद खास है।
विज्ञापन
विज्ञापन
शाम के समय शहर में पारंपरिक गिद्दा और भांगड़ा के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही गुरुद्वारों में कीर्तन और लंगर का आयोजन भी किया जा रहा है, जहां बड़ी संख्या में लोग भाग लेंगे।
बैसाखी का दिन हमारे लिए बहुत खास होता है। हम गुरुद्वारे में जाकर सेवा करते हैं और खुशी बांटते हैं। इसका काफी उत्साह रहता है। - अवतार सिंह।
लंगर और कीर्तन में शामिल होकर एक अलग ही सुकून मिलता है। यही इस त्योहार की सबसे बड़ी खूबसूरती है। इसका कोई मोल नहीं है। - दिलजीत सिंह