फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Consent for 50 percent of the samples is mandatory to seek a time extension of more than 12 months

Noida News: 12 माह से अधिक समय विस्तार मांगा तो 50 प्रतिशत खरीदारों की सहमति जरूरी

Mon, 17 Aug 2026 09:18 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 17 Aug 2026 09:18 PM IST
विज्ञापन
Consent for 50 percent of the samples is mandatory to seek a time extension of more than 12 months
12 माह से अधिक समय विस्तार मांगा तो 50 प्रतिशत खरीदारों की सहमति जरूरी
विज्ञापन

-यूपी रेरा ने ऑनलाइन वेबिनार का आयोजन कर बिल्डरों को पढ़ाया नियमों का पाठ, दी चेतावनी
-हर तीन माह में प्रोजेक्ट की प्रोग्रेस रिपोर्ट नहीं दी तो फिर 15 हजार रुपये देना होगा जुर्माना
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण ने शनिवार को बिल्डरों के साथ ऑनलाइन वेबिनार किया। जहां बिल्डरों को यूपी रेरा के नियमों का पालन करने की सख्त हिदायत दी है। 12 माह से अधिक समय विस्तार के नियमों को सख्त किया गया है। बताया कि अगर किसी बिल्डर को 12 माह से अधिक का समय विस्तार मांगा तो उनको 50 प्रतिशत से अधिक खरीदारों की सहमति देनी होगी। प्रोजेक्ट में खर्च का हिसाब कम राशि के नियम से किया जाएगा।

यूपी रेरा के अफसरों ने बताया कि प्रोजेक्ट के निर्माण में कम राशि का नियम अपनाया जाएगा। इंजीनियर के प्रमाण पत्र में खर्च की गणना दी जाएगी। उसमें स्थल पर वास्तव में किए गए कार्य के मूल्य या खर्च की गई राशि में से जो कम होगी, उसकी गणना की जाएगी। उदाहरण के तौर पर अगर बिल्डर के खाते में 1.20 करोड़ रुपये खर्च दिखाया है और स्थल पर हुए कार्य की कीमत 90 लाख रुपये है तो स्वीकृत धनराशि 90 लाख मानी जाएगी।
विज्ञापन

इसी तरह अगर स्थल पर 1.10 करोड़ का काम हुआ है लेकिन खाते में 85 लाख रुपये दिखाया गया है। इसमें 85 लाख को आधार माना जाएगा। वहीं काफी बिल्डर समय विस्तार की मांग कर रहे है लेकिन अगर किसी प्रोजेक्ट में 12 माह से अधिक का समय मांगा गया तो फिर बिल्डर को 50 प्रतिशत खरीदारों की सहमति देनी होगी। वहीं अफसरों ने बताया कि बैंक खातों से पैसा निकलने में सावधानी बरतनी होगी। प्रमाण पत्रों में शेष धनराशि व बैंक खाते में मौजूद धनराशि का आपस में मिलान होना जरूरी है। अगर अंतर मिलता है इसे तो विसंगति के रूप में देखा जाएगा। हर वित्तीय वर्ष की ऑडिट रिपोर्ट वित्तीय वर्ष समाप्त होने के छह के अंदर देनी होगी। अगर ऐसा नहीं किया तो फिर 25 रुपये के विलंब शुल्क के साथ एक माह की देरी से कर सकते है।
विज्ञापन
विज्ञापन

हर तीन माह में प्रोजेक्ट रिपोर्ट देनी जरूरी

यूपी रेरा के अफसरों ने बताया कि हर प्रोजेक्ट की तिमाही प्रोग्रेस रिपोर्ट देनी होती है। जो तिमाही समाप्त होने के बाद 15 दिन के अंदर देनी होती है। बिल्डरों को समय पर क्यूपीआर देने की हिदायत दी है। क्यूपीआर में भौतिक और वित्तीय कार्यों की वास्तविक प्रगति देनी होती है। इसमें आर्किटेक्ट, इंजीनियर और चार्टर्ड अकाउंटेंट के प्रमाणपत्र भी लगाने होते है। रिपोर्ट जमा नहीं करने पर 15 हजार का जुर्माना लगेगा। अगर लगातार दो रिपोर्ट नहीं दी तो फिर कारण बताओ नोटिस जारी होगा। वहीं प्रोजेक्ट की निगरानी में आर्किटेक्ट, इंजीनियर और चार्टर्ड अकाउंटेंट की रिपोर्ट देनी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed