{"_id":"6a526c5dc2b9bb8f6f020867","slug":"coy-will-pay-insured-amount-for-vehicle-damaged-in-accident-noida-news-c-23-1-lko1064-99874-2026-07-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: हादसे में क्षतिग्रस्त हुए वाहन की बीमित राशि देगी कंपनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: हादसे में क्षतिग्रस्त हुए वाहन की बीमित राशि देगी कंपनी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला उपभोक्ता आयोग
ग्रेटर नोएडा (संवाद)। बीमित वाहन के हादसे में क्षतिग्रस्त होने पर बीमा कंपनी को क्षतिपूर्ति देनी होगी। जिला उपभोक्ता आयोग ने वाहन के क्षतिग्रस्त होने पर 5,91,869 रुपये 6 फीसदी ब्याज समेत 30 दिन में भुगतान करने का आदेश आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड को दिया है। कंपनी को पांच-पांच हजार रुपये मानसिक संताप और वाद व्यय के देने होंगे।
दादरी के बढ़पुरा निवासी अनिल भाटी की कार की बीमा 30 दिसंबर 2018 तक वैध था। सात मई 2018 को कार पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर डिवाइडर से टकराकर क्षतिग्रस्त हो गई, जिसमें सवार दीपक और मलखान की मौत हो गई थी, वहीं अंकुर, लोकेश और चालक अनिल भाटी को चोटें आई। हादसे की सूचना टोलफ्री नंबर पर बीमा कंपनी को दी गई। कंपनी के कर्मचारी ने सादा पेपर से हस्ताक्षर के बाद क्लेम राशि का भुगतान जल्द मिलने का आश्वासन दिया, लेकिन 15 फरवरी 2019 को बताया गया कि उनको क्लेम नहीं दिया जाएगा। इसके बाद पीड़ित ने आयोग का रुख किया।
विज्ञापन
ग्रेटर नोएडा (संवाद)। बीमित वाहन के हादसे में क्षतिग्रस्त होने पर बीमा कंपनी को क्षतिपूर्ति देनी होगी। जिला उपभोक्ता आयोग ने वाहन के क्षतिग्रस्त होने पर 5,91,869 रुपये 6 फीसदी ब्याज समेत 30 दिन में भुगतान करने का आदेश आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड को दिया है। कंपनी को पांच-पांच हजार रुपये मानसिक संताप और वाद व्यय के देने होंगे।
दादरी के बढ़पुरा निवासी अनिल भाटी की कार की बीमा 30 दिसंबर 2018 तक वैध था। सात मई 2018 को कार पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर डिवाइडर से टकराकर क्षतिग्रस्त हो गई, जिसमें सवार दीपक और मलखान की मौत हो गई थी, वहीं अंकुर, लोकेश और चालक अनिल भाटी को चोटें आई। हादसे की सूचना टोलफ्री नंबर पर बीमा कंपनी को दी गई। कंपनी के कर्मचारी ने सादा पेपर से हस्ताक्षर के बाद क्लेम राशि का भुगतान जल्द मिलने का आश्वासन दिया, लेकिन 15 फरवरी 2019 को बताया गया कि उनको क्लेम नहीं दिया जाएगा। इसके बाद पीड़ित ने आयोग का रुख किया।
विज्ञापन