यूपी में छात्रवृत्ति घोटाले की आशंका!: पोर्टल पर 115 स्कूलों का डाटा मिला निष्क्रिय, डुप्लीकेट लॉगिन भी मिले
जिला विद्यालय निरीक्षक चंद्र शेखर ने बताया कि जिला समाज कल्याण अधिकारी की ओर से छात्रवृत्ति योजना के मास्टर डाटा में प्रदर्शित विद्यालयों के नामों का परीक्षण किया गया। इसमें बड़ी संख्या में ऐसे विद्यालय मिले, जिनका अब योजना में सक्रिय संचालन नहीं हो रहा है। कुछ मामलों में एक ही विद्यालय के एक से अधिक लॉगिन भी बने हुए हैं।
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गौतम बुद्ध नगर में छात्रवृत्ति योजना के मास्टर डाटा में बड़ी संख्या में विद्यालयों के निष्क्रिय और डुप्लीकेट लॉगिन सामने आए हैं। जांच में पता चला है कि पूर्वदशम कक्षा 9-10 छात्रवृत्ति योजना के मास्टर डाटा में दर्ज 175 विद्यालयों में केवल करीब 60 विद्यालय ही पिछले वर्षों से सक्रिय हैं। इसी तरह दशमोत्तर कक्षा 11-12 छात्रवृत्ति योजना के 133 विद्यालयों में केवल करीब 55 विद्यालय ही सक्रिय मिले हैं। बाकी विद्यालय या तो निष्क्रिय हो चुके हैं या एक ही विद्यालय के एक से अधिक लॉगिन बने हुए हैं।
जिला समाज कल्याण अधिकारी की ओर से जिला विद्यालय निरीक्षक को यह जानकारी दी गई है। जिला विद्यालय निरीक्षक चंद्र शेखर ने बताया कि जिला समाज कल्याण अधिकारी की ओर से छात्रवृत्ति योजना के मास्टर डाटा में प्रदर्शित विद्यालयों के नामों का परीक्षण किया गया। इसमें बड़ी संख्या में ऐसे विद्यालय मिले, जिनका अब योजना में सक्रिय संचालन नहीं हो रहा है। कुछ मामलों में एक ही विद्यालय के एक से अधिक लॉगिन भी बने हुए हैं।
उन्होंने बताया कि छात्रवृत्ति योजना की समीक्षा अब सीएमओ डैशबोर्ड की रैंकिंग के आधार पर शासन और जिला स्तर पर की जा रही है। मास्टर डाटा में फर्जी तरीके से अधिक विद्यालय प्रदर्शित होने से जिले की रैंकिंग प्रभावित हो सकती है। इसी को देखते हुए निष्क्रिय और डुप्लीकेट विद्यालयों के नाम मास्टर डाटा से हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
छात्रवृत्ति में भी घोटाले की आशंका
छात्रवृत्ति में भी घोटाले की आशंका जताई जा रही है। कुछ विद्यालयों की ओर से छात्रवृत्ति के पात्र छात्र-छात्राओं का आवश्यक डाटा अभी तक पोर्टल पर अपलोड नहीं किया गया है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने सभी विद्यालयों को निर्देश दिया है कि छात्रवृत्ति संबंधी डाटा का तत्काल सत्यापन कर 10 अगस्त तक कार्यालय जिला समाज कल्याण में निष्क्रिय एवं डुप्लीकेट छात्रवृत्ति डाटा पोर्टल पर सबमिट कराना सुनिश्चित करें।
निर्धारित समय के बावजूद पोर्टल पर डाटा अपलोड नहीं करने वाले विद्यालयों के प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी तय की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि लापरवाही के कारण पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति योजना का लाभ नहीं मिलने दिया जाएगा। जिला प्रशासन ने भी छात्रवृत्ति योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही या उदासीनता को गंभीरता से लेने और संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
तीन दिन में देनी होगी जानकारी
उन्होंने बताया कि विद्यालयों से तीन दिन के भीतर रिपोर्ट तलब की गई है। विद्यालयों को यह बताना होगा कि छात्रवृत्ति योजना में कौन-कौन से विद्यालय निष्क्रिय हो चुके हैं और किन विद्यालयों ने एक से अधिक डुप्लीकेट लॉगिन बना रखे हैं। इसके लिए विद्यालय के नाम सहित विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। जानकारी के आधार पर निष्क्रिय और डुप्लीकेट विद्यालयों के नाम मास्टर डाटा से हटाए जाएंगे। इससे छात्रवृत्ति पोर्टल का डाटा अपडेट होने के साथ जिले की रैंकिंग भी प्रभावित होने से बचाई जा सकेगी।