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Noida News: 26 मई को खत्म होगा प्रधानों का कार्यकाल, चुनाव पर अनिश्चतता, तैनात हो सकते प्रशासक
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- होना फैसला, पंचायतों का कार्यकाल बढ़ेगा या तैनात होंगे प्रशासक
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश में 26 मई को पंचायतों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। ऐसे में कार्यकाल बढ़ाने को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। यदि कार्यकाल नहीं बढ़ाया गया, तो ब्लॉक और जिला स्तर के अधिकारियों को प्रशासक नियुक्त किया जाएगा। कार्यकाल समाप्त होने के तुरंत बाद इस पर निर्णय लिया जाना आवश्यक होगा। पंचायत विभाग शासन के आदेश का इंतजार कर रहा है।
गौतमबुद्धनगर में 82 ग्राम पंचायतें है। पंचायतों का कार्यकाल 26 मई को पूरा हो जाएगा। पंचायतों के कार्यकाल के करीब 21 दिन बाकी है। पंचायत चुनाव अभी नहीं हुए हैं। फिलहाल प्रदेश में पंचायत चुनाव कराए जाने की कोई स्पष्ट संभावना नजर नहीं आ रही है। अभी तक समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग नहीं बना है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए मतदाता सूची भी तैयार नहीं हैं। वहीं त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर मामला न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में पंचायत चुनाव होने की संभव नहीं है। ग्राम प्रधान पद का कार्य एडीओ पंचायत चुनाव होने तक संभालते है। ऐसे में कार्यकाल समाप्त होने और चुनाव न होने की स्थिति में पंचायतों का कार्यकाल बढ़ाए जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, अभी तक शासन स्तर पर इस संबंध में कोई आदेश जारी नहीं किया गया है।
चुनाव होने तक तैनात होते है प्रशासक : पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद यदि चुनाव नहीं कराए जाते हैं, तो शासन द्वारा प्रशासकों की नियुक्ति की जाती है। जिला पंचायत में जिलाधिकारी को प्रशासक बनाया जाता है। वहीं, ब्लॉक स्तर पर उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को जिम्मेदारी सौंपी जाती है। ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधान के स्थान पर एडीओ पंचायत को प्रशासक नियुक्त किया जाता है।
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ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश में 26 मई को पंचायतों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। ऐसे में कार्यकाल बढ़ाने को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। यदि कार्यकाल नहीं बढ़ाया गया, तो ब्लॉक और जिला स्तर के अधिकारियों को प्रशासक नियुक्त किया जाएगा। कार्यकाल समाप्त होने के तुरंत बाद इस पर निर्णय लिया जाना आवश्यक होगा। पंचायत विभाग शासन के आदेश का इंतजार कर रहा है।
गौतमबुद्धनगर में 82 ग्राम पंचायतें है। पंचायतों का कार्यकाल 26 मई को पूरा हो जाएगा। पंचायतों के कार्यकाल के करीब 21 दिन बाकी है। पंचायत चुनाव अभी नहीं हुए हैं। फिलहाल प्रदेश में पंचायत चुनाव कराए जाने की कोई स्पष्ट संभावना नजर नहीं आ रही है। अभी तक समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग नहीं बना है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए मतदाता सूची भी तैयार नहीं हैं। वहीं त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर मामला न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में पंचायत चुनाव होने की संभव नहीं है। ग्राम प्रधान पद का कार्य एडीओ पंचायत चुनाव होने तक संभालते है। ऐसे में कार्यकाल समाप्त होने और चुनाव न होने की स्थिति में पंचायतों का कार्यकाल बढ़ाए जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, अभी तक शासन स्तर पर इस संबंध में कोई आदेश जारी नहीं किया गया है।
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चुनाव होने तक तैनात होते है प्रशासक : पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद यदि चुनाव नहीं कराए जाते हैं, तो शासन द्वारा प्रशासकों की नियुक्ति की जाती है। जिला पंचायत में जिलाधिकारी को प्रशासक बनाया जाता है। वहीं, ब्लॉक स्तर पर उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को जिम्मेदारी सौंपी जाती है। ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधान के स्थान पर एडीओ पंचायत को प्रशासक नियुक्त किया जाता है।