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Noida News: महिला को किया डिजिटल अरेस्ट, दो से ऐंठे 43.91 लाख रुपये
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- अक्तूबर के महीने में ठग के खाते में भेजे 24 लाख रुपये, 5 ट्रांजेक्शन के माध्यम से ऐंठ ली रकम
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। मुंबई क्राइम ब्रांच का फर्जी अधिकारी बनकर सरकारी जांच और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फंसाने का डर बनाकर महिला को डिजिटल अरेस्ट कर लिया। इसके जरिये ठगों ने दो महिलाओं से कुल 43.91 लाख रुपये ठग लिए। महिलाओं ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई कराई है जिसके बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
बिसरख निवासी अनीता श्रीवास्तव ने शिकायती पत्र देते हुए बताया कि बीते साल 5 अक्तूबर को ठग ने दूर संचार विभाग का कर्मचारी बनकर महिला को कॉल की। ठग ने पीड़िता के आधार कार्ड से जुड़े मोबाइल नंबर के साइबर अपराध में इस्तेमाल होने का दावा किया। गिरफ्तारी के डर से अनीता ने 7 अक्तूबर को 24 लाख रुपये आरोपी के खाते में भेज दिए। यही नहीं ठग ने महिला को तीन दिन तक डिजिटल अरेस्ट भी रखा।
वहीं दूसरे मामले में सेक्टर-29 निवासी रविकांत चावला के साथ 6 अगस्त को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बनकर ठगी की गई। आरोपी ने रविकांत पर करोड़ों रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया। गिरफ्तारी के डर से उसने आरटीजीएस और यूपीआई के जरिये पांच बार में 19.91 लाख रुपये ट्रांसफर किए। ठगों ने उसके पैन कार्ड और आधार कार्ड की फोटो भी हासिल कर ली। डीसीपी साइबर क्राइम शैव्या गोयल ने बताया प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। मुंबई क्राइम ब्रांच का फर्जी अधिकारी बनकर सरकारी जांच और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फंसाने का डर बनाकर महिला को डिजिटल अरेस्ट कर लिया। इसके जरिये ठगों ने दो महिलाओं से कुल 43.91 लाख रुपये ठग लिए। महिलाओं ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई कराई है जिसके बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
बिसरख निवासी अनीता श्रीवास्तव ने शिकायती पत्र देते हुए बताया कि बीते साल 5 अक्तूबर को ठग ने दूर संचार विभाग का कर्मचारी बनकर महिला को कॉल की। ठग ने पीड़िता के आधार कार्ड से जुड़े मोबाइल नंबर के साइबर अपराध में इस्तेमाल होने का दावा किया। गिरफ्तारी के डर से अनीता ने 7 अक्तूबर को 24 लाख रुपये आरोपी के खाते में भेज दिए। यही नहीं ठग ने महिला को तीन दिन तक डिजिटल अरेस्ट भी रखा।
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वहीं दूसरे मामले में सेक्टर-29 निवासी रविकांत चावला के साथ 6 अगस्त को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बनकर ठगी की गई। आरोपी ने रविकांत पर करोड़ों रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया। गिरफ्तारी के डर से उसने आरटीजीएस और यूपीआई के जरिये पांच बार में 19.91 लाख रुपये ट्रांसफर किए। ठगों ने उसके पैन कार्ड और आधार कार्ड की फोटो भी हासिल कर ली। डीसीपी साइबर क्राइम शैव्या गोयल ने बताया प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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