{"_id":"69da546783426834610dd140","slug":"fir-registered-against-13-officials-including-former-registrar-grnoida-news-c-23-1-lko1064-92052-2026-04-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"सभी के ध्यानार्थ : पूर्व रजिस्ट्रार समेत 13 अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सभी के ध्यानार्थ : पूर्व रजिस्ट्रार समेत 13 अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
विज्ञापन
विज्ञापन
पूर्व रजिस्ट्रार समेत 13 अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में पांच करोड़ रुपये के घोटाले का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में पांच करोड़ रुपये के घोटाले के मामले में पूर्व रजिस्ट्रार डाॅ. विश्वास त्रिपाठी समेत 13 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। विश्वविद्यालय के प्रभारी रजिस्ट्रार सीके सिंह ने इकोटेक कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि अभी तक किसी भी अभियुक्त की गिरफ्तारी नहीं हुई है। आरोप लगाया गया है कि 28 दिसंबर 2020 को गौतमबुद्ध नगर विश्वविद्यालय में डॉ. विश्वास त्रिपाठी ने रजिस्ट्रार का पद ग्रहण किया था। रजिस्ट्रार और डीडीओ के रूप में उन्हें विश्वविद्यालय के सार्वजनिक निधियों पर संरक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। कुलपति के आदेश पर पिछले साल अप्रैल में वित्तीय वर्ष 2024-25 में संबंधित आंतरिक जांच के दौरान बड़े पैमाने पर वित्तीय जालसाजी, धोखाधड़ी और गबन का खुलासा हुआ। छात्रों से शैक्षणिक शुल्क के रूप में मिले पांच करोड़ रुपये सॉफ्टवेयर में दर्ज दिखे लेकिन जीबीयू के आधिकारिक बैंक खातों में इसे दर्ज नहीं किया गया। लेखा अनुभाग के नियमित कर्मचारियों ने डेटा एंट्री के लिए जिम्मेदार आउटसोर्स कर्मचारियों के साथ मिलकर धोखे से जमा की गई फीस की नकली रसीदें जारी कर दीं। इन रसीदों से आई फीस बैंक खातों में नहीं पहुंची थी।
वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए समिति का गठन किया गया था। पुलिस से पूर्व रजिस्ट्रार डाॅ. विश्वास त्रिपाठी, नीरज कुमार तत्कालीन वित्तीय अधिकारी, शैलेंद्र कुमार शर्मा तत्कालीन लेखाधिकारी, मुदित कुमार, विजय प्रताप सिंह, लेखा अनुभाग के संबंधी कार्यालय सहायक मुकेश पंडित, शिव कुमार दत्त, शिवम, संदीप, श्याम, नवीन, सुभाष के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
Trending Videos
गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में पांच करोड़ रुपये के घोटाले का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में पांच करोड़ रुपये के घोटाले के मामले में पूर्व रजिस्ट्रार डाॅ. विश्वास त्रिपाठी समेत 13 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। विश्वविद्यालय के प्रभारी रजिस्ट्रार सीके सिंह ने इकोटेक कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि अभी तक किसी भी अभियुक्त की गिरफ्तारी नहीं हुई है। आरोप लगाया गया है कि 28 दिसंबर 2020 को गौतमबुद्ध नगर विश्वविद्यालय में डॉ. विश्वास त्रिपाठी ने रजिस्ट्रार का पद ग्रहण किया था। रजिस्ट्रार और डीडीओ के रूप में उन्हें विश्वविद्यालय के सार्वजनिक निधियों पर संरक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। कुलपति के आदेश पर पिछले साल अप्रैल में वित्तीय वर्ष 2024-25 में संबंधित आंतरिक जांच के दौरान बड़े पैमाने पर वित्तीय जालसाजी, धोखाधड़ी और गबन का खुलासा हुआ। छात्रों से शैक्षणिक शुल्क के रूप में मिले पांच करोड़ रुपये सॉफ्टवेयर में दर्ज दिखे लेकिन जीबीयू के आधिकारिक बैंक खातों में इसे दर्ज नहीं किया गया। लेखा अनुभाग के नियमित कर्मचारियों ने डेटा एंट्री के लिए जिम्मेदार आउटसोर्स कर्मचारियों के साथ मिलकर धोखे से जमा की गई फीस की नकली रसीदें जारी कर दीं। इन रसीदों से आई फीस बैंक खातों में नहीं पहुंची थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए समिति का गठन किया गया था। पुलिस से पूर्व रजिस्ट्रार डाॅ. विश्वास त्रिपाठी, नीरज कुमार तत्कालीन वित्तीय अधिकारी, शैलेंद्र कुमार शर्मा तत्कालीन लेखाधिकारी, मुदित कुमार, विजय प्रताप सिंह, लेखा अनुभाग के संबंधी कार्यालय सहायक मुकेश पंडित, शिव कुमार दत्त, शिवम, संदीप, श्याम, नवीन, सुभाष के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।