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Noida News: एसी में ब्लास्ट से 21वीं मंजिल के फ्लैट में लगी आग, फायर अलार्म और स्प्रिंकलर नहीं चले
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- सेक्टर-119 स्थित अरण्या सोसाइटी में हादसा, तीन और फ्लैटों को नुकसान, छह दमकल वाहनों की मदद से आग पर काबू
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-119 स्थित अरण्या सोसाइटी में सोमवार सुबह करीब एसी में ब्लास्ट होने से 21वीं मंजिल के फ्लैट में आग लग गई। तेजी से फैली आग ने आसपास की तीन और फ्लैटों को चपेट में ले लिया। निवासियों के मुताबिक आग लगने के दौरान सोसाइटी के फायर अलार्म व स्प्रिंकलर सिस्टम ने काम नहीं किया। मेटेनेंस और दमकल विभाग की टीम ने करीब आधे घंटे में आग पर काबू पा लिया। हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ है।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार चौबे ने बताया कि सोमवार सुबह 8:50 मिनट पर आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल की छह गाड़ियां रवाना कर दी गईं। सोसाइटी की टावर संख्या के 4 के 21वें फ्लोर स्थित सुरेश कुमार महाजन के फ्लैट संख्या 2105 में आग लगी थी। शुरुआती जांच में एसी में ब्लास्ट होने से आग की लगने की बात सामने आई है। मामले की जांच जारी है।
प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ित परिवार का आरोप है कि आग लगने के बाद फायर अलार्म ने समय पर चेतावनी नहीं दी। फ्लैटों में लगे ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर सिस्टम भी नहीं चले। सोसाइटीवासियों का दावा है कि यदि दोनों सिस्टम ठीक से काम करते तो शुरुआती स्तर पर ही आग पर काबू पाया जा सकता था। फ्लैट के मालिक सुरेश ने अग्निशमन टीम को बताया कि आग एसी वाले कमरे से शुरू हुई। कुछ ही देर में आग ने पूरे कमरे को चपेट में ले लिया। कमरे में रखा फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक सामान, घरेलू सामान जल गए। उन्होंने हादसे में करीब 15 लाख रुपये का नुकसान की बात कही है। हादसे के वक्त सुरेश, पत्नी और दोनों बच्चे फ्लैट में थे।
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मेंटेनेंस टीम ने संभाला मोर्चा
आग की सूचना मिलते ही मेंटेनेंस टीम व सिक्योरिटी गार्डों ने बचाव अभियान शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही बिजली की सप्लाई बंद कर दी गई थी। सीढि़यों से लोग नीचे उतारा गया। कर्मचारियों ने लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की। हादसे के दौरान चार फ्लैटों में धुआं भर गया था। आग बुझने के बाद भी करीब एक घंटे तक लोग फ्लैटों में नहीं लौट सके।
निवासियों ने दमकल की देरी पर भी उठे सवाल
हादसे के बाद निवासियों ने दमकल विभाग के पहुंचने में देरी का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि सूचना देने के बाद करीब आधे घंटे तक इंतजार करना पड़ा। हालांकि मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार चौबे ने कहा कि सूचना मिलते ही टीम रवाना कर दी गई थी और आग पर तेजी से काबू पा लिया गया।
फायर सेफ्टी की हो जांच, दोषियों पर करें कार्रवाई
सोसाइटी वासियों का कहना है कि ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। फायर अलार्म और स्प्रिंकलर जैसी व्यवस्था समय पर काम करे तो कई हादसे टाले जा सकते हैं। उन्होंने पूरे परिसर की फायर सेफ्टी व्यवस्था की स्वतंत्र जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। निवाससायें ने फायर अलार्म सिस्टम का तत्काल ऑडिट कराने और सभी टावरों के लगे स्प्रिंकलर और हाइड्रेंट सिस्टम की तकनीकी जांच कराने की बात कही है।
अधूरे फायर फाइटिंग सिस्टम से आग बुझाने के लिए जूझते रहे निवासी
नोएडा। सोसाइटी में सोमवार सुबह लगी आग की घटना से सोसाइटी में आग से अफरातफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए फ्लैट से बाहर भागने लगे। इसी बीच सोसाइटी के कुछ लोग फायर फाइटिंग सिस्टम चलाने के लिए आगे बढ़े। आरोप है कि फायर फाइटिंग सिस्टम सही से काम नहीं कर रहा था। मेंटनेंस विभाग के पास टैंकों में स्टोर पानी की मदद से दमकलकर्मियों की मदद से आग पर काबू पाया।
निवासियों ने बताया कि टावर नंबर 4 में सुबह 8:30 बजे एसी ब्लास्ट होने से आग लग गई। जिस फ्लैट में आग लगी थी वह जलकर राख हो गया। वहां पर कुछ भी नहीं बचा है। घटना के दौरान लिफ्ट भी बंद हो गई थीं। ऐसे में लोगों को भागमभाग में सीढ़ियां चढ़नी पड़ी और अपनी जान बचानी पड़ी। बच्चों और बुजुर्गों को जल्दी-जल्दी बाहर निकाला गया। ब्यूरो
सात साल बाद भी नहीं सुधरी व्यवस्था
निवासियों ने बताया कि सोसाइटी के बिल्डर के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया चल रही है। यहां वर्ष 2019 में आईआरपी नियुक्त हो गए थे। सात साल में आईआरपी ने सोसाइटी की व्यवस्थाएं नहीं सुधारीं। सोसाइटी के 1000 फ्लैट में परिवार रहते हैं लेकिन आजतक सोसाइटी का ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट जारी नहीं हुआ है और फायर फाइटिंग सिस्टम भी अधूरा है।
आईआरपी से की फ्लैट मरम्मत की मांग
निवासियों ने बताया कि सोसाइटी के आईआरपी दो साल के लिए निलंबित कर दिए गए हैं। सोमवार को आग लगने की घटना के बाद निवासियों के एकजुट होकर आईआरपी को फोन किया और फोन पर वार्ता कर जले हुए फ्लैट की मरम्मत करवाने की मांग की। निवासियों का कहना है कि इस पर आईआरपी ने सहमति जताई है। फ्लैट जलने के बाद पीड़ित परिवार की मदद के लिए सोसाइटी के लोग आगे आ गए हैं।
मदद के लिए आगे आए लोग , दूसरे टावर में शिफ्ट हुआ परिवार
परिवार को फिलहाल के लिए टावर नंबर 1 में शिफ्ट कर दिया गया है। जब फ्लैट की मरम्मत हो जाएगी तब वापस शिफ्ट हो जाएंगे। - सुमित शर्मा
आग लगते ही घरों से बुजुर्गों व बच्चों को बाहर निकाला गया। फायर फाइटिंग सिस्टम नहीं चला। मेंटेनेंस विभाग व दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाया। - रजत सिंह
- सोसाइटी के लोगों की मदद से पीड़ित के घर का सामान अरेंज किया जा रहा है। मदद के लिए एक ग्रुप भी बनाया है।- ललिता मैथ्यू
- पीड़ित का पूरा घर जल चुका है। जिससे जो बन पा रहा है वह उनकी मदद कर रहा है। मूलभूल सुविधाएं पूरी की जा रही हैं।- शोभित माथुर
सेक्टर-9 की झुग्गी में लगी आग, पाया काबू
नोएडा। सेक्टर-9 स्थित झुग्गी में सोमवार सुबह आग लगने से अफरातफरी मच गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। समय रहते आग बुझा दिए जाने से बड़ा हादसा टल गया। हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार चौबे ने बताया कि सोमवार सुबह करीब 8:20 बजे कंट्रोल रूम को सेक्टर-9 की झुग्गियों में आग लगने की सूचना मिली। तत्काल तीन फायर टेंडर को मौके पर भेजे गए। जांच में पता चला कि एक झुग्गी में बड़ी मात्रा में कूड़ा-कबाड़ रखा हुआ था, जिसमें आग लग गई। बुझने के बाद पूरे क्षेत्र की जांच की गई ताकि दोबारा आग भडक़ने की आशंका न रहे। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। ब्यूरो
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-119 स्थित अरण्या सोसाइटी में सोमवार सुबह करीब एसी में ब्लास्ट होने से 21वीं मंजिल के फ्लैट में आग लग गई। तेजी से फैली आग ने आसपास की तीन और फ्लैटों को चपेट में ले लिया। निवासियों के मुताबिक आग लगने के दौरान सोसाइटी के फायर अलार्म व स्प्रिंकलर सिस्टम ने काम नहीं किया। मेटेनेंस और दमकल विभाग की टीम ने करीब आधे घंटे में आग पर काबू पा लिया। हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ है।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार चौबे ने बताया कि सोमवार सुबह 8:50 मिनट पर आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल की छह गाड़ियां रवाना कर दी गईं। सोसाइटी की टावर संख्या के 4 के 21वें फ्लोर स्थित सुरेश कुमार महाजन के फ्लैट संख्या 2105 में आग लगी थी। शुरुआती जांच में एसी में ब्लास्ट होने से आग की लगने की बात सामने आई है। मामले की जांच जारी है।
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प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ित परिवार का आरोप है कि आग लगने के बाद फायर अलार्म ने समय पर चेतावनी नहीं दी। फ्लैटों में लगे ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर सिस्टम भी नहीं चले। सोसाइटीवासियों का दावा है कि यदि दोनों सिस्टम ठीक से काम करते तो शुरुआती स्तर पर ही आग पर काबू पाया जा सकता था। फ्लैट के मालिक सुरेश ने अग्निशमन टीम को बताया कि आग एसी वाले कमरे से शुरू हुई। कुछ ही देर में आग ने पूरे कमरे को चपेट में ले लिया। कमरे में रखा फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक सामान, घरेलू सामान जल गए। उन्होंने हादसे में करीब 15 लाख रुपये का नुकसान की बात कही है। हादसे के वक्त सुरेश, पत्नी और दोनों बच्चे फ्लैट में थे।
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मेंटेनेंस टीम ने संभाला मोर्चा
आग की सूचना मिलते ही मेंटेनेंस टीम व सिक्योरिटी गार्डों ने बचाव अभियान शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही बिजली की सप्लाई बंद कर दी गई थी। सीढि़यों से लोग नीचे उतारा गया। कर्मचारियों ने लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की। हादसे के दौरान चार फ्लैटों में धुआं भर गया था। आग बुझने के बाद भी करीब एक घंटे तक लोग फ्लैटों में नहीं लौट सके।
निवासियों ने दमकल की देरी पर भी उठे सवाल
हादसे के बाद निवासियों ने दमकल विभाग के पहुंचने में देरी का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि सूचना देने के बाद करीब आधे घंटे तक इंतजार करना पड़ा। हालांकि मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार चौबे ने कहा कि सूचना मिलते ही टीम रवाना कर दी गई थी और आग पर तेजी से काबू पा लिया गया।
फायर सेफ्टी की हो जांच, दोषियों पर करें कार्रवाई
सोसाइटी वासियों का कहना है कि ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। फायर अलार्म और स्प्रिंकलर जैसी व्यवस्था समय पर काम करे तो कई हादसे टाले जा सकते हैं। उन्होंने पूरे परिसर की फायर सेफ्टी व्यवस्था की स्वतंत्र जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। निवाससायें ने फायर अलार्म सिस्टम का तत्काल ऑडिट कराने और सभी टावरों के लगे स्प्रिंकलर और हाइड्रेंट सिस्टम की तकनीकी जांच कराने की बात कही है।
अधूरे फायर फाइटिंग सिस्टम से आग बुझाने के लिए जूझते रहे निवासी
नोएडा। सोसाइटी में सोमवार सुबह लगी आग की घटना से सोसाइटी में आग से अफरातफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए फ्लैट से बाहर भागने लगे। इसी बीच सोसाइटी के कुछ लोग फायर फाइटिंग सिस्टम चलाने के लिए आगे बढ़े। आरोप है कि फायर फाइटिंग सिस्टम सही से काम नहीं कर रहा था। मेंटनेंस विभाग के पास टैंकों में स्टोर पानी की मदद से दमकलकर्मियों की मदद से आग पर काबू पाया।
निवासियों ने बताया कि टावर नंबर 4 में सुबह 8:30 बजे एसी ब्लास्ट होने से आग लग गई। जिस फ्लैट में आग लगी थी वह जलकर राख हो गया। वहां पर कुछ भी नहीं बचा है। घटना के दौरान लिफ्ट भी बंद हो गई थीं। ऐसे में लोगों को भागमभाग में सीढ़ियां चढ़नी पड़ी और अपनी जान बचानी पड़ी। बच्चों और बुजुर्गों को जल्दी-जल्दी बाहर निकाला गया। ब्यूरो
सात साल बाद भी नहीं सुधरी व्यवस्था
निवासियों ने बताया कि सोसाइटी के बिल्डर के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया चल रही है। यहां वर्ष 2019 में आईआरपी नियुक्त हो गए थे। सात साल में आईआरपी ने सोसाइटी की व्यवस्थाएं नहीं सुधारीं। सोसाइटी के 1000 फ्लैट में परिवार रहते हैं लेकिन आजतक सोसाइटी का ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट जारी नहीं हुआ है और फायर फाइटिंग सिस्टम भी अधूरा है।
आईआरपी से की फ्लैट मरम्मत की मांग
निवासियों ने बताया कि सोसाइटी के आईआरपी दो साल के लिए निलंबित कर दिए गए हैं। सोमवार को आग लगने की घटना के बाद निवासियों के एकजुट होकर आईआरपी को फोन किया और फोन पर वार्ता कर जले हुए फ्लैट की मरम्मत करवाने की मांग की। निवासियों का कहना है कि इस पर आईआरपी ने सहमति जताई है। फ्लैट जलने के बाद पीड़ित परिवार की मदद के लिए सोसाइटी के लोग आगे आ गए हैं।
मदद के लिए आगे आए लोग , दूसरे टावर में शिफ्ट हुआ परिवार
परिवार को फिलहाल के लिए टावर नंबर 1 में शिफ्ट कर दिया गया है। जब फ्लैट की मरम्मत हो जाएगी तब वापस शिफ्ट हो जाएंगे। - सुमित शर्मा
आग लगते ही घरों से बुजुर्गों व बच्चों को बाहर निकाला गया। फायर फाइटिंग सिस्टम नहीं चला। मेंटेनेंस विभाग व दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाया। - रजत सिंह
- सोसाइटी के लोगों की मदद से पीड़ित के घर का सामान अरेंज किया जा रहा है। मदद के लिए एक ग्रुप भी बनाया है।- ललिता मैथ्यू
- पीड़ित का पूरा घर जल चुका है। जिससे जो बन पा रहा है वह उनकी मदद कर रहा है। मूलभूल सुविधाएं पूरी की जा रही हैं।- शोभित माथुर
सेक्टर-9 की झुग्गी में लगी आग, पाया काबू
नोएडा। सेक्टर-9 स्थित झुग्गी में सोमवार सुबह आग लगने से अफरातफरी मच गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। समय रहते आग बुझा दिए जाने से बड़ा हादसा टल गया। हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार चौबे ने बताया कि सोमवार सुबह करीब 8:20 बजे कंट्रोल रूम को सेक्टर-9 की झुग्गियों में आग लगने की सूचना मिली। तत्काल तीन फायर टेंडर को मौके पर भेजे गए। जांच में पता चला कि एक झुग्गी में बड़ी मात्रा में कूड़ा-कबाड़ रखा हुआ था, जिसमें आग लग गई। बुझने के बाद पूरे क्षेत्र की जांच की गई ताकि दोबारा आग भडक़ने की आशंका न रहे। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। ब्यूरो