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Noida News: छोटी गाड़ी, बड़े कारनामे... ट्रैफिक नियम तोड़ने में दोपहिया सबसे आगे
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-6 महीने में 8 लाख से ज्यादा वाहनों ने तोड़े नियम, पालन कराने के लिए की जा रही कवायद
- जिले में 739522 दोपहिया वाहन पंजीकृत हैं
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सड़क पर आकार भले ही छोटे हों, लेकिन ट्रैफिक नियम तोड़ने में दोपहिया वाहन सबसे आगे हैं। हेलमेट से बेपरवाही हो या नो-पार्किंग में वाहन खड़ा करने की जल्दबाजी, स्कूटी और बाइक सवार नियमों की अनदेखी में बाकी वाहनों से आगे हैं। बार-बार जागरूकता और नियमों का पाठ पढ़ाने के बावजूद जब जिम्मेदारी सड़क पर नजर नहीं आते, तो ट्रैफिक पुलिस को कार्रवाई का रास्ता अपनाना पड़ता है।
बात करें अगर जिले में पंजीकृत वाहनों की तो उनमें भी दो पहिया वाहनों ने ही बाजी मारी है। परिवहन विभाग के अनुसार जिले में 739522 वाहन पंजीकृत हैं। इनके अलावा ऐसे भी हजारों वाहन हैं जो अन्य जिलों में पंजीकृत हैं और यहां की सड़कों पर दाैड़ रहे हैं। यही वाहन नियमों को ताक पर रखकर चल रहे हैं। खास बात ये है कि इन्हें रोककर जब यातायात नियमों की जानकारी देने का प्रयास किया जाता है तो ये देखकर उल्टा जाने लगते हैं। जिस वजह से सड़क हादसों की संख्या बढ़ती है। यूटर्न पर सबसे ज्यादा ये नियमों का उल्लंघन करते हैं। विपरीत दिशा में वाहन दौड़ाने वालों की संख्या हर महीने औसतन 14 हजार है। जिनमें से 60 प्रतिशत दो पहिया वाहन चालक ही हैं। बगैर हेलमेट के भी हर महीने एक लाख से ज्यादा वाहन पकड़े जाते हैं।
दो पहिया के विरुद्ध चलाया जा रहा विशेष अभियान :
यातायात नियमों का पालन कराने के लिए ट्रैफिक पुलिस अभियान भी चला रही है। दो पहिया वाहन चालकाें के लिए सबसे जरूरी हेलमेट पहनना है। इसके उपयोग को लेकर ट्रैफिक पुलिस की टीम चालकों को जागरूक कर रही है। आईएसआई मार्क वाले हेलमेट के उपयोग करने के लिए वाहन चालकों से अपील की जाती है। शहर के अलग-अलग प्वाइंटों पर चेकिंग करते हुए ये मुहिम चलाई जा रही है।
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महीना-- कार्रवाई
जनवरी- 142149
फरवरी- 136769
मार्च- 127790
अप्रैल-135449
मई-147179
जून-129650
नियमों के उल्लंघन के मामले में दो पहिया वाहन सबसे आगे हैं। पालन कराने के लिए इनके विरुद्ध नियमित कार्रवाई भी की जाती है। ताकि सड़क हादसों को कम किया जा सके। -अभय कुमार मिश्र, डीसीपी ट्रैफिक
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- जिले में 739522 दोपहिया वाहन पंजीकृत हैं
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सड़क पर आकार भले ही छोटे हों, लेकिन ट्रैफिक नियम तोड़ने में दोपहिया वाहन सबसे आगे हैं। हेलमेट से बेपरवाही हो या नो-पार्किंग में वाहन खड़ा करने की जल्दबाजी, स्कूटी और बाइक सवार नियमों की अनदेखी में बाकी वाहनों से आगे हैं। बार-बार जागरूकता और नियमों का पाठ पढ़ाने के बावजूद जब जिम्मेदारी सड़क पर नजर नहीं आते, तो ट्रैफिक पुलिस को कार्रवाई का रास्ता अपनाना पड़ता है।
बात करें अगर जिले में पंजीकृत वाहनों की तो उनमें भी दो पहिया वाहनों ने ही बाजी मारी है। परिवहन विभाग के अनुसार जिले में 739522 वाहन पंजीकृत हैं। इनके अलावा ऐसे भी हजारों वाहन हैं जो अन्य जिलों में पंजीकृत हैं और यहां की सड़कों पर दाैड़ रहे हैं। यही वाहन नियमों को ताक पर रखकर चल रहे हैं। खास बात ये है कि इन्हें रोककर जब यातायात नियमों की जानकारी देने का प्रयास किया जाता है तो ये देखकर उल्टा जाने लगते हैं। जिस वजह से सड़क हादसों की संख्या बढ़ती है। यूटर्न पर सबसे ज्यादा ये नियमों का उल्लंघन करते हैं। विपरीत दिशा में वाहन दौड़ाने वालों की संख्या हर महीने औसतन 14 हजार है। जिनमें से 60 प्रतिशत दो पहिया वाहन चालक ही हैं। बगैर हेलमेट के भी हर महीने एक लाख से ज्यादा वाहन पकड़े जाते हैं।
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दो पहिया के विरुद्ध चलाया जा रहा विशेष अभियान :
यातायात नियमों का पालन कराने के लिए ट्रैफिक पुलिस अभियान भी चला रही है। दो पहिया वाहन चालकाें के लिए सबसे जरूरी हेलमेट पहनना है। इसके उपयोग को लेकर ट्रैफिक पुलिस की टीम चालकों को जागरूक कर रही है। आईएसआई मार्क वाले हेलमेट के उपयोग करने के लिए वाहन चालकों से अपील की जाती है। शहर के अलग-अलग प्वाइंटों पर चेकिंग करते हुए ये मुहिम चलाई जा रही है।
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महीना
जनवरी- 142149
फरवरी- 136769
मार्च- 127790
अप्रैल-135449
मई-147179
जून-129650
नियमों के उल्लंघन के मामले में दो पहिया वाहन सबसे आगे हैं। पालन कराने के लिए इनके विरुद्ध नियमित कार्रवाई भी की जाती है। ताकि सड़क हादसों को कम किया जा सके। -अभय कुमार मिश्र, डीसीपी ट्रैफिक