होली पर मनमाना किराया: 700 रुपये वाले टिकट के वसूल रहे 3600, छात्रों की जेब पर सबसे अधिक असर
किराये को लेकर कोई नियम न होने से प्राइवेट बस संचालक मनमानी करते हैं। सेक्टर अल्फा-दो निवासी अभिषेक कुमार ने बताया कि एक हफ्ते पहले से टिकट बुक करने की कोशिश कर रहा हूं, लेकिन दाम आसमान छू रहे हैं।
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होली का त्योहार पास आते ही प्राइवेट बसों का किराया भी आसमान छूने लगा है। बस संचालक मनमानी पर उतारू है। 250 रुपये की जगह पर 400 से 500 रुपये ले रहे हैं। आमतौर पर जहां परी चौक से कानपुर, लखनऊ, गोरखपुर और अयोध्या के लिए स्लीपर बस का किराया 700 से 900 रुपये तक मिल जाता है, 28 और दो मार्च के दिन यही किराया 3600 से 4000 तक रहा।
किराये छू रहे आसमान
लोगों का कहना है कि त्योहार नजदीक आते ही बस संचालकों की मनमानी शुरू हो जाती है। किराये को लेकर कोई नियम न होने से प्राइवेट बस संचालक मनमानी करते हैं। सेक्टर अल्फा-दो निवासी अभिषेक कुमार ने बताया कि एक हफ्ते पहले से टिकट बुक करने की कोशिश कर रहा हूं, लेकिन दाम आसमान छू रहे हैं। वहीं, नॉलेज पार्क के हॉस्टल में रहने वाले हर्ष ने बताया कि बुकिंग वेबसाइट्स के अनुसार, इन दिनों ग्रेटर नोएडा से लखनऊ का किराया औसतन 3423 रुपये, कानपुर का 2876, गोरखपुर का 3510 और प्रयागराज का 3675 रुपये तक पहुंच जाता है।
सामान्य दिनों में 800 रुपये में घर पहुंच जाता हूं। अब 3400 से 3800 रुपये बस का किराया पहुंच चुका है। छात्र इतने पैसे कैसे दे। - हरतेश तिवारी
किराया ज्यादा है। इसलिए होली पर घर जाना कैंसिल कर दिया। त्योहार बाद ही सोचूंगा। - अभिषेक पटेल