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Noida News: 10 दिन की बच्ची का सौदा करने मामले में नवजीवन अस्पताल सील
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10 दिन की बच्ची का सौदा करने मामले में नवजीवन अस्पताल सील
-स्वास्थ्य विभाग की टीम ने की कार्रवाई, लाइसेंस पूर्व में हो चुका है निरस्त
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बृहस्पतिवार को बिसरख स्थित नवजीवन अस्पताल को सील कर दिया है। इसी अस्पताल की संचालिका , नर्स समेत 5 लोगों को एक 10 दिन की बच्ची का 2.60 लाख रुपये में सौदा करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। जबकि विभाग पहले ही अस्पताल का लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई कर चुका है। वहीं विभाग ने पुलिस से अस्पताल का रिकॉर्ड रूम खंगालने की कार्रवाई का पत्र मांगा हैं।
बिसरख कोतवाली पुलिस और बाल कल्याण समिति ने 10 दिन की बच्ची को बचाया था। आरोपियों ने बच्ची का सौदा 2.60 रुपये में कर दिया था, लेकिन गोद लेने वाली दंपती ने इसकी शिकायत बाल कल्याण समिति से की। जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई कर अस्पताल की मालिक यशिका गर्ग समेत पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में यशिका ने बच्ची को जन्म देने वाली बच्ची की मां का नाम अंजली बताया था, लेकिन अब तक मां का पता नहीं चल सका है। वहीं पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर कार्रवाई करने को कहा था। जिस पर विभाग ने सीएमओ ने डा. हरिमोहन के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी। उसी दिन अस्पताल का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया। अब बृहस्पतिवार को समिति ने अस्पताल को सील कर दिया है। पुलिस का कहना है कि अस्पताल के रिकार्ड रूम में डिलीवरी रजिस्टर के साथ अन्य कागजात की जांच के लिए सीएमओ को पत्र लिखा जागा।
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-स्वास्थ्य विभाग की टीम ने की कार्रवाई, लाइसेंस पूर्व में हो चुका है निरस्त
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बृहस्पतिवार को बिसरख स्थित नवजीवन अस्पताल को सील कर दिया है। इसी अस्पताल की संचालिका , नर्स समेत 5 लोगों को एक 10 दिन की बच्ची का 2.60 लाख रुपये में सौदा करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। जबकि विभाग पहले ही अस्पताल का लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई कर चुका है। वहीं विभाग ने पुलिस से अस्पताल का रिकॉर्ड रूम खंगालने की कार्रवाई का पत्र मांगा हैं।
बिसरख कोतवाली पुलिस और बाल कल्याण समिति ने 10 दिन की बच्ची को बचाया था। आरोपियों ने बच्ची का सौदा 2.60 रुपये में कर दिया था, लेकिन गोद लेने वाली दंपती ने इसकी शिकायत बाल कल्याण समिति से की। जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई कर अस्पताल की मालिक यशिका गर्ग समेत पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में यशिका ने बच्ची को जन्म देने वाली बच्ची की मां का नाम अंजली बताया था, लेकिन अब तक मां का पता नहीं चल सका है। वहीं पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर कार्रवाई करने को कहा था। जिस पर विभाग ने सीएमओ ने डा. हरिमोहन के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी। उसी दिन अस्पताल का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया। अब बृहस्पतिवार को समिति ने अस्पताल को सील कर दिया है। पुलिस का कहना है कि अस्पताल के रिकार्ड रूम में डिलीवरी रजिस्टर के साथ अन्य कागजात की जांच के लिए सीएमओ को पत्र लिखा जागा।
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