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Noida News: (गुरु मंत्र) गणित को रटकर नहीं, समझकर आसान बनाएं
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कृष्णपाल कसाना शिक्षक (गुरु मंत्र)
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नोएडा। गणित को केवल सूत्रों और सवालों को याद करने का विषय मानना बच्चों के सीखने की क्षमता को सीमित कर देता है। मेरा मानना है कि बच्चों को गणित के पीछे छिपे तर्क और अवधारणाओं को समझना जरूरी है। जब बच्चा यह समझ जाता है कि कोई सवाल किस तरह और क्यों हल किया जाता है, तो गणित उसके लिए कठिन विषय नहीं रह जाता। शिक्षक को बच्चों में गणित के प्रति डर नहीं, बल्कि सकारात्मक सोच विकसित करना चाहिए। बच्चों को केवल शिक्षक को सुनने के बजाय सवाल पूछने, स्वयं हल करने, चर्चा करने और अलग-अलग तरीकों से समाधान खोजने के अवसर मिलने चाहिए। मेरा प्रयास रहता है कि गणित की कक्षा में हर बच्चा सक्रिय रूप से भाग ले और अपनी सोच को सामने रखे। मेरा मानना है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल सही उत्तर तक पहुंचना नहीं, बल्कि बच्चों में सोचने, तर्क करने और समस्याओं का समाधान खोजने की क्षमता विकसित करना भी है।
— कृष्ण पाल कसाना, गणित शिक्षक, राजकीय इंटर कॉलेज, सेक्टर-12, नोएडा
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नोएडा। गणित को केवल सूत्रों और सवालों को याद करने का विषय मानना बच्चों के सीखने की क्षमता को सीमित कर देता है। मेरा मानना है कि बच्चों को गणित के पीछे छिपे तर्क और अवधारणाओं को समझना जरूरी है। जब बच्चा यह समझ जाता है कि कोई सवाल किस तरह और क्यों हल किया जाता है, तो गणित उसके लिए कठिन विषय नहीं रह जाता। शिक्षक को बच्चों में गणित के प्रति डर नहीं, बल्कि सकारात्मक सोच विकसित करना चाहिए। बच्चों को केवल शिक्षक को सुनने के बजाय सवाल पूछने, स्वयं हल करने, चर्चा करने और अलग-अलग तरीकों से समाधान खोजने के अवसर मिलने चाहिए। मेरा प्रयास रहता है कि गणित की कक्षा में हर बच्चा सक्रिय रूप से भाग ले और अपनी सोच को सामने रखे। मेरा मानना है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल सही उत्तर तक पहुंचना नहीं, बल्कि बच्चों में सोचने, तर्क करने और समस्याओं का समाधान खोजने की क्षमता विकसित करना भी है।
— कृष्ण पाल कसाना, गणित शिक्षक, राजकीय इंटर कॉलेज, सेक्टर-12, नोएडा