नोएडा में एक और 'युवराज' की मौत: फेफड़े में पानी भरने से गई थी हर्षित की जान, मां ने जताई हत्या की आशंका
सेक्टर-94 में गड्ढे में डूबने से हर्षित भट्ट (23) की मौत हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने की पुष्टि हुई। मां ने हत्या की आशंका जताते हुए दोस्तों पर शक जताया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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सेक्टर-94 स्थित सुपरनोवा इमारत के पीछे बेसमेंट के लिए खोदे गए गड्ढे में डूबने से ही हर्षित भट्ट (23) की मौत हुई थी। बृहस्पतिवार को जारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। उसके फेफड़ों में पानी भर गया था। जबकि पेट में कीचड़ चला गया था। चिकित्सकों ने विसरा सुरक्षित रख लिया है। वहीं हर्षित की मां ने हत्या की आशंका जताते हुए इंसाफ की मांग की है। परिजनों ने हर्षित के तीनों दोस्तों पर शक जताते हुए मामले की जांच की मांग की है।
पुलिस के मुताबिक गाजियाबाद के इंदिरापुरम निवासी हर्षित सेक्टर-125 स्थित निजी विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन की पढ़ाई कर रहे थे। बुधवार सुबह घर से विश्वविद्यालय के लिए निकले थे। पेपर अच्छा होने के बाद हर्षित तीन अन्य दोस्तों हिमांशु, व्यास और कृष के साथ पार्टी मनाने निकले।
चारों सुपरनोवा बिल्डिंग के पीछे पानी से भरे गड्ढे के पास पार्टी करने लगे। जहां गड्ढे में नहाते समय डूबने से हर्षित की मौत हो गई थी। एसीपी प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत होने की बात सामने आई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। चिकित्सकों ने बताया कि हर्षित के फेफड़े में पानी भर गया था और पेट में भी कीचड़ चला गया था। हर्षित ने शराब पी थी या नहीं। इसका पता नहीं चला है। विसरा सुरक्षित रख लिया गया है।
बिसरा की जांच के बाद अन्य जानकारी सामने आएगी। वहीं हर्षित के तीनों दोस्तों ने शराब पी रखी थी। इसकी मेडिकल रिपोर्ट में पुष्टि हुई है। इस घटना के बाद मां दीपमाला ने कहा कि मुझे अपने बच्चे के लिए इंसाफ चाहिए। उन्होंने कहा कि जब अपने बेटे को देखने गई तब उसके शरीर पर चोट के गहरे निशान बने थे। उन्होंने हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस से जांच की मांग की है।
सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे
हादसे के बाद पुलिस ने 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाले हैं। विश्वविद्यालय से लेकर सेक्टर-94 तक और सुपरनोवा व इसके पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की गई है। इनमें कुछ जगह पर चारों दिखाई दे रहे हैं। चारों एक साथ ही सड़क के किनारे से पगडंडी होते हुए नीचे उतरे हैं। इसके अलावा पुलिस वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों व झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले लोगों से भी पूछताछ कर रही है।
साथ टिफिन खाते थे चारों दोस्त
विश्वविद्यालय के छात्रों ने बताया कि चारों दोस्तों में खूब बनती थी। लंच टाइम में चारों साथ टिफिन खाते थे। क्लास के बाद एक साथ ही निकलते थे।
चारों ने खरीदी थी शराब
बुधवार को चारों छात्रों ने पास के ठेके से शराब खरीदी है। पुलिस ने दावा किया है कि शराब खरीदते हुए छात्रों की तस्वीर सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। चारों दो बाइक से सेक्टर-94 पहुंचे थे।
दोस्त बोले, नशे में की नहाने की जिद
पुलिस पूछताछ में हिमांशु, व्यास और कृष ने बताया कि हर्षित नशे में पानी में नहाने की जिद करने लगा। कुछ दूरी तक जाने के बाद वह अपने दोस्तों को भी नहाने के लिए बुलाया। इसी दौरान वह आगे बढ़ा और डूबने लगा। हिमांशु और व्यास बचाने के लिए पानी में उतर गए। आवाज सुनकर दुकानदार और युवक मदद करने पहुंचे थे। नीचे उतरे लेकिन तब तक वह पानी में डूब गया था।
दिखावे की फेंसिंग ने ली छात्र की जान
सेक्टर-94 के जिस प्लॉट में हादसा हुआ वहां सुरक्षा के इंतजाम सिर्फ दिखावे के हैं। निर्माणाधीन प्लॉट पर सामने की तरफ ही फेंसिंग है। अधिकांश छोर पर कोई सुरक्षा घेरा नहीं है। गड्ढे में वर्षों से भरे पानी को निकालने के लिए भी कोशिश नहीं की गई। सेक्टर-94 में प्रवेश करने पर प्लॉट को सामने से देखने पर नीली टिनशेड से फेंसिंग की गई है। जिससे आगे बढ़ने पर पोस्टमार्टम हाउस के सामने से फेंसिंग टूटी हुई है। जहां से आसानी से लोग गड्ढे तक जा सकते हैं। इससे आगे बढ़ने पर एक स्थान ऐसा है जहां पर इतनी जगह है कि ट्रक गड्ढे के पास पहुंच जाए। इतने समय से खुले इस प्लॉट पर आखिर प्राधिकरण का ध्यान क्यों नहीं गया। यह सवाल उठ रहा है। जहां से फेंसिंग टूटी थी उसे दुरुस्त कराने का ख्याल भी प्राधिकरण ने नहीं किया।
सेक्टर-94 के जिस स्थान पर हादसा हुआ है। वहां कई जगह पर शराब की बोतलें व नमकीन के रैपर पड़े हैं। जो यहां चल रहे अवैध व खतरनाक पिकनिक स्पॉट की कहानी बयां कर रहा है। आसपास के लोगों ने बताया कि इस स्थान पर पार्टी से लेकर अवैध गतिविधियां होती थी। कई बार स्थानीय पुलिस से लोगों ने शिकायत भी की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।