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Noida News: खुले नाले से हादसे का खतरा, कहीं भी नहीं है बैरिकेडिंग और सुरक्षा दीवार
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फोटो
- गौड़ सिटी एक से दो जाने वाले रास्ते पर कई जगह खुले पड़े हैं नाले
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सुरक्षा दीवार और स्लैब न होने की वजह से शहर में खुले नाले हादसों को दावत दे रहे हैं। गौड़ सिटी एक से दो को जाने वाले रास्ते पर कई नाले खुले पड़े हैं। निवासियों का कहना है कि सुबह के समय सबसे अधिक परेशानी होती है। कई बार इसकी शिकायत जिम्मेदारों को की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
निवासियों ने बताया कि हर दिन कई लोग यहां से गुजरते हैं। पर्याप्त मात्रा में सड़कों पर लाइटें न होने की वजह से रात को सबसे अधिक खतरा रहता है। वर्षों पहले बनाई गईं नालियां अब चोक हो चुकीं हैं, जिसे दूर करने के लिए पहले से चौड़ी और गहरी नालियां बनाईं तो गईं, लेकिन उसे कवर नहीं किया गया, न ही कोई बैरिकेडिंग की गई। इसी तरह रक्षा एडेला सोसाइटी में रहने वाले विकास ने बताया कि बच्चों को लेकर जाने में सबसे अधिक डर लगता है। बच्चे स्कूल बसों से आते-जाते हैं। जरा सी लापरवाही बच्चों पर भारी पड़ सकती है। बता दें कि इन्हीं नालों में गिरने की वजह से इंजीनियर युवराज समेत कई और भी जानें जा चुकी हैं।
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मैं कई बार नालों में गिरने से बची हूं। शिकायत की, लेकिन किसी ने कुछ सुना ही नहीं। - रेखा सिंह
खुले नालों से डर लगता है। बच्चों की स्कूल बसें निकलती हैं। कभी भी कोई हादसा हो सकता है। - प्रेरणा श्रीवास्तव
युवराज कांड से भी जिम्मेदारों ने कोई सुध नहीं ली। पूरे गौड़ सिटी एक व दो में नाले खुले हुए हैं। - गरिमा गुप्ता
हर तरफ सिर्फ खतरा ही है। ग्रेनो वेस्ट को प्राधिकरण ने भी अनाथ छोड़ दिया है। - अरुणा भाटी
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- गौड़ सिटी एक से दो जाने वाले रास्ते पर कई जगह खुले पड़े हैं नाले
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सुरक्षा दीवार और स्लैब न होने की वजह से शहर में खुले नाले हादसों को दावत दे रहे हैं। गौड़ सिटी एक से दो को जाने वाले रास्ते पर कई नाले खुले पड़े हैं। निवासियों का कहना है कि सुबह के समय सबसे अधिक परेशानी होती है। कई बार इसकी शिकायत जिम्मेदारों को की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
निवासियों ने बताया कि हर दिन कई लोग यहां से गुजरते हैं। पर्याप्त मात्रा में सड़कों पर लाइटें न होने की वजह से रात को सबसे अधिक खतरा रहता है। वर्षों पहले बनाई गईं नालियां अब चोक हो चुकीं हैं, जिसे दूर करने के लिए पहले से चौड़ी और गहरी नालियां बनाईं तो गईं, लेकिन उसे कवर नहीं किया गया, न ही कोई बैरिकेडिंग की गई। इसी तरह रक्षा एडेला सोसाइटी में रहने वाले विकास ने बताया कि बच्चों को लेकर जाने में सबसे अधिक डर लगता है। बच्चे स्कूल बसों से आते-जाते हैं। जरा सी लापरवाही बच्चों पर भारी पड़ सकती है। बता दें कि इन्हीं नालों में गिरने की वजह से इंजीनियर युवराज समेत कई और भी जानें जा चुकी हैं।
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मैं कई बार नालों में गिरने से बची हूं। शिकायत की, लेकिन किसी ने कुछ सुना ही नहीं। - रेखा सिंह
खुले नालों से डर लगता है। बच्चों की स्कूल बसें निकलती हैं। कभी भी कोई हादसा हो सकता है। - प्रेरणा श्रीवास्तव
युवराज कांड से भी जिम्मेदारों ने कोई सुध नहीं ली। पूरे गौड़ सिटी एक व दो में नाले खुले हुए हैं। - गरिमा गुप्ता
हर तरफ सिर्फ खतरा ही है। ग्रेनो वेस्ट को प्राधिकरण ने भी अनाथ छोड़ दिया है। - अरुणा भाटी