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Noida News: अपार आईडी बनाने में पिछड़े निजी स्कूल, तीन लाख छात्रों का रिकॉर्ड अधूरा

Sun, 19 Jul 2026 01:33 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 19 Jul 2026 01:33 AM IST
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Private schools lag behind in creating APAAR IDs; records of three lakh students incomplete.
- 2200 स्कूलों के आठ लाख से अधिक विद्यार्थियों में बड़ी संख्या अब भी डिजिटल आईडी से वंचित
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- नोटिस के बाद भी कई निजी स्कूलों की सुस्ती, विभाग ने दी कार्रवाई की चेतावनी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जिले में छात्रों की अपार (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री) आईडी बनाने की प्रक्रिया रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। जनपद के करीब तीन लाख छात्रों की अब तक अपार आईडी नहीं बन सकी है, जिनमें सबसे अधिक संख्या निजी स्कूलों के विद्यार्थियों की है। जिले के चारों ब्लॉकों में संचालित करीब 2200 स्कूलों में आठ लाख से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। शिक्षा विभाग के बार-बार निर्देशों के बावजूद कई निजी स्कूल अपार आईडी बनाने में अपेक्षित रुचि नहीं दिखा रहे हैं।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार निजी स्कूलों को कई बार नोटिस जारी किए गए और फोन के माध्यम से भी संपर्क किया गया, लेकिन कई विद्यालयों की ओर से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है। कुछ स्कूलों के प्रधानाचार्य और प्रबंधक फोन तक नहीं उठा रहे हैं, जिससे लक्ष्य पूरा करने में दिक्कत आ रही है। निजी विद्यालयों में आधार कार्ड अपडेट न होना, नाम, पता या जन्मतिथि में त्रुटियां, अभिभावकों के आधार की अनुपलब्धता और बिना आधार प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के कारण भी प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
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सरकारी स्कूलों में बेहतर, निजी स्कूलों में धीमी रफ्तार-
शिक्षा विभाग का कहना है कि सरकारी विद्यालयों में अपार आईडी बनाने का कार्य अपेक्षाकृत तेजी से चल रहा है, जबकि निजी स्कूलों में अभिभावकों की सहमति, दस्तावेजों की कमी और स्कूल स्तर पर धीमी प्रक्रिया के कारण काम प्रभावित हो रहा है। बड़ी संख्या में आईडी लंबित रहने से विभाग को शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने में कठिनाई हो रही है।
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डिजिटल रिकॉर्ड से मिलेंगे कई लाभ-
अपार आईडी के माध्यम से विद्यार्थियों का शैक्षणिक रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेगा। इससे स्कूल या कॉलेज बदलने पर रिकॉर्ड स्थानांतरित करना आसान होगा, शैक्षणिक उपलब्धियां एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेंगी, फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी और छात्रवृत्ति सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा। यह विद्यार्थियों के लिए डिजिटल लॉकर की तरह कार्य करेगा।

कोट-
सभी निजी स्कूलों को नोटिस जारी कर जल्द अपार आईडी बनाने के निर्देश दिए गए हैं। यदि अब भी लापरवाही बरती गई तो संबंधित स्कूलों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। -चंद्रशेखर, जिला विद्यालय निरीक्षक
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