सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Rising temperatures are worsening mental health

गर्मी खराब कर रही मूड: तेज तापमान से बढ़ रहा चिड़चिड़ापन, बिगड़ रहा मानसिक स्वास्थ्य, मरीजों की संख्या बढ़ रही

संवाद न्यूज एजेंसी, ग्रेटर नोएडा Published by: Akash Dubey Updated Wed, 29 Apr 2026 11:13 PM IST
विज्ञापन
सार

गर्मी मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रही है। तनाव, चिड़चिड़ापन और अवसाद बढ़ रहे हैं। जिम्स के प्रोफेसर अभिषेक भारती ने पानी, धूप से बचाव और विशेषज्ञ परामर्श की सलाह दी।

Rising temperatures are worsening mental health
बढ़ती गर्मी बढ़ा रही चिड़चिड़ापन - फोटो : एआई
विज्ञापन

विस्तार

भीषण गर्मी का असर अब केवल शारीरिक बीमारियों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसका गहरा प्रभाव लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ने लगा है। लगातार बढ़ते तापमान के चलते उल्टी, दस्त, बुखार, थकान और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं के साथ-साथ मानसिक तनाव, चिड़चिड़ापन और बेचैनी के मामलों में भी तेजी से वृद्धि देखी जा रही है। 

Trending Videos


मनोचिकित्सकों के अनुसार, जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है, वैसे-वैसे अस्पतालों में मानसिक समस्याओं से जूझ रहे मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। ग्रेटर नोएडा के कासना स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में गर्मी के कारण अवसाद से ग्रस्त मरीजों की संख्या में वृद्धि देखने को मिल रही हैं। उनका कहना है कि अत्यधिक गर्मी का सीधा असर दिमाग के रसायनों पर पड़ता है, जिससे उनका संतुलन बिगड़ जाता है और मानसिक अस्थिरता की स्थिति पैदा हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


 जिम्स के मनोरोग विभाग में प्रोफेसर डॉ. लेफ्टिनेंट कर्नल अभिषेक भारती का कहना है कि गर्मी के दौरान नींद की कमी, शरीर में पानी की कमी और लगातार असहजता मानसिक स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित करती है। इसके कारण लोगों में ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई, थकान, तनाव और गुस्से जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। 

गर्मी से करें बचाव : डॉ. अभिषेक का कहना है कि गर्मी के मौसम में अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, संतुलित और हल्का आहार लेना, धूप में कम से कम निकलना और शरीर को ठंडा रखने के उपाय अपनाना जरूरी है। इसके अलावा, नियमित दिनचर्या बनाए रखना और पर्याप्त नींद लेना मानसिक संतुलन बनाए रखने में मददगार साबित होता है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को लगातार चिड़चिड़ापन, घबराहट, बेचैनी या मानसिक अस्थिरता महसूस हो रही है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय रहते विशेषज्ञ से परामर्श लेने से स्थिति को बिगड़ने से रोका जा सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed