{"_id":"69a6c6f4215b6747e60ca843","slug":"road-aconstruction-grnoida-news-c-25-1-mwt1001-110316-2026-03-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: मरम्मत न सुनवाई, 800 मीटर सड़क पर 7 साल से अटकी उम्मीदें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: मरम्मत न सुनवाई, 800 मीटर सड़क पर 7 साल से अटकी उम्मीदें
विज्ञापन
विज्ञापन
-जर्जर रास्ते की मार झेल रहा गांधी ग्राम घासेड़ा, लंबे समय से लाेग कर रहे 800 मीटर सड़क बनने का इंतजार
फोटो - गंदे पानी व कीचड़ से बदहाल रास्ता।
संवाद न्यूज एजेंसी नूंह। जिले का ऐतिहासिक और गांधी ग्राम के नाम से पहचाना जाने वाला गांव घासेड़ा पिछले सात वर्षों से प्रशासनिक अनदेखी का दंश झेल रहा है। गांव के कुरैशी मोहल्ला का करीब 800 मीटर लंबा मुख्य रास्ता जर्जर हालत में पड़ा है, जिससे स्थानीय लोगों का जीवन दूभर हो गया है। कई बार शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। यह रास्ता कब्रिस्तान, स्कूल और मदरसे को जोड़ता है तथा गांव की फिरनी का मुख्य मार्ग भी है।
800 मीटर का रास्ता बना परेशानी की जड़ : कुरैशी मोहल्ला में लगभग 80 घरों की बस्ती है। यही 800 मीटर का रास्ता बाजड़का, बैंसी, छपेड़ा, अल्दुका, कुर्थला सहित पलवल शहर को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग से भी जुड़ता है। बरसात के दिनों में रास्ता कीचड़ से भर जाता है, जबकि गर्मियों में धूल के गुबार से लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीण अकरम, शेर मोहम्मद, जाबिर, ओसामा व असलम का कहना है कि कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
कब्रिस्तान तक शव ले जाने में भारी दिक्कत : यह मार्ग गांव के कब्रिस्तान तक जाता है। ऐसे में किसी की मृत्यु होने पर शव को कीचड़ भरे और गड्ढों से भरे रास्ते से ले जाना बेहद कठिन हो जाता है। कई बार लोगों को अस्थायी इंतजाम कर रास्ता समतल करना पड़ता है। ग्रामीण इसे संवेदनशील मुद्दा बताते हुए तत्काल समाधान की मांग कर रहे हैं।
स्कूली बच्चों और नमाजियों को परेशानी : इसी रास्ते से स्कूली बच्चे स्कूल और मदरसे जाते हैं। गंदगी और जलभराव के कारण बच्चों के कपड़े खराब हो जाते हैं और कई बार फिसलकर चोटिल भी हो जाते हैं। नमाज पढ़ने जाने वाले बुजुर्गों को भी खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
वहीं गांव के सरपंच इमरान का कहना है कि यह रास्ता लोक निर्माण के अधीन आता है। जब यह रास्ता बनाया गया था तो नालियां ऊंची और सड़क को नीचा बना दिया जिससे पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। सड़क पर पानी जमा होने के कारण हालात खराब हो चुके है। मैंने विभाग को लिखित शिकायत देकर समाधान कराने की मांग भी की हुई है।
यह मोहल्ले का मुख्य मार्ग है जो पिछले सात साल से टूटा पड़ा है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। बरसात में हालात बदतर हो जाते हैं।
असलम, ग्रामीण।
यह गांव की फिरनी का मुख्य रास्ता है, जो आधा दर्जन गांवों को जोड़ता है। हर रोज सैंकड़ो लोग इस रास्ते से आते-जाते हैं। फिर भी इसे नजरअंदाज किया जा रहा है। -ओसाफ, ग्रामीण।
बच्चों को रोजाना गंदगी से होकर स्कूल जाना पड़ता है, जिससे बीमारी का खतरा बना रहता है। -इमरान, ग्रामीण।
हमारी जिला प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द पक्की सड़क बनवाकर ग्रामीणों को राहत दी जाए। -ओसामा, ग्रामीण।
Trending Videos
फोटो - गंदे पानी व कीचड़ से बदहाल रास्ता।
संवाद न्यूज एजेंसी नूंह। जिले का ऐतिहासिक और गांधी ग्राम के नाम से पहचाना जाने वाला गांव घासेड़ा पिछले सात वर्षों से प्रशासनिक अनदेखी का दंश झेल रहा है। गांव के कुरैशी मोहल्ला का करीब 800 मीटर लंबा मुख्य रास्ता जर्जर हालत में पड़ा है, जिससे स्थानीय लोगों का जीवन दूभर हो गया है। कई बार शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। यह रास्ता कब्रिस्तान, स्कूल और मदरसे को जोड़ता है तथा गांव की फिरनी का मुख्य मार्ग भी है।
800 मीटर का रास्ता बना परेशानी की जड़ : कुरैशी मोहल्ला में लगभग 80 घरों की बस्ती है। यही 800 मीटर का रास्ता बाजड़का, बैंसी, छपेड़ा, अल्दुका, कुर्थला सहित पलवल शहर को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग से भी जुड़ता है। बरसात के दिनों में रास्ता कीचड़ से भर जाता है, जबकि गर्मियों में धूल के गुबार से लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीण अकरम, शेर मोहम्मद, जाबिर, ओसामा व असलम का कहना है कि कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कब्रिस्तान तक शव ले जाने में भारी दिक्कत : यह मार्ग गांव के कब्रिस्तान तक जाता है। ऐसे में किसी की मृत्यु होने पर शव को कीचड़ भरे और गड्ढों से भरे रास्ते से ले जाना बेहद कठिन हो जाता है। कई बार लोगों को अस्थायी इंतजाम कर रास्ता समतल करना पड़ता है। ग्रामीण इसे संवेदनशील मुद्दा बताते हुए तत्काल समाधान की मांग कर रहे हैं।
स्कूली बच्चों और नमाजियों को परेशानी : इसी रास्ते से स्कूली बच्चे स्कूल और मदरसे जाते हैं। गंदगी और जलभराव के कारण बच्चों के कपड़े खराब हो जाते हैं और कई बार फिसलकर चोटिल भी हो जाते हैं। नमाज पढ़ने जाने वाले बुजुर्गों को भी खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
वहीं गांव के सरपंच इमरान का कहना है कि यह रास्ता लोक निर्माण के अधीन आता है। जब यह रास्ता बनाया गया था तो नालियां ऊंची और सड़क को नीचा बना दिया जिससे पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। सड़क पर पानी जमा होने के कारण हालात खराब हो चुके है। मैंने विभाग को लिखित शिकायत देकर समाधान कराने की मांग भी की हुई है।
यह मोहल्ले का मुख्य मार्ग है जो पिछले सात साल से टूटा पड़ा है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। बरसात में हालात बदतर हो जाते हैं।
असलम, ग्रामीण।
यह गांव की फिरनी का मुख्य रास्ता है, जो आधा दर्जन गांवों को जोड़ता है। हर रोज सैंकड़ो लोग इस रास्ते से आते-जाते हैं। फिर भी इसे नजरअंदाज किया जा रहा है। -ओसाफ, ग्रामीण।
बच्चों को रोजाना गंदगी से होकर स्कूल जाना पड़ता है, जिससे बीमारी का खतरा बना रहता है। -इमरान, ग्रामीण।
हमारी जिला प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द पक्की सड़क बनवाकर ग्रामीणों को राहत दी जाए। -ओसामा, ग्रामीण।