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Noida News: अंतरराष्ट्रीय हवाला रैकेट से विदेशों में काला धन खपाने के सबूत मिले
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अंतरराष्ट्रीय हवाला रैकेट से विदेशों में काला धन खपाने के सबूत मिले
-आईपीओ लांच करने के खेल में बड़े पूंजीपतियों के सिंडिकेट पर आयकर विभाग की जांच में खुलासा
- मर्चेंट बैंकर से जुड़ी 20 और कंपनियां जांच के दायरे में
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। देश के शेयर बाजार में आईपीओ लाकर आम लोगों को मुनाफे का लालच देकर फंसाने और उनकी गाढ़ी कमाई से बड़े पूंजीपतियों को मुनाफा कमवाने का खेल आयकर विभाग की जांच में उजागर हुआ है। पिछले दिनों विभाग ने मर्चेंट बैंकर कुलभूषण पराशर और उनसे जुड़े लोगों के देशभर में 20 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस जांच में टीमों को अंतरराष्ट्रीय हवाला रैकेट और उसके जरिए विदेशों में किए गए बेनामी निवेश के सबूत मिले हैं। यह निवेश हवाला रैकेट के जरिए कैश में दिल्ली-एनसीआर व नोएडा के कई लोगों ने किया है। इसमें कुछ कारोबारियों के अलावा चर्चित व बड़े नाम भी निकल कर सामने आने की चर्चा है। आयकर विभाग की अभी जांच जारी है।
विभागीय सूत्रों ने बताया कि पकड़े गए फर्जीवाड़े की स्क्रिप्ट आम लोगों को आईपीओ के लालच में फंसाकर बदले में कालेधन वालों को मुनाफा कमवाने के इर्द-गिर्द है। मर्चेंट बैंकर कंपनियों से उनको बांम्बे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में रजिस्ट्रेशन दिलोने काम करते हैं। इसमें उस अमुक कंपनी के आईपीओ का शोर पैदा किया जाता है। हवाला रैकेट के जरिए कैश पहुंचता है उसे डमी खातों के जरिए शेयर खरीद में लगाया जाता है। तेजी से शेयर जब बिकने लगते हैं तब आम निवेशक बढ़ते हैं। दूसरी तरफ कुछ नामों पर बगैर धनराशि लिए कंपनी के ज्यादा शेयर कर दिए जाते हैं। फिर इन शेयरों को ज्यादा कीमत पर आम निवेशक खरीदते हैं।
दूसरी तरफ कुछ गुमनाम पूंजीपति व कंपनी से जुड़े लोग करोड़ों का मुनाफा कमा लेते हैं। मुनाफे की यह धनराशि फिर सीधे यह अपने खुद के खातों में न लेकर हवाला के जरिए लेते हैं । मर्चेंट बैंकर जिसके ठिकानों पर विभाग की छापेमारी हुई थी उसकी तरफ से पूर्व में भी 20 और कंपनियों को शेयर मार्केट में पंजीकरण से जुड़ी प्रक्रिया में अहम भूमिका होने की बात सामने आई है। यह जांच आयकर विभाग नोएडा की टीम प्रधान आयकर निदेशक की अगुवाई में कर रही है। इसके पहले अमृतसर में आयकर विभाग की छापेमारी में आईपीओ लांच के नाम पर आम निवेशकों को फंसाए जाने का रैकेट पकड़ा गया था।
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। देश के शेयर बाजार में आईपीओ लाकर आम लोगों को मुनाफे का लालच देकर फंसाने और उनकी गाढ़ी कमाई से बड़े पूंजीपतियों को मुनाफा कमवाने का खेल आयकर विभाग की जांच में उजागर हुआ है। पिछले दिनों विभाग ने मर्चेंट बैंकर कुलभूषण पराशर और उनसे जुड़े लोगों के देशभर में 20 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस जांच में टीमों को अंतरराष्ट्रीय हवाला रैकेट और उसके जरिए विदेशों में किए गए बेनामी निवेश के सबूत मिले हैं। यह निवेश हवाला रैकेट के जरिए कैश में दिल्ली-एनसीआर व नोएडा के कई लोगों ने किया है। इसमें कुछ कारोबारियों के अलावा चर्चित व बड़े नाम भी निकल कर सामने आने की चर्चा है। आयकर विभाग की अभी जांच जारी है।
विभागीय सूत्रों ने बताया कि पकड़े गए फर्जीवाड़े की स्क्रिप्ट आम लोगों को आईपीओ के लालच में फंसाकर बदले में कालेधन वालों को मुनाफा कमवाने के इर्द-गिर्द है। मर्चेंट बैंकर कंपनियों से उनको बांम्बे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में रजिस्ट्रेशन दिलोने काम करते हैं। इसमें उस अमुक कंपनी के आईपीओ का शोर पैदा किया जाता है। हवाला रैकेट के जरिए कैश पहुंचता है उसे डमी खातों के जरिए शेयर खरीद में लगाया जाता है। तेजी से शेयर जब बिकने लगते हैं तब आम निवेशक बढ़ते हैं। दूसरी तरफ कुछ नामों पर बगैर धनराशि लिए कंपनी के ज्यादा शेयर कर दिए जाते हैं। फिर इन शेयरों को ज्यादा कीमत पर आम निवेशक खरीदते हैं।
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दूसरी तरफ कुछ गुमनाम पूंजीपति व कंपनी से जुड़े लोग करोड़ों का मुनाफा कमा लेते हैं। मुनाफे की यह धनराशि फिर सीधे यह अपने खुद के खातों में न लेकर हवाला के जरिए लेते हैं । मर्चेंट बैंकर जिसके ठिकानों पर विभाग की छापेमारी हुई थी उसकी तरफ से पूर्व में भी 20 और कंपनियों को शेयर मार्केट में पंजीकरण से जुड़ी प्रक्रिया में अहम भूमिका होने की बात सामने आई है। यह जांच आयकर विभाग नोएडा की टीम प्रधान आयकर निदेशक की अगुवाई में कर रही है। इसके पहले अमृतसर में आयकर विभाग की छापेमारी में आईपीओ लांच के नाम पर आम निवेशकों को फंसाए जाने का रैकेट पकड़ा गया था।