नोएडा में इंजीनियर की मौत: SUV ने स्पोर्ट्स बाइक को मारी टक्कर, पिता बोले- मौके पर एंबुलेंस पहुंचती तो बच जाता
सेक्टर-99 तिराहे पर शनिवार दोपहर एसयूवी की टक्कर से सॉफ्टवेयर इंजीनियर अर्नव कटारिया (23) की मौत हो गई। पुलिस ने चालक जय किशन को गिरफ्तार किया। पिता ने एंबुलेंस में देरी का आरोप लगाया है।
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यूपी के नोएडा में सेक्टर-99 तिराहे के पास शनिवार दोपहर एसयूवी ने स्पोर्ट्स बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक का अगला पहिया टूटकर अलग हो गया और एसयूवी का बोनट खुल गया। हादसे में गंभीर रूप से घायल बाइकसवार सॉफ्टवेयर इंजीनियर अर्नव कटारिया (23) को राहगीर अस्पताल लेकर गए। जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस ने एसयूवी चालक अट्टा निवासी जय किशन को गिरफ्तार कर वाहन को जब्त कर लिया है।
अर्नव की मां शालिनी वर्मा पेशे से डॉक्टर हैं जबकि पिता पंकज कटारिया बहुराष्ट्रीय मार्केटिंग कंपनी में कार्यरत हैं। अर्नव के बीटेक करने के बाद निजी कंपनी में नौकरी कर रहा था। पुलिस के मुताबिक शनिवार दोपहर करीब 1 बजे अर्नव अपनी स्पोर्ट्स बाइक से सेक्टर-99 से सेक्टर-49 की ओर जा रहे थे। सेक्टर-99 के पास स्थित तिराहे पर ग्रैंड विटारा ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। शालिनी दोपहर करीब 3 बजे अस्पताल पहुंची। तब तक अर्नव ने दम तोड़ दिया था।
पुलिस को दी शिकायत में शालिनी वर्मा ने आरोप लगाया कि बेटे की गंभीर हालत देखकर कार सवार अस्पताल से भाग गया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने ग्रेंड विटारा चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। थाना प्रभारी सेक्टर-39 डीपी शुक्ला ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी कार चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है। हादसे में बाइक के परखच्चे हो गए थे। घटनास्थल से हेलमेट नहीं बरामद हुआ है। सभी तथ्यों की जांच हो रही है।
पिता बोले- मौके से पहुंची एंबुलेंस तो बच जाती जान
हादसे के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में घायल अर्नव को ई-रिक्शा के बीच में लिटाकर ले जाते हुए दिखाया जा रहा है। वीडियो में अर्नव होश में दिख रहे हैं। पिता पंकज कटियार का आरोप है कि हादसे के बाद बेटे को समय पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं मिली। गंभीर रूप से घायल अर्नव को ई-रिक्शे से जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जिससे उपचार शुरू होने में काफी देरी हुई। उन्होंने कहा कि यदि मौके से तत्काल एंबुलेंस मिल जाती तो अस्पताल जल्दी पहुंचा जा सकता था।
इलाज में भी देरी का लगाया आरोप, जांच की मांग
पिता पंकज का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बाद भी चिकित्सकों ने गंभीर चोटों के बावजूद आवश्यक जांच करने में तेजी नहीं दिखाई। परिजनों का कहना है कि करीब दो घंटे तक उचित इलाज नहीं मिलने से अर्नव की हालत लगातार बिगड़ती गई। आरोप है कि गंभीर सड़क हादसे के मरीज के साथ जिस तरह की आपात चिकित्सा होनी चाहिए थी वह नहीं मिल सकी। परिवार ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
एसयूवी के पहले भी कट चुके चालान
परिजनों का कहना है कि जिस ग्रैंड विटारा कार से हादसा हुआ उसका पहले भी कई बार चालान हो चुका है। उनके अनुसार अधिकांश चालान ओवरस्पीडिंग के कारण किए गए थे। पंकज कटियार का आरोप है कि हादसे के बाद पुलिस ने यह जानने का प्रयास नहीं किया कि दुर्घटना के समय चालक नशे में था या नहीं।
इकलौते बेटे की मौत से टूटा परिवार
इकलौते बेटे अर्नव की मौत से पूरे परिवार को गहरा सदमा लगा है। मूलरूप से लखनऊ के विकास नगर निवासी परिवार करीब 22 वर्ष पहले नोएडा आया था। रविवार को नोएडा में अर्नव का अंतिम संस्कार किया गया। जहां बड़ी संख्या में परिजन और उनके परिचित मौजूद रहे। परिवार का कहना है कि वे बेटे को वापस नहीं ला सकते लेकिन चाहते हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच हो ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी त्रासदी और कथित लापरवाही का सामना न करना पड़े।
शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है। थाना पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई कर आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया है। -प्रवीण सिंह, एससीपी