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Noida News: प्रशिक्षण से सीखी गतिविधियों से कक्षाओं को मजबूत बना रहे शिक्षक
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फोटो
- पूरे साल डायट में बेसिक और माध्यमिक के करीब तीन हजार शिक्षकों को मिला प्रशिक्षण
अंकुर त्रिपाठी
ग्रेटर नोएडा। शिक्षक अब छात्रों को केवल किताबी ज्ञान देने तक सीमित नहीं हैं। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में पूरे साल बेसिक और माध्यमिक के शिक्षकों को सिखाई गई गतिविधियों का अब वह कक्षा कक्ष में उपयोग कर रहे हैं। पूरे साल 10 से अधिक प्रशिक्षण सत्र में दोनों विभागों के तीन हजार से अधिक शिक्षक प्रशिक्षण ले चुके हैं। विभिन्न प्रशिक्षण मिलने के बाद उनकी काम करने की क्षमता में बदलवा हुआ है। शिक्षक छात्रों को खेल खेल में भी सिखा रहे हैं। इसी का नतीजा है कि बेसिक और माध्यमिक स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी है।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के प्रभारी प्राचार्य अर्चना गुप्ता ने बताया कि अब प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पहले दो से तीन ही प्रशिक्षण होते थे। कुछ ही प्रशिक्षण शिक्षकों को कराए जाते थे, लेकिन अब इसमें बदलाव आया है। शिक्षकों को प्रशिक्षण के माध्यम से अपडेट किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण में यह भी ध्यान रखा जा रहा है कि स्कूलों में शिक्षकों की भी कमी न हो।
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2800 से अधिक शिक्षक हर साल लेते हैं प्रशिक्षण
नए सत्र के पहले प्रशिक्षण का पूरा खाका भी खींच लिया गया है। अब शिक्षकों को एक बार में ही सारे प्रशिक्षण दे दिए जाएंगे। परिषदीय और माध्यमिक के 2800 से अधिक शिक्षकों को हर साल प्रशिक्षण दिया जाता है। उन्हें कभी दो दिवसीय तो कभी तीन व पांच दिवस के लिए डायट आना पड़ता था, लेकिन अब नए प्रशिक्षण तालिका में ऐसा कुछ नहीं होगा। उन्हें गणित, अंग्रेजी, सामाजिक विज्ञान, विज्ञान, पर्यावरण, सड़क सुरक्षा सहित कई प्रशिक्षण एक ही बार में दिए जाएंगे। एक साल में कई शिक्षकों को सात से आठ बार प्रशिक्षण लेने आना पड़ता था। अब ऐसा नहीं होगा। कक्षा में भी शिक्षक रहें, इसका भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
इन प्रशिक्षणों को पूरे साल कराया गया
एकीकृत प्रशिक्षण मॉड्यूल संपूर्ण, सुरक्षा एवं संरक्षा प्रशिक्षण, संवैधानिक एवं मानवीय मूल्यों के विकास पर आधारित प्रशिक्षण, आवश्यकता आधारित प्रशिक्षण, स्मार्ट क्लास व आईसीटी, माध्यमिक सामाजिक विज्ञान प्रशिक्षण, माध्यमिक अंग्रेजी प्रशिक्षण शिक्षकों को दिया गया है। साथ ही 20 से अधिक कार्यक्रम शिक्षकों के लिए करवाए गए, जिससे उनका मानसिक विकास हो सके। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण का फायदा शिक्षकों में दिखाई दे रहा है।
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अंकुर त्रिपाठी
ग्रेटर नोएडा। शिक्षक अब छात्रों को केवल किताबी ज्ञान देने तक सीमित नहीं हैं। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में पूरे साल बेसिक और माध्यमिक के शिक्षकों को सिखाई गई गतिविधियों का अब वह कक्षा कक्ष में उपयोग कर रहे हैं। पूरे साल 10 से अधिक प्रशिक्षण सत्र में दोनों विभागों के तीन हजार से अधिक शिक्षक प्रशिक्षण ले चुके हैं। विभिन्न प्रशिक्षण मिलने के बाद उनकी काम करने की क्षमता में बदलवा हुआ है। शिक्षक छात्रों को खेल खेल में भी सिखा रहे हैं। इसी का नतीजा है कि बेसिक और माध्यमिक स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी है।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के प्रभारी प्राचार्य अर्चना गुप्ता ने बताया कि अब प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पहले दो से तीन ही प्रशिक्षण होते थे। कुछ ही प्रशिक्षण शिक्षकों को कराए जाते थे, लेकिन अब इसमें बदलाव आया है। शिक्षकों को प्रशिक्षण के माध्यम से अपडेट किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण में यह भी ध्यान रखा जा रहा है कि स्कूलों में शिक्षकों की भी कमी न हो।
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2800 से अधिक शिक्षक हर साल लेते हैं प्रशिक्षण
नए सत्र के पहले प्रशिक्षण का पूरा खाका भी खींच लिया गया है। अब शिक्षकों को एक बार में ही सारे प्रशिक्षण दे दिए जाएंगे। परिषदीय और माध्यमिक के 2800 से अधिक शिक्षकों को हर साल प्रशिक्षण दिया जाता है। उन्हें कभी दो दिवसीय तो कभी तीन व पांच दिवस के लिए डायट आना पड़ता था, लेकिन अब नए प्रशिक्षण तालिका में ऐसा कुछ नहीं होगा। उन्हें गणित, अंग्रेजी, सामाजिक विज्ञान, विज्ञान, पर्यावरण, सड़क सुरक्षा सहित कई प्रशिक्षण एक ही बार में दिए जाएंगे। एक साल में कई शिक्षकों को सात से आठ बार प्रशिक्षण लेने आना पड़ता था। अब ऐसा नहीं होगा। कक्षा में भी शिक्षक रहें, इसका भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
इन प्रशिक्षणों को पूरे साल कराया गया
एकीकृत प्रशिक्षण मॉड्यूल संपूर्ण, सुरक्षा एवं संरक्षा प्रशिक्षण, संवैधानिक एवं मानवीय मूल्यों के विकास पर आधारित प्रशिक्षण, आवश्यकता आधारित प्रशिक्षण, स्मार्ट क्लास व आईसीटी, माध्यमिक सामाजिक विज्ञान प्रशिक्षण, माध्यमिक अंग्रेजी प्रशिक्षण शिक्षकों को दिया गया है। साथ ही 20 से अधिक कार्यक्रम शिक्षकों के लिए करवाए गए, जिससे उनका मानसिक विकास हो सके। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण का फायदा शिक्षकों में दिखाई दे रहा है।