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Noida News: इलाज में खर्च राशि का बीमा कंपनी करे भुगतान
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जिला उपभोक्ता आयोग
इलाज में खर्च राशि का बीमा कंपनी करे भुगतान
6 फीसदी ब्याज समेत 11 हजार रुपये 30 दिन में भुगतान करने होंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। इलाज में खर्च राशि का बीमा कंपनी को भुगतान करना होगा। ऐसे ही एक मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने स्टार हेल्थ एंड इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को इलाज में खर्च राशि का ब्याज समेत भुगतान करने का आदेश दिया है।
आयोग के अध्यक्ष अनिल कुमार पुंडीर और सदस्य अंजु शर्मा ने सुनवाई की। दादरी के ग्राम बंबावड निवासी मनोज कुमार नागर ने स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से 2019 में 19675 रुपये का भुगतान करके स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी ली थी। पॉलिसी में उनके साथ पत्नी और बच्चे भी शामिल थे। कंपनी के एजेंट ने उनको बताया कि पॉलिसी कैशलेस है। अस्पताल में भर्ती होने पर किसी भी प्रकार का कोई भुगतान नहीं करना पड़ेगा। वह हर साल समय से पॉलिसी का नवीनीकरण कराते रहे। 8 मार्च 2024 से 7 मार्च 2025 तक मान्य है। 24 सितंबर 2024 को उनकी पुत्री एकता नागर की तबीयत खराब हो गई। उन्होंने बेटी को नवीन अस्पताल दादरी में 26 सितंबर तक भर्ती कराया। कंपनी के कर्मचारी से इलाज के खर्च के भुगतान के लिए अनुरोध किया। उनके द्वारा बिल मांगे गए। अस्पताल के बिल समेत इलाज के दस्तावेज भेज दिए। बीमा कंपनी ने उनके क्लेम को निरस्त कर दिया।
बीमा कंपनी का कहना था कि इलाज के लिए एकता नागर को भर्ती कराने की जरूरत नहीं थी। बीमा कंपनी से इलाज की धनराशि नहीं मिलने पर 11 हजार रुपये का भुगतान अपने पास से किया। क्लेम दिलाने के लिए जिला उपभोक्ता आयोग में वाद दायर किया। आयोग में सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि एकता को तेज बुखार वाली बीमारी पाई गई। उसकी जांच रिपोर्ट सामान्य थी। उनको भर्ती करके उपचार करने की जरूरत नहीं थी। आयोग ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पेश किए गए साक्ष्य का अवलोकन किया। स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी वैध थी। इलाज के लिए भर्ती करने की जरूरत थी या नहीं, इसका फैसला इलाज कर रहे चिकित्सक को लेना है। बीमा कंपनी इस आधार पर क्लेम देने से इन्कार नहीं कर सकती है। आयोग ने बीमा कंपनी की सेवा में कमी करार दिया। साथ ही कंपनी को आदेश दिया है कि 6 फीसदी ब्याज समेत 11 हजार रुपये 30 दिन में भुगतान करने होंगे। दो हजार रुपये वाद व्यय के भी देने होंगे।
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इलाज में खर्च राशि का बीमा कंपनी करे भुगतान
6 फीसदी ब्याज समेत 11 हजार रुपये 30 दिन में भुगतान करने होंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। इलाज में खर्च राशि का बीमा कंपनी को भुगतान करना होगा। ऐसे ही एक मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने स्टार हेल्थ एंड इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को इलाज में खर्च राशि का ब्याज समेत भुगतान करने का आदेश दिया है।
आयोग के अध्यक्ष अनिल कुमार पुंडीर और सदस्य अंजु शर्मा ने सुनवाई की। दादरी के ग्राम बंबावड निवासी मनोज कुमार नागर ने स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से 2019 में 19675 रुपये का भुगतान करके स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी ली थी। पॉलिसी में उनके साथ पत्नी और बच्चे भी शामिल थे। कंपनी के एजेंट ने उनको बताया कि पॉलिसी कैशलेस है। अस्पताल में भर्ती होने पर किसी भी प्रकार का कोई भुगतान नहीं करना पड़ेगा। वह हर साल समय से पॉलिसी का नवीनीकरण कराते रहे। 8 मार्च 2024 से 7 मार्च 2025 तक मान्य है। 24 सितंबर 2024 को उनकी पुत्री एकता नागर की तबीयत खराब हो गई। उन्होंने बेटी को नवीन अस्पताल दादरी में 26 सितंबर तक भर्ती कराया। कंपनी के कर्मचारी से इलाज के खर्च के भुगतान के लिए अनुरोध किया। उनके द्वारा बिल मांगे गए। अस्पताल के बिल समेत इलाज के दस्तावेज भेज दिए। बीमा कंपनी ने उनके क्लेम को निरस्त कर दिया।
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बीमा कंपनी का कहना था कि इलाज के लिए एकता नागर को भर्ती कराने की जरूरत नहीं थी। बीमा कंपनी से इलाज की धनराशि नहीं मिलने पर 11 हजार रुपये का भुगतान अपने पास से किया। क्लेम दिलाने के लिए जिला उपभोक्ता आयोग में वाद दायर किया। आयोग में सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि एकता को तेज बुखार वाली बीमारी पाई गई। उसकी जांच रिपोर्ट सामान्य थी। उनको भर्ती करके उपचार करने की जरूरत नहीं थी। आयोग ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पेश किए गए साक्ष्य का अवलोकन किया। स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी वैध थी। इलाज के लिए भर्ती करने की जरूरत थी या नहीं, इसका फैसला इलाज कर रहे चिकित्सक को लेना है। बीमा कंपनी इस आधार पर क्लेम देने से इन्कार नहीं कर सकती है। आयोग ने बीमा कंपनी की सेवा में कमी करार दिया। साथ ही कंपनी को आदेश दिया है कि 6 फीसदी ब्याज समेत 11 हजार रुपये 30 दिन में भुगतान करने होंगे। दो हजार रुपये वाद व्यय के भी देने होंगे।