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Noida News: कवच मिशन से बदलेगी पढ़ाई की तस्वीर, एआई और नवाचार से मजबूत होगी शिक्षकों की क्षमता
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- 6 जुलाई से शुरू होंगे प्रशिक्षण, पूरे वर्ष 4 हजार से अधिक शिक्षक और 50 हजार छात्र होंगे लाभान्वित, पहली बार इंटर कॉलेज के विद्यार्थी भी होंगे शामिल
अंकुर त्रिपाठी
ग्रेटर नोएडा। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) ने कवच मिशन के तहत शिक्षकों की क्षमता विकास और विद्यार्थियों के समग्र शैक्षिक विकास के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार कर ली है। इस वर्ष पहली बार परिषदीय विद्यालयों के साथ इंटर कॉलेजों के छात्र भी डायट की प्रशिक्षण एवं प्रतियोगी गतिविधियों में शामिल होंगे। पूरे वर्ष में 4 हजार से अधिक शिक्षकों और 50 हजार से अधिक विद्यार्थियों को एआई, नेतृत्व, नवाचार और गतिविधि आधारित शिक्षण से जोड़ा जाएगा। डायट प्रवक्ता राजेश खन्ना के अनुसार 6 जुलाई से चार चरणों में प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू होंगे। माध्यमिक विद्यालयों के करीब 200 शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण तकनीकों, विद्यार्थियों की जरूरतों के अनुरूप शिक्षण पद्धति, सुरक्षा, संवेदनशीलता और क्षमता निर्माण का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को ऐसा सक्षम बनाना है कि वे विद्यार्थियों को केवल परीक्षा नहीं, बल्कि जीवन की चुनौतियों के लिए भी तैयार कर सकें।
वर्षभर में यह प्रमुख प्रशिक्षण दिए जाएंगे-
डायट प्रवक्ता दीक्षा ने बताया कि वर्षभर प्रज्ञा प्रवाह, अरुणोदय एवं आनंदम, नेतृत्व विकास, एआई आधारित शैक्षिक संवर्धन, खेल मॉड्यूल, फोनेटिक्स इंटीग्रेटेड, संस्कृत संदर्शिका और आवश्यकता आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षकों को नवाचार आधारित शिक्षण, तकनीक के प्रभावी उपयोग और गतिविधि आधारित कक्षाओं के संचालन का प्रशिक्षण मिलेगा। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के संचालन पर करीब 40 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इस बजट से अध्ययन सामग्री, विशेषज्ञ प्रशिक्षकों, तकनीकी संसाधनों और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की व्यवस्था की जाएगी। उद्देश्य शिक्षकों की दक्षता बढ़ाकर विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में गुणात्मक सुधार लाना है।
कोट-
पूरे साल के प्रशिक्षण कार्यक्रम तय हो चुके हैं। 6 जुलाई से चार बैचों में प्रशिक्षण शुरू होगा। प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षकों को सीखी गई तकनीकों का उपयोग कक्षा में करना होगा। पहली बार डायट की गतिविधियों में कक्षा 1 से 12वीं तक के छात्र शामिल होंगे। -अर्चना गुप्ता, प्राचार्य, डायट
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अंकुर त्रिपाठी
ग्रेटर नोएडा। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) ने कवच मिशन के तहत शिक्षकों की क्षमता विकास और विद्यार्थियों के समग्र शैक्षिक विकास के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार कर ली है। इस वर्ष पहली बार परिषदीय विद्यालयों के साथ इंटर कॉलेजों के छात्र भी डायट की प्रशिक्षण एवं प्रतियोगी गतिविधियों में शामिल होंगे। पूरे वर्ष में 4 हजार से अधिक शिक्षकों और 50 हजार से अधिक विद्यार्थियों को एआई, नेतृत्व, नवाचार और गतिविधि आधारित शिक्षण से जोड़ा जाएगा। डायट प्रवक्ता राजेश खन्ना के अनुसार 6 जुलाई से चार चरणों में प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू होंगे। माध्यमिक विद्यालयों के करीब 200 शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण तकनीकों, विद्यार्थियों की जरूरतों के अनुरूप शिक्षण पद्धति, सुरक्षा, संवेदनशीलता और क्षमता निर्माण का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को ऐसा सक्षम बनाना है कि वे विद्यार्थियों को केवल परीक्षा नहीं, बल्कि जीवन की चुनौतियों के लिए भी तैयार कर सकें।
वर्षभर में यह प्रमुख प्रशिक्षण दिए जाएंगे-
डायट प्रवक्ता दीक्षा ने बताया कि वर्षभर प्रज्ञा प्रवाह, अरुणोदय एवं आनंदम, नेतृत्व विकास, एआई आधारित शैक्षिक संवर्धन, खेल मॉड्यूल, फोनेटिक्स इंटीग्रेटेड, संस्कृत संदर्शिका और आवश्यकता आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षकों को नवाचार आधारित शिक्षण, तकनीक के प्रभावी उपयोग और गतिविधि आधारित कक्षाओं के संचालन का प्रशिक्षण मिलेगा। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के संचालन पर करीब 40 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इस बजट से अध्ययन सामग्री, विशेषज्ञ प्रशिक्षकों, तकनीकी संसाधनों और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की व्यवस्था की जाएगी। उद्देश्य शिक्षकों की दक्षता बढ़ाकर विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में गुणात्मक सुधार लाना है।
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कोट-
पूरे साल के प्रशिक्षण कार्यक्रम तय हो चुके हैं। 6 जुलाई से चार बैचों में प्रशिक्षण शुरू होगा। प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षकों को सीखी गई तकनीकों का उपयोग कक्षा में करना होगा। पहली बार डायट की गतिविधियों में कक्षा 1 से 12वीं तक के छात्र शामिल होंगे। -अर्चना गुप्ता, प्राचार्य, डायट
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