{"_id":"6a85b1703895f14f1f031ea3","slug":"three-dengue-patients-confirmed-at-jims-in-a-week-noida-news-c-23-1-lko1064-103589-2026-08-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: जिम्स में एक सप्ताह में 3 डेंगू मरीजों की पुष्टि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: जिम्स में एक सप्ताह में 3 डेंगू मरीजों की पुष्टि
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिम्स में रोजाना 25 से 30 मरीज वायरल बुखार की शिकायत लेकर पहुंच रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। बारिश के बाद मौसम में बढ़ी नमी और जगह-जगह जमा पानी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ने लगा है। इसके साथ ही वायरल बुखार, डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रेटर नोएडा स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) के मेडिसिन विभाग की ओपीडी में इन दिनों बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। चिकित्सकों के अनुसार रोजाना करीब 25 से 30 मरीज वायरल बुखार की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। वहीं, डेंगू और मलेरिया के मरीज भी सामने आ रहे हैं।
दरअसल, बारिश के बाद जब तेज धूप निकलती है तो जमा पानी में डेंगू फैलाने वाले एडीज और मलेरिया फैलाने वाले एनाफिलीज मच्छरों के लार्वा तेजी से विकसित होते हैं। कूलर, पानी की टंकियां, गमले, पुराने टायर, टूटे बर्तन और खुले स्थानों पर जमा पानी मच्छरों के प्रजनन का सबसे बड़ा कारण बनते हैं। ऐसे में लोगों को सप्ताह में कम से कम एक बार कूलर और पानी के बर्तनों को पूरी तरह खाली कर साफ करना चाहिए। जिम्स के चिकित्सकों के अनुसार, एक सप्ताह के दौरान दो से तीन मरीज डेंगू पॉजिटिव पाए गए हैं। जिम्स के मेडिसिन विभाग के सह-आचार्य डॉ. दीपक शर्मा का कहना है कि बारिश के बाद कई स्थानों पर जलभराव और खुले में पानी जमा होने से मच्छरों को पनपने का अनुकूल वातावरण मिलता है। डॉ. शर्मा के अनुसार, डेंगू और मलेरिया में बुखार प्रमुख लक्षण है। ऐसे में लगातार बुखार रहने पर मरीज को स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। बारिश के बाद मौसम में बढ़ी नमी और जगह-जगह जमा पानी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ने लगा है। इसके साथ ही वायरल बुखार, डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रेटर नोएडा स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) के मेडिसिन विभाग की ओपीडी में इन दिनों बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। चिकित्सकों के अनुसार रोजाना करीब 25 से 30 मरीज वायरल बुखार की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। वहीं, डेंगू और मलेरिया के मरीज भी सामने आ रहे हैं।
दरअसल, बारिश के बाद जब तेज धूप निकलती है तो जमा पानी में डेंगू फैलाने वाले एडीज और मलेरिया फैलाने वाले एनाफिलीज मच्छरों के लार्वा तेजी से विकसित होते हैं। कूलर, पानी की टंकियां, गमले, पुराने टायर, टूटे बर्तन और खुले स्थानों पर जमा पानी मच्छरों के प्रजनन का सबसे बड़ा कारण बनते हैं। ऐसे में लोगों को सप्ताह में कम से कम एक बार कूलर और पानी के बर्तनों को पूरी तरह खाली कर साफ करना चाहिए। जिम्स के चिकित्सकों के अनुसार, एक सप्ताह के दौरान दो से तीन मरीज डेंगू पॉजिटिव पाए गए हैं। जिम्स के मेडिसिन विभाग के सह-आचार्य डॉ. दीपक शर्मा का कहना है कि बारिश के बाद कई स्थानों पर जलभराव और खुले में पानी जमा होने से मच्छरों को पनपने का अनुकूल वातावरण मिलता है। डॉ. शर्मा के अनुसार, डेंगू और मलेरिया में बुखार प्रमुख लक्षण है। ऐसे में लगातार बुखार रहने पर मरीज को स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।
विज्ञापन