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हर्षा रिछारिया वीडियो: 'बस बहुत हुआ…अब और नहीं, मैं सीता नहीं हूं; विद्रोही मानसिकता लेकर इस धर्म से जा रही'
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
Published by: राहुल तिवारी
Updated Tue, 13 Jan 2026 03:41 PM IST
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सार
महाकुंभ 2025 से चर्चा में आईं हर्षा रिछारिया ने लगातार विरोध, चरित्र हनन और मानसिक दबाव का हवाला देते हुए धर्म के मार्ग से अलग होने का एलान किया है। भावुक वीडियो में उन्होंने मौनी अमावस्या के बाद पुराने प्रोफेशन में लौटने की बात कही।
हर्षा रिछारिया
- फोटो : इंस्टाग्राम
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विस्तार
महाकुंभ 2025 के दौरान सुर्खियों में आईं हर्षा रिछारिया ने धर्म के मार्ग से अलग होने का एलान किया है। इंस्टाग्राम पर साझा किए गए एक भावुक वीडियो में उन्होंने बताया कि बीते एक साल में उन्हें लगातार विरोध, चरित्र हनन और मानसिक दबाव का सामना करना पड़ा, जिससे आहत होकर उन्होंने अपने पुराने प्रोफेशन में लौटने का फैसला लिया है।
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वीडियो में हर्षा रिछारिया ने जारी वीडियो के माध्यम से स्पष्ट किया कि मौनी अमावस्या के स्नान के बाद वह धर्म के मार्ग पर चलने का संकल्प समाप्त कर देंगी। उन्होंने कहा कि उन्होंने न तो कोई गलत काम किया और न ही अनैतिक आचरण अपनाया, इसके बावजूद बार-बार उन्हें रोका गया और उनका मनोबल तोड़ा गया।
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हर्षा ने धर्म को धंधा बनाकर करोड़ों रुपये कमाने के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि ये बातें पूरी तरह गलत हैं। उन्होंने दावा किया कि आज वह आर्थिक रूप से मजबूत नहीं, बल्कि कर्ज में डूबी हुई हैं। उन्होंने बताया कि धर्म के मार्ग पर आने से पहले वह एंकरिंग और मॉडलिंग के क्षेत्र में सफल करियर कर रही थीं। देश और विदेश में काम कर चुकी थीं और पूरी तरह आत्मनिर्भर थीं। हालांकि, पिछले एक साल में विवादों और विरोध के चलते उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ गई और उनके पास सिर्फ उधारी रह गई।
भावुक होते हुए हर्षा रिछारिया ने कहा कि हमारे समाज में किसी महिला के चरित्र पर सवाल उठाना बेहद आसान है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वह सीता नहीं हैं जो बार-बार अग्नि परीक्षा दें। उन्होंने कहा मेरा इस धर्म जाना सिर्फ जाना नहीं होगा। बल्कि एक विद्रोही मानसिकता के साथ जाना होगा।