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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Now complaints can be lodged on the road itself, the voice of the public will reach the PWD as soon as the QR is scanned.

Delhi NCR News: अब सड़क पर ही शिकायत, क्यूआर स्कैन करते ही पीडब्ल्यूडी तक पहुंचेगी जनता की आवाज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 21 Mar 2026 07:02 PM IST
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-आपकी सड़क, आपकी निगरानी, दिल्ली में सड़क निर्माण पर जनता की सीधी नजर, फीडबैक से तय होगी गुणवत्ता
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अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली।
राजधानी में अब सड़क सिर्फ आने-जाने का जरिया नहीं रहेगी, बल्कि उसी पर चलते हुए लोग उसकी गुणवत्ता पर अपनी राय भी दर्ज करा सकेंगे। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों में पारदर्शिता और जन-भागीदारी बढ़ाने के लिए क्यूआर बार कोड आधारित डिस्प्ले बोर्ड लगाने की शुरुआत की है। इस पहल के तहत अब नागरिक सड़क पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन करके सीधे विभाग तक अपनी शिकायत, सुझाव या अनुभव पहुंचा सकेंगे।



पीडब्ल्यूडी के नए सिस्टम के मुताबिक, जहां भी सड़क की स्ट्रेंथनिंग या री-कार्पेटिंग का काम पूरा होगा, वहां सात दिनों के भीतर बस क्यू शेल्टर, प्रमुख चौराहों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर क्यूआर कोड युक्त बोर्ड लगाए जाएंगे। इसका उद्देश्य यह है कि ज्यादा से ज्यादा लोग इस व्यवस्था का उपयोग कर सकें और सड़क की गुणवत्ता पर अपनी निगरानी रख सकें। क्यूआर कोड स्कैन करते ही नागरिकों के मोबाइल पर संबंधित सड़क परियोजना की पूरी जानकारी उपलब्ध होगी। इसमें सड़क का नाम, उसकी लंबाई, आखिरी बार कब मरम्मत हुई, किस एजेंसी या ठेकेदार ने काम किया, कितनी लागत आई और डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड क्या है, जैसी अहम जानकारियां शामिल होंगी। इससे पहले आम लोगों के लिए यह जानकारी हासिल करना आसान नहीं था, लेकिन अब यह सब कुछ एक स्कैन की दूरी पर होगा।
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क्यूआर सिस्टम में इंटीग्रेटेड फीडबैक मैकेनिज्म भी जोड़ा गया

सबसे अहम बात यह है कि इस क्यूआर सिस्टम में एक इंटीग्रेटेड फीडबैक मैकेनिज्म भी जोड़ा गया है। यानी यदि किसी सड़क पर खराब गुणवत्ता का काम हुआ है, कुछ ही दिनों में गड्ढे बन गए हैं या निर्माण में अनियमितता दिखती है, तो लोग तुरंत उसी जगह से अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। इससे शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया न केवल आसान होगी, बल्कि मौके पर ही तथ्यात्मक फीडबैक मिलने से कार्रवाई भी तेज हो सकेगी। पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने इस पहल को जन-भागीदारी का नया मॉडल बताते हुए कहा कि पारदर्शिता का मतलब केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि लोगों की बात सुनना भी है। उनके मुताबिक, इस व्यवस्था से नागरिक सीधे विभाग से जुड़ेंगे और सड़क कार्यों की गुणवत्ता पर उनकी निगरानी मजबूत होगी। विभाग ने यह भी सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं कि सभी डिस्प्ले बोर्ड स्पष्ट रूप से दिखाई दें और क्यूआर कोड हर समय कार्यरत रहें। किसी भी नए कार्य के बाद जानकारी तुरंत अपडेट करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, सभी डिवीजनों को 10 दिनों के भीतर कार्य पूर्णता रिपोर्ट जमा करनी होगी और जोनल स्तर पर नियमित निगरानी की जाएगी।
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