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Nuh News: नूंह जिला खेल विभाग पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप, जांच की मांग
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प्रशिक्षकों और खिलाड़ियों ने एसडीएम को सीएम के नाम ज्ञापन सौंपाकर जांच की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। जिला खेल विभाग में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार, शोषण और अनियमितताओं के गंभीर आरोप सामने आए हैं। खेल प्रशिक्षकों और खिलाड़ियों ने जिला खेल अधिकारी समेत विभाग के कई कर्मचारियों पर रिश्वतखोरी, ग्रेडेशन में धांधली, महिला प्रशिक्षक से बदसलूकी और खिलाड़ियों के अधिकारों के हनन के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों को लेकर मंगलवार को एसडीएम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपाकर उच्चस्तरीय जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।
मुख्य शिकायतकर्ता कमांडो हिदायत खान व अन्य का कहना है कि पंचायतों को वितरित किया गया खेल सामान बेहद घटिया गुणवत्ता का है। बिना किसी तकनीकी जांच के सामान की सप्लाई की गई, जिससे खिलाड़ियों को अभ्यास और प्रतियोगिताओं में नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने इस संबंध में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। खेल नर्सरी ग्रेडेशन प्रक्रिया में भी भारी अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं।
ग्रेड बदलने के लिए 8 हजार मांगने और महिला प्रशिक्षक से बदसलूकी के आरोप
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि 30 में से 26 प्रशिक्षकों को जानबूझकर डी ग्रेड दिया गया और सी ग्रेड कराने के लिए प्रति प्रशिक्षक 8 हजार रुपये मांगे गए। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि इस संबंध में रिकॉर्डिंग भी मौजूद है। इसके अलावा जिला खेल अधिकारी पर एक महिला प्रशिक्षक के साथ बदसलूकी और शोषण के गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जो वर्तमान में हाईकोर्ट में विचाराधीन बताए जा रहे हैं। खिलाड़ियों का आरोप है कि राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने के बावजूद उन्हें न तो भत्ता दिया गया और न ही प्रमाण पत्र मिले। सर्टिफिकेट देने के नाम पर भी पैसे मांगे जाने की शिकायत है।शिकायत में यह भी कहा गया है कि बजट उपलब्ध होने के बावजूद नर्सरी प्रशिक्षकों को समय पर वेतन नहीं दिया जा रहा और टेरजरी का बहाना बनाकर अवैध वसूली की जा रही है। मेवात क्रिकेट टीम चयन में भी पैसे लेकर नाम जोड़ने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं ने 22 दिसंबर 2025 से अब तक बने सभी बिलों, नियुक्तियों, ग्रेडेशन और वेतन भुगतान की निष्पक्ष जांच कर आगामी सत्र 2026-27 से पहले संबंधित अधिकारियों को हटाने की मांग की है।
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जो योग्य नहीं है उनको सिलेक्ट नहीं किया जा सकता
जो काबिल हैं वो राज्य स्तरीय सीएम कप में पलवल व गुरुग्राम खेलने गए हुए हैं। बाकि जो योग्य नहीं है उनको कैसे सेलेक्ट कर सकते हैं। ग्रेडशन की पॉवर हमारे पास नहीं है। हम पेपर तैयार करते है और आगे भेज देते हैं। महिला प्रशिक्षक के शोषण का मामला कोर्ट में विचाराधीन है फैसला आने पर सब साफ हो जाएगा। चयन प्रक्रिया में हेराफेरी जैसे आरोप निराधार हैं। किसी भी तरह की जांच के लिए हम तैयार हैं। -राजेश, सीनियर एथलीट कोच नूंह।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। जिला खेल विभाग में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार, शोषण और अनियमितताओं के गंभीर आरोप सामने आए हैं। खेल प्रशिक्षकों और खिलाड़ियों ने जिला खेल अधिकारी समेत विभाग के कई कर्मचारियों पर रिश्वतखोरी, ग्रेडेशन में धांधली, महिला प्रशिक्षक से बदसलूकी और खिलाड़ियों के अधिकारों के हनन के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों को लेकर मंगलवार को एसडीएम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपाकर उच्चस्तरीय जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।
मुख्य शिकायतकर्ता कमांडो हिदायत खान व अन्य का कहना है कि पंचायतों को वितरित किया गया खेल सामान बेहद घटिया गुणवत्ता का है। बिना किसी तकनीकी जांच के सामान की सप्लाई की गई, जिससे खिलाड़ियों को अभ्यास और प्रतियोगिताओं में नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने इस संबंध में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। खेल नर्सरी ग्रेडेशन प्रक्रिया में भी भारी अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं।
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ग्रेड बदलने के लिए 8 हजार मांगने और महिला प्रशिक्षक से बदसलूकी के आरोप
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि 30 में से 26 प्रशिक्षकों को जानबूझकर डी ग्रेड दिया गया और सी ग्रेड कराने के लिए प्रति प्रशिक्षक 8 हजार रुपये मांगे गए। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि इस संबंध में रिकॉर्डिंग भी मौजूद है। इसके अलावा जिला खेल अधिकारी पर एक महिला प्रशिक्षक के साथ बदसलूकी और शोषण के गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जो वर्तमान में हाईकोर्ट में विचाराधीन बताए जा रहे हैं। खिलाड़ियों का आरोप है कि राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने के बावजूद उन्हें न तो भत्ता दिया गया और न ही प्रमाण पत्र मिले। सर्टिफिकेट देने के नाम पर भी पैसे मांगे जाने की शिकायत है।शिकायत में यह भी कहा गया है कि बजट उपलब्ध होने के बावजूद नर्सरी प्रशिक्षकों को समय पर वेतन नहीं दिया जा रहा और टेरजरी का बहाना बनाकर अवैध वसूली की जा रही है। मेवात क्रिकेट टीम चयन में भी पैसे लेकर नाम जोड़ने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं ने 22 दिसंबर 2025 से अब तक बने सभी बिलों, नियुक्तियों, ग्रेडेशन और वेतन भुगतान की निष्पक्ष जांच कर आगामी सत्र 2026-27 से पहले संबंधित अधिकारियों को हटाने की मांग की है।
जो योग्य नहीं है उनको सिलेक्ट नहीं किया जा सकता
जो काबिल हैं वो राज्य स्तरीय सीएम कप में पलवल व गुरुग्राम खेलने गए हुए हैं। बाकि जो योग्य नहीं है उनको कैसे सेलेक्ट कर सकते हैं। ग्रेडशन की पॉवर हमारे पास नहीं है। हम पेपर तैयार करते है और आगे भेज देते हैं। महिला प्रशिक्षक के शोषण का मामला कोर्ट में विचाराधीन है फैसला आने पर सब साफ हो जाएगा। चयन प्रक्रिया में हेराफेरी जैसे आरोप निराधार हैं। किसी भी तरह की जांच के लिए हम तैयार हैं। -राजेश, सीनियर एथलीट कोच नूंह।