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Nuh News: मौत का कॉरिडोर बन रहा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे
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नूंह में फिर तीन जिंदगियां निगली, सड़क, अवैध पार्किंग और लापरवाही पर उठे सवाल
आठ महीने में कई बड़े हादसे हुए, दो दर्जन से अधिक लोगों की जा चुकी है जान
दिनेश देशवाल
नूंह। देश के सबसे आधुनिक और हाईस्पीड दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर नूंह जिले का हिस्सा लगातार मौत के कॉरिडोर में बदलता जा रहा है। रविवार रात गांव बनारसी के पास हुए भीषण सड़क हादसे में एक महिला समेत तीन लोगों की मौत और तीन अन्य के गंभीर रूप से घायल होने के बाद एक बार फिर एक्सप्रेसवे की सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। लगातार हो रहे हादसों के बावजूद सड़क किनारे अवैध पार्किंग, खड़े भारी वाहनों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से लोगों में भारी नाराजगी है।
नूंह से गुजरने वाला एक्सप्रेसवे पिछले कुछ महीनों में लगातार दर्दनाक दुर्घटनाओं का गवाह बना है। कभी घने कोहरे ने कहर बरपाया, कभी सड़क किनारे खड़े ट्रक और ट्रेलर जानलेवा साबित हुए तो कभी तेज रफ्तार और लापरवाही ने परिवारों को उजाड़ दिया। बार-बार हादसों के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा।
आठ महीने में हादसे
5 दिसंबर 2025: नौशेरा गांव के पास अज्ञात भारी वाहन ने कार को पीछे से टक्कर मार दी। दंपती करीब आठ घंटे तक कार में फंसे रहे और उनकी मौत हो गई।
15 दिसंबर 2025: रनियाला गांव के पास घने कोहरे के बीच 18 से अधिक वाहनों की चेन टक्कर हुई। हादसे में दो लोगों की मौत और 35 से अधिक लोग घायल हुए।
23 मार्च 2026: हिलालपुर टोल प्लाजा के पास कार डिवाइडर से टकराकर पलट गई। तीन लोगों की मौत और एक घायल हुआ।
30 मार्च 2026: फिरोजपुर झिरका क्षेत्र में पंचर ठीक कर रही कार को पीछे से दूसरी कार ने टक्कर मार दी। दो लोगों की मौत और दो घायल हुए।
17 मई 2026: नूंह क्षेत्र में एसयूवी अनियंत्रित होकर पलट गई। एक व्यक्ति की मौत और पांच लोग घायल हुए।
13 जून 2026: रवा-बघोला के पास पिलर नंबर-64 पर सड़क किनारे खड़े ट्रक से एसयूवी टकरा गई। चार लोगों की मौत और दो घायल हुए।
26 जून 2026: खेड़ा खलीलपुर के पास खड़े ट्रेलर से कार टकराई। एक व्यक्ति की मौत और चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए।
20 जुलाई 2026: गांव बनारसी के पास हुए ताजा हादसे में एक महिला समेत तीन लोगों की मौत और तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
लगातार सामने आ रहे मामलों में एक समान तस्वीर दिखाई देती है, सड़क किनारे खड़े भारी वाहन, अवैध पार्किंग, तेज रफ्तार, अपर्याप्त ट्रैफिक प्रबंधन और सुरक्षा मानकों की अनदेखी। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर भारी वाहन घंटों तक एक्सप्रेसवे के किनारे खड़े रहते हैं, लेकिन इनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होती। हादसों के बाद कुछ दिनों तक अभियान चलता है, फिर स्थिति पहले जैसी हो जाती है। नगीना थाना पुलिस का कहना है कि ताजा मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर फरार वाहन चालक की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बाद एक बार फिर एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा व्यवस्था, अवैध पार्किंग पर रोक और प्रभावी निगरानी को लेकर सवाल तेज हो गए हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हादसों का यह सिलसिला थमना मुश्किल होगा।
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आठ महीने में कई बड़े हादसे हुए, दो दर्जन से अधिक लोगों की जा चुकी है जान
दिनेश देशवाल
नूंह। देश के सबसे आधुनिक और हाईस्पीड दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर नूंह जिले का हिस्सा लगातार मौत के कॉरिडोर में बदलता जा रहा है। रविवार रात गांव बनारसी के पास हुए भीषण सड़क हादसे में एक महिला समेत तीन लोगों की मौत और तीन अन्य के गंभीर रूप से घायल होने के बाद एक बार फिर एक्सप्रेसवे की सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। लगातार हो रहे हादसों के बावजूद सड़क किनारे अवैध पार्किंग, खड़े भारी वाहनों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से लोगों में भारी नाराजगी है।
नूंह से गुजरने वाला एक्सप्रेसवे पिछले कुछ महीनों में लगातार दर्दनाक दुर्घटनाओं का गवाह बना है। कभी घने कोहरे ने कहर बरपाया, कभी सड़क किनारे खड़े ट्रक और ट्रेलर जानलेवा साबित हुए तो कभी तेज रफ्तार और लापरवाही ने परिवारों को उजाड़ दिया। बार-बार हादसों के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा।
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आठ महीने में हादसे
5 दिसंबर 2025: नौशेरा गांव के पास अज्ञात भारी वाहन ने कार को पीछे से टक्कर मार दी। दंपती करीब आठ घंटे तक कार में फंसे रहे और उनकी मौत हो गई।
15 दिसंबर 2025: रनियाला गांव के पास घने कोहरे के बीच 18 से अधिक वाहनों की चेन टक्कर हुई। हादसे में दो लोगों की मौत और 35 से अधिक लोग घायल हुए।
23 मार्च 2026: हिलालपुर टोल प्लाजा के पास कार डिवाइडर से टकराकर पलट गई। तीन लोगों की मौत और एक घायल हुआ।
30 मार्च 2026: फिरोजपुर झिरका क्षेत्र में पंचर ठीक कर रही कार को पीछे से दूसरी कार ने टक्कर मार दी। दो लोगों की मौत और दो घायल हुए।
17 मई 2026: नूंह क्षेत्र में एसयूवी अनियंत्रित होकर पलट गई। एक व्यक्ति की मौत और पांच लोग घायल हुए।
13 जून 2026: रवा-बघोला के पास पिलर नंबर-64 पर सड़क किनारे खड़े ट्रक से एसयूवी टकरा गई। चार लोगों की मौत और दो घायल हुए।
26 जून 2026: खेड़ा खलीलपुर के पास खड़े ट्रेलर से कार टकराई। एक व्यक्ति की मौत और चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए।
20 जुलाई 2026: गांव बनारसी के पास हुए ताजा हादसे में एक महिला समेत तीन लोगों की मौत और तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
लगातार सामने आ रहे मामलों में एक समान तस्वीर दिखाई देती है, सड़क किनारे खड़े भारी वाहन, अवैध पार्किंग, तेज रफ्तार, अपर्याप्त ट्रैफिक प्रबंधन और सुरक्षा मानकों की अनदेखी। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर भारी वाहन घंटों तक एक्सप्रेसवे के किनारे खड़े रहते हैं, लेकिन इनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होती। हादसों के बाद कुछ दिनों तक अभियान चलता है, फिर स्थिति पहले जैसी हो जाती है। नगीना थाना पुलिस का कहना है कि ताजा मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर फरार वाहन चालक की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बाद एक बार फिर एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा व्यवस्था, अवैध पार्किंग पर रोक और प्रभावी निगरानी को लेकर सवाल तेज हो गए हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हादसों का यह सिलसिला थमना मुश्किल होगा।
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