दिल्ली में कांवड़ यात्रा की तैयारी जारी: सड़कों पर सजने लगे पंडाल, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद; भक्तों से अपील
शहर के विभिन्न मार्गों पर जहां पंडाल लगने शुरू हो गए हैं, वहीं सड़कों पर लाइटिंग की व्यवस्था भी की जा रही है।
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श्रवण मास की दस्तक के साथ ही कांवड़ यात्रा के मद्देनजर जोर-शोर से तैयारियां शुरू हो गई हैं। शहर के विभिन्न मार्गों पर जहां पंडाल लगने शुरू हो गए हैं, वहीं सड़कों पर लाइटिंग की व्यवस्था भी की जा रही है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा ध्यान में रखते हुए इस बार विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड समेत विभिन्न राज्यों में कांवड़ियों के स्वागत के लिए सेवा शिविर और पंडाल को सजाने का काम अंतिम चरण में है।
पूर्वी दिल्ली के कई यात्रा मार्ग जैसे शहीद नगर, दिलशाद गार्डन, झिलमिल, शाहदरा, वेलकम, सीलमपुर, बाबा श्याम गिरि मंदिर के नजदीक और कश्मीरी गेट समेत कई अन्य इलाकों में श्रद्धालुओं के ठहरने, भोजन करने और चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है, जिससे आने वाले दिनों में लाखों कांवड़ियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। धार्मिक और सामाजिक संगठन अपने-अपने स्तर पर कांवड़ यात्रा को सफल बनाने की तैयारियों में जुट गए हैं। इन स्थानों पर कांवड़ियों के लिए निःशुल्क भोजन, फल, पेयजल और विश्राम की सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। यात्रा मार्गों पर शिवभक्ति का माहौल बनने लगा है और जगह-जगह भगवान शिव के भजन व धार्मिक कार्यक्रमों की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। रास्तों को और आकर्षित बनाने के लिए लाइटिंग कर दी गई है।
30 जुलाई से शुरू हो रही कांवड यात्रा: कांवड़ यात्रा 30 जुलाई से शुरू होकर 11 अगस्त को शिवरात्रि तक चलेगी। इस दौरान लाखों श्रद्धालु हरिद्वार और गंगोत्री गंगाजल लेकर अपने-अपने क्षेत्रों के शिव मंदिरों तक पहुंचेंगे। श्रद्धालुओं का मानना है कि सावन माह में भगवान शिव को गंगाजल अर्पित करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
कांवड़ियों से यात्रा के दौरान सतर्क रहने की अपील
कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए शाहदरा जिला पुलिस ने श्रद्धालुओं से निर्धारित मार्गों का उपयोग करने, यातायात नियमों का पालन करने और यात्रा के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। जारी निर्देशों में कांवड़ियों को समूह में यात्रा करने, शिविरों में निर्धारित स्थानों पर विश्राम करने और संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की सलाह दी गई है। यात्रा के दौरान पहचान-पत्र साथ रखने के लिए भी कहा गया है। सड़क के बीच में चलना, यातायात बाधित करना, अफवाहों पर ध्यान देना और नशीले पदार्थों का सेवन करना पूरी तरह प्रतिबंधित है। पुलिस ने लाउडस्पीकर के उपयोग और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने को लेकर भी निर्देश जारी किए हैं।
हरिद्वार ऋषिकेश के लिए चलाई जाएंगी स्पेशल ट्रेनें
उत्तर रेलवे ने कांवड़ मेला-2026 के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए विशेष इंतजाम किए हैं। रेलवे ने हरिद्वार और ऋषिकेश के लिए कई मेला स्पेशल ट्रेनों के संचालन, कुछ नियमित ट्रेनों का हरिद्वार तक विस्तार व कई ट्रेनों को अस्थायी ठहराव देने का फैसला किया है। साथ ही कई स्पेशल ट्रेनों का संचालन भी किया जाएगा। यह व्यवस्था 30 जुलाई से अगस्त तक लागू रहेगी।
रेलवे के अनुसार, दिल्ली जंक्शन-शामली डेमू (74023/74022) सेवा को प्रतिदिन हरिद्वार तक बढ़ाया जाएगा। यह 30 जुलाई से 13 अगस्त तक दिल्ली से और 31 जुलाई से 14 अगस्त तक हरिद्वार से चलेगी। इसी तरह दिल्ली जंक्शन-सहारनपुर मेमू (64557/64558) का भी हरिद्वार तक विस्तार किया गया है। इसी तरह हरिद्वार-दिल्ली शाहदरा-हरिद्वार (04314/04313) और ऋषिकेश-दिल्ली शाहदरा-ऋषिकेश (04316/04315) अनारक्षित मेला स्पेशल ट्रेनें प्रतिदिन चलाई जाएंगी। इसके अलावा ऋषिकेश-आलमनगर-योग नगरी ऋषिकेश (04318/04317) अनारक्षित मेला स्पेशल ट्रेन भी रोजाना संचालित होगी।
30 जुलाई से 13 अगस्त तक कई महत्वपूर्ण ट्रेनों को रायवाला, मोतीचूर और ज्वालापुर स्टेशनों पर अस्थायी ठहराव दिया जाएगा। इनमें देहरादून एक्सप्रेस, लक्ष्मीबाई नगर-योग नगरी ऋषिकेश एक्सप्रेस, ओखा-देहरादून एक्सप्रेस, तिरुवनंतपुरम-योग नगरी ऋषिकेश सुपरफास्ट एक्सप्रेस, श्री माता वैष्णो देवी कटरा-योग नगरी ऋषिकेश हेमकुंड एक्सप्रेस, बरेली-दिल्ली पैसेंजर और श्रीगंगानगर-ऋषिकेश एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनें शामिल हैं।