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Ramadan 2026: चांद के दीदार के साथ बरसने लगीं रहमतें, नूर में डूबी राजधानी दिल्ली; आज से मुकद्दस महीना शुरू

फिरदौस आलम, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 19 Feb 2026 02:21 AM IST
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सार

जामा मस्जिद और फतेहपुरी मस्जिद, बंगला वाली मस्जिद, आमिर मस्जिद समेत अन्य मस्जिदें नूर से रोशन हो गई है। मीना बाजार, चांदनी चौक, चितली कबर और दरियागंज जैसे बाजारों में रौनकें बढ़ गई हैं।

Ramadan 2026: With the sighting of the moon, blessings rain down, the capital is immersed in light
रमजान शुरू होने से खरीददारी करते लोग। संवाद
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विस्तार

चांद के दीदार के बाद बृहस्पतिवार से मुकद्दस महीना यानी रमजान की शुरुआत हो गई है। जामा मस्जिद और फतेहपुरी मस्जिद, बंगला वाली मस्जिद, आमिर मस्जिद समेत अन्य मस्जिदें नूर से रोशन हो गई है। मीना बाजार, चांदनी चौक, चितली कबर और दरियागंज जैसे बाजारों में रौनकें बढ़ गई हैं। अकीदतमंदों ने रोजे की तैयारी शुरू की है। महिलाएं भी सहरी की तैयारियों में जुट गई हैं। फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम मौलाना मुफ्ती मुकर्रम अहमद ने लोगों से सभी रोजे रखने, गुनाह से बचने और अल्लाह की इबादत करने की अपील की है।

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बुधवार को चांद दिखाई देने के बाद से ही लोगों में उत्साह का माहौल है। हालांकि दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा के कई हिस्सों में बादल छाए रहे। सुबह से ही रिमझिम बारिश होती रही, जिसके वजह से यहां चांद नजर नहीं आया। लेकिन बिहार, झारखंड और देश के कई हिस्सों में चांद दिखाई दिया। ऐसे में मस्जिदों में बृहस्पतिवार से रोजा रखने का ऐलान किया गया, जिसके बाद लोग एक-दूसरे से गले मिले। रिश्तेदारों को फोन पर बधाई दिए। मस्जिदों में बुधवार को ईशा की नमाज के बाद से तरावीह (नमाज में कुरआन पाक की तिलावत) का सिलसिला शुरू हो गया।
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रमजान और नमाज-ए-तरावीह में अकीदतमंदों को कोई परेशानी न हो इसके लिए मजिस्दों में सफाई की गई है। रंग और पुताई के साथ मस्जिदों को सजा दिया गया। नमाजियों के लिए जानमाज को साफ किया गया है। कई मस्जिदों में पुराने को बदलकर नया जानमाज बिछाया गया है। गर्मी से राहत दिलाने के लिए कूलर, पंखों की भी विशेष व्यवस्था की गई। साथ ही, बिजली कटौती को देखते हुए जनरेटर और तरावीह के दौरान ठंडे पानी के लिए वाटर कूलर की भी व्यवस्था की गई है।

क्या होती है तरावीह
रमजान के महीने में मस्जिदों में नमाज-ए-तरावीह पढ़ी जाती है, जिसमें बीस रकात नमाज अदा की जाती है। तरावीह के दौरान मस्जिदों में कुरान-ए-पाक की आयतें गूंजती हैं। यह चांद दिखाई देने के बाद ईशा की नमाज के बाद से अदा की जाती है। तरावीह की नमाज रमजान के पहले रोजे से एक दिन पहले ईशा की नमाज के बाद शुरू की जाती है। यह सभी मस्जिदों में एक साथ शुरू होती, जबकि खत्म रमजान की अलग-अलग तारीखों में होती हैं।

बाजारों में जमकर हुई खरीदारी
चांद का दीदार होने के बाद बाजारों में लोग जमकर खरीदारी करने पहुंचे। वह अपने लिए सेवई, खजूर, कुर्ता, टोपी, मिस्वाक और इत्र खरीदते हुए नजर आए। बाजारों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए इस बार व्यापारियों में भी खुशी की लहर देखने को मिल रही है। व्यापारियों ने कहा कि खाने पीने की चीजों से लेकर पहनने-ओढ़ने तक की चीजों की मांग बढ़ी है। ग्राहकों की इस मांग को देखते हुए व्यापारियों ने इस बार रमजान में अच्छे मुनाफे होने की उम्मीद जताई है।

पड़ोसियों का रखें ख्याल, जरूरतमंदों की करें मदद
अकीदतमंदों ने लोगों से अपील की है कि रमजान के महीने में अपने साथ-साथ अपने पड़ोसियों का भी ख्याल रखें। उन्हें इफ्तार के साथ-साथ अच्छे खाने-पीने की चीजें दें। सदका और जकात करें। जो भी जरूरतमंद नजर आए, उनकी मदद करें। रोजे और तरावीह का एहतमाम करें। पूरे महीने कुरआन पाक की तिलावत करें। साथ ही, गुनाह से बचें।

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