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कांवड़ यात्रियों को राहत: दिल्ली सरकार ने शिविर सहायता राशि में की बढ़ोतरी, 15 लाख तक मिलेगी मदद
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मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बड़े शिविरों के लिए बढ़ाई राशि, 1,200 यूनिट तक मुफ्त बिजली जारी, 308 शिविरों को होगा लाभ
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा कर आने वाले कांवड़ यात्रियों को राहत देने जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को बताया कि बढ़ती संख्या, महंगाई व शिविरों के बढ़ते खर्च को देखते हुए कांवड़ समितियों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता बढ़ाई गई है। समितियों को 1200 यूनिट बिजली भी मुफ्त मिलेगी।
सबसे बड़ा बदलाव बड़े शिविरों के लिए किया गया है। 20,000 वर्गफुट से अधिक क्षेत्र में 6-12 दिन चलने वाले शिविरों को 11 लाख से बढ़ाकर 15 लाख रुपये मिलेंगे। 3-5 दिन के बड़े शिविरों को छह लाख से बढ़ाकर नौ लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। अन्य श्रेणियों में भी 1.50 लाख से आठ लाख रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है।
सीएम ने बताया कि 2024 में 170 कांवड़ शिविर थे, जो 2025 में बढ़कर 308 हो गए। पहले की तरह समितियों को 1,200 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलती रहेगी। बीएसईएस व टीपीडीडीएल समय पर कनेक्शन देंगे। 1,200 यूनिट से अधिक खपत का अतिरिक्त खर्च समितियां वहन करेंगी। सरकार का यह निर्णय श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में अहम कदम है।
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अनुदान वितरण की प्रक्रिया सरल और तेज
कांवड़ समितियों को अनुदान मिलने में देरी न हो, इसके लिए प्रक्रिया को भी सरल बनाया जाएगा। अब अनुदान की अग्रिम और अंतिम दोनों किस्तें सीधे संबंधित जिलाधिकारी कार्यालय से जारी की जाएंगी।
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पिछले वर्ष की कांवड़ समितियों और स्थलों की सूची को अंतिम माना जाए
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि समिति ने यह भी सिफारिश की है कि वर्ष 2025 में जिन कांवड़ समितियों और स्थलों को स्वीकृति दी गई थी, उसी सूची को वर्ष 2026 के लिए अंतिम माना जाए तथा इस वर्ष किसी नई समिति या नए स्थल को स्वीकृति न दी जाए।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा कर आने वाले कांवड़ यात्रियों को राहत देने जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को बताया कि बढ़ती संख्या, महंगाई व शिविरों के बढ़ते खर्च को देखते हुए कांवड़ समितियों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता बढ़ाई गई है। समितियों को 1200 यूनिट बिजली भी मुफ्त मिलेगी।
सबसे बड़ा बदलाव बड़े शिविरों के लिए किया गया है। 20,000 वर्गफुट से अधिक क्षेत्र में 6-12 दिन चलने वाले शिविरों को 11 लाख से बढ़ाकर 15 लाख रुपये मिलेंगे। 3-5 दिन के बड़े शिविरों को छह लाख से बढ़ाकर नौ लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। अन्य श्रेणियों में भी 1.50 लाख से आठ लाख रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है।
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सीएम ने बताया कि 2024 में 170 कांवड़ शिविर थे, जो 2025 में बढ़कर 308 हो गए। पहले की तरह समितियों को 1,200 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलती रहेगी। बीएसईएस व टीपीडीडीएल समय पर कनेक्शन देंगे। 1,200 यूनिट से अधिक खपत का अतिरिक्त खर्च समितियां वहन करेंगी। सरकार का यह निर्णय श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में अहम कदम है।
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अनुदान वितरण की प्रक्रिया सरल और तेज
कांवड़ समितियों को अनुदान मिलने में देरी न हो, इसके लिए प्रक्रिया को भी सरल बनाया जाएगा। अब अनुदान की अग्रिम और अंतिम दोनों किस्तें सीधे संबंधित जिलाधिकारी कार्यालय से जारी की जाएंगी।
पिछले वर्ष की कांवड़ समितियों और स्थलों की सूची को अंतिम माना जाए
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि समिति ने यह भी सिफारिश की है कि वर्ष 2025 में जिन कांवड़ समितियों और स्थलों को स्वीकृति दी गई थी, उसी सूची को वर्ष 2026 के लिए अंतिम माना जाए तथा इस वर्ष किसी नई समिति या नए स्थल को स्वीकृति न दी जाए।