Building Damaged in Delhi: राणा प्रताप बाग में गिरी जर्जर इमारत की छत, पुलिस और प्रशासन में मचा हड़कंप
जिस जर्जर इमारत (डी-35, राणा प्रताप बाग) में यह हादसा हुआ, वह काफी पुरानी और खस्ताहाल है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस खतरनाक ढांचे के अंदर मजदूर रह रहे थे, जो हर दिन अपनी जान हथेली पर रखकर वहां गुजर-बसर कर रहे हैं।
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राजधानी दिल्ली के राणा प्रताप बाग इलाके में मंगलवार दोपहर उस वक्त भारी दहशत फैल गई, जब एक दो मंजिला इमारत के ढहने की पीसीआर कॉल पुलिस को मिली। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया। हालांकि, राहत की बात यह रही कि पूरी इमारत जमींदोज नहीं हुई, बल्कि उसके अंदरूनी हिस्से की छत और स्लैब भरभरा कर नीचे आ गिरे। इस खौफनाक हादसे में गनीमत रही कि किसी की जान नहीं गई और एक बड़ी त्रासदी होते-होते टल गई।
मौत के साये में रहने को मजबूर मजदूर
जिस जर्जर इमारत (डी-35, राणा प्रताप बाग) में यह हादसा हुआ, वह काफी पुरानी और खस्ताहाल है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस खतरनाक ढांचे के अंदर मजदूर रह रहे थे, जो हर दिन अपनी जान हथेली पर रखकर वहां गुजर-बसर कर रहे हैं। पुलिस के अनुसार, इस इमारत के मालिक का नाम सुनील कपूर है, जो मॉडल टाउन के डेरावल नगर का निवासी है।
दहशत का माहौल
दोपहर करीब 3:16 बजे भारत नगर थाने में इमारत गिरने की कॉल आई। सूचना मिलते ही एएसआई मनबीर और एसएचओ (भारत नगर) तुरंत दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस के साथ-साथ मौके पर टीपीडीडीएल, दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए), फायर ब्रिगेड और एमसीडी की टीमें भी मुआयना करने पहुंचीं। मौके पर जांच में पता चला कि इमारत पूरी तरह नहीं गिरी है, बल्कि अंदर से छत का एक हिस्सा गिरा है। गनीमत रही कि मलबे की चपेट में कोई मजदूर नहीं आया।
एमसीडी को सौंपी गई जांच, मालिक को चेतावनी
इस लापरवाही के बाद पुलिस ने एमसीडी को इमारत की जर्जर हालत के बारे में सूचित कर दिया है, ताकि इसके स्ट्रक्चरल ऑडिट को लेकर सख्त और जरूरी कदम उठाए जा सकें। इसके अलावा, भवन मालिक सुनील कपूर को कड़ी चेतावनी दी गई है कि वह सुरक्षा के सभी जरूरी इंतजाम पुख्ता करे, ताकि इमारत में रह रहे मजदूरों की जान को कोई खतरा न हो।