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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Swiss Airlines to pay 1.5 lakh compensation for failing to notify about flight delay.

Delhi NCR News: फ्लाइट में देरी की सूचना नहीं दी, स्विस एयरलाइंस को देना होगा 1.50 लाख मुआवजा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 11 Aug 2026 06:00 PM IST
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-कनेक्टिंग फ्लाइट छूटने, सूचना न देने और एयरपोर्ट पर मदद नहीं मिलने को जिला उपभोक्ता आयोग ने माना सेवा में कमी
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कहा-यात्रा सेवा में सिर्फ टिकट और उड़ान शामिल नहीं, बल्कि यात्री को समय पर जानकारी और सहायता देना भी सेवा प्रदाता की जिम्मेदारी है


नितिन राजपूत
नई दिल्ली। फ्लाइट में देरी और कनेक्टिंग फ्लाइट में बदलाव की सूचना यात्री को समय पर नहीं देना स्विस इंटरनेशनल एयरलाइंस (स्विस) को भारी पड़ा। दिल्ली के जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (दक्षिण-पश्चिम) ने एयरलाइन को सेवा में कमी का दोषी ठहराते हुए यात्री हरज्योत भल्ला को 1.50 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है।
आयोग के अध्यक्ष सुरेश कुमार गुप्ता और सदस्य एमएस हर्षाली कौर की पीठ ने कहा कि एयरलाइन की जिम्मेदारी केवल यात्री को गंतव्य तक पहुंचाने तक सीमित नहीं है। फ्लाइट में देरी या बदलाव की सूचना समय पर देना और जरूरत पड़ने पर यात्री को सहायता उपलब्ध कराना भी सेवा का हिस्सा है।
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मामला दिसंबर 2022 का है। दिल्ली निवासी भल्ला ने 22 दिसंबर को नई दिल्ली से ज्यूरिख और वहां से बार्सिलोना की यात्रा के लिए टिकट बुक कराया था। पहली फ्लाइट में देरी के कारण उनकी ज्यूरिख से बार्सिलोना की कनेक्टिंग फ्लाइट छूट गई। यात्री के अनुसार, एयरलाइन ने उड़ान के समय में बदलाव किया, लेकिन इसकी जानकारी उन्हें सीधे नहीं दी। ज्यूरिख एयरपोर्ट पहुंचने पर उन्हें बदलाव का पता चला और करीब पांच घंटे इंतजार करना पड़ा। इस दौरान भोजन या अन्य उचित सहायता भी उपलब्ध नहीं कराई गई।
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ट्रैवल एजेंसी को ई-मेल भेजने की दलील नहीं मानी
एयरलाइन ने आयोग में कहा कि फ्लाइट में देरी अचानक हुई थी और यात्री को अगली उपलब्ध उड़ान में बुक कर दिया गया था। कंपनी ने यह भी दावा किया कि नई फ्लाइट की जानकारी ट्रैवल एजेंसी को ई-मेल के जरिए भेज दी गई थी। आयोग ने इस दलील को पर्याप्त नहीं माना। पीठ ने कहा कि बदलाव से सीधे प्रभावित यात्री को सूचना देना एयरलाइन की जिम्मेदारी है। केवल ट्रैवल एजेंसी को ई-मेल भेज देना यात्री को सूचित करने के दायित्व से एयरलाइन को मुक्त नहीं करता।

बिना मदद के इंतजार को माना मानसिक परेशानी
आयोग ने कहा कि विदेशी एयरपोर्ट पर उचित सहायता के बिना लंबे समय तक इंतजार करना यात्री के लिए मानसिक तनाव और असुविधा का कारण बना। एयरलाइन की ओर से सूचना और सहायता देने में कमी को सेवा में कमी मानते हुए आयोग ने मानसिक परेशानी, उत्पीड़न और मुकदमे के खर्च के लिए कुल 1.50 लाख रुपये देने का आदेश दिया। इस राशि पर छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा। एयरलाइन को 45 दिनों के भीतर आदेश का पालन करना होगा।
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