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Delhi NCR News: कचरे का होगा वैज्ञानिक निस्तारण, कासन में वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट की कवायद तेज
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संवाद न्यूज एजेंसी
मानेसर। नगर निगम मानेसर ने कासन गांव में प्रस्तावित वेस्ट-टू-एनर्जी (डब्ल्यूटीई) प्लांट की तैयारियां तेज कर दी है। परियोजना के लिए निर्धारित 20 एकड़ जमीन में से पहले 10 एकड़ पर फेंसिंग का काम पूरा हो चुका है। अब बाकी 10 एकड़ जमीन भी निगम को मिल गई है। इस हिस्से की फेंसिंग के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार अगले 15 से 20 दिनों में फेंसिंग का काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू होगी।
नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि यह प्लांट शहर से निकलने वाले घरेलू और व्यावसायिक ठोस कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करेगा। अभी बड़ी मात्रा में कचरा डंपिंग साइटों पर जमा होता है, जिससे कई तरह की समस्याएं पैदा होती हैं। प्लांट शुरू होने के बाद इसी कचरे से ऊर्जा तैयार की जाएगी। इससे एक तरफ शहर में कचरे का बोझ कम होगा, वहीं दूसरी ओर ऊर्जा उत्पादन में भी मदद मिलेगी।
यह परियोजना सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर विकसित की जाएगी। शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय (यूएलबी) ने गुरुग्राम, फरीदाबाद और हिसार जैसे बड़े शहरों में ऐसे प्लांट लगाने के लिए एक समिति बनाई है। समिति परियोजना की तकनीकी और आर्थिक व्यवहार्यता, कचरे की उपलब्धता, उपयुक्त स्थान, बिजली खरीद समझौता (पीपीए), पर्यावरणीय मानकों और प्लांट से निकलने वाले अवशेषों के सुरक्षित निस्तारण की योजना तैयार करेगी।
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यह प्लांट शहर से निकलने वाले घरेलू और व्यावसायिक ठोस कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करेगा। प्लांट शुरू होने के बाद इसी कचरे से ऊर्जा तैयार की जाएगी। इससे एक तरफ शहर में कचरे का बोझ कम होगा, वहीं दूसरी ओर ऊर्जा उत्पादन में भी मदद मिलेगी।
- निजेश कुमार, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम मानेसर
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मानेसर। नगर निगम मानेसर ने कासन गांव में प्रस्तावित वेस्ट-टू-एनर्जी (डब्ल्यूटीई) प्लांट की तैयारियां तेज कर दी है। परियोजना के लिए निर्धारित 20 एकड़ जमीन में से पहले 10 एकड़ पर फेंसिंग का काम पूरा हो चुका है। अब बाकी 10 एकड़ जमीन भी निगम को मिल गई है। इस हिस्से की फेंसिंग के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार अगले 15 से 20 दिनों में फेंसिंग का काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू होगी।
नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि यह प्लांट शहर से निकलने वाले घरेलू और व्यावसायिक ठोस कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करेगा। अभी बड़ी मात्रा में कचरा डंपिंग साइटों पर जमा होता है, जिससे कई तरह की समस्याएं पैदा होती हैं। प्लांट शुरू होने के बाद इसी कचरे से ऊर्जा तैयार की जाएगी। इससे एक तरफ शहर में कचरे का बोझ कम होगा, वहीं दूसरी ओर ऊर्जा उत्पादन में भी मदद मिलेगी।
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यह परियोजना सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर विकसित की जाएगी। शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय (यूएलबी) ने गुरुग्राम, फरीदाबाद और हिसार जैसे बड़े शहरों में ऐसे प्लांट लगाने के लिए एक समिति बनाई है। समिति परियोजना की तकनीकी और आर्थिक व्यवहार्यता, कचरे की उपलब्धता, उपयुक्त स्थान, बिजली खरीद समझौता (पीपीए), पर्यावरणीय मानकों और प्लांट से निकलने वाले अवशेषों के सुरक्षित निस्तारण की योजना तैयार करेगी।
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यह प्लांट शहर से निकलने वाले घरेलू और व्यावसायिक ठोस कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करेगा। प्लांट शुरू होने के बाद इसी कचरे से ऊर्जा तैयार की जाएगी। इससे एक तरफ शहर में कचरे का बोझ कम होगा, वहीं दूसरी ओर ऊर्जा उत्पादन में भी मदद मिलेगी।
- निजेश कुमार, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम मानेसर