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दिल्ली-मुरादाबाद कॉरिडोर: 10 हजार करोड़ की परियोजना से मिलेगी नई रफ्तार, एनसीआर में बढ़ेगा रैपिड रेल नेटवर्क
Tue, 28 Jul 2026 06:03 AM IST
Digvijay Singh
संवाद न्यूज एजेंसी,नई दिल्ली/अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी,नई दिल्ली/अमरोहा
Published by: Digvijay Singh
Updated Tue, 28 Jul 2026 06:03 AM IST
सार
मुरादाबाद से दिल्ली तक प्रस्तावित रैपिड रेल परियोजना दिल्ली-एनसीआर समेत अमरोहा जिले के लिए विकास की नई संभावनाएं लेकर आ सकती है। परियोजना के तहत जोया और गजरौला में रैपिड रेल स्टेशन बनाए जाने की संभावना है।
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- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
मुरादाबाद से दिल्ली तक प्रस्तावित रैपिड रेल परियोजना दिल्ली-एनसीआर समेत अमरोहा जिले के लिए विकास की नई संभावनाएं लेकर आ सकती है। परियोजना के तहत जोया और गजरौला में रैपिड रेल स्टेशन बनाए जाने की संभावना है। इससे जिले के लोगों को सीधे रैपिड रेल सेवा का लाभ मिलेगा और दिल्ली तक की यात्रा करीब 90 मिनट में पूरी हो सकेगी। लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना की विजन रिपोर्ट अंतिम चरण में है और जल्द ही शासन स्तर पर आगे की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
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प्रस्तावित रैपिड रेल कॉरिडोर मुरादाबाद, अमरोहा, हापुड़ और गाजियाबाद होते हुए दिल्ली तक जाएगा। इस हाई-स्पीड कॉरिडोर से यात्रियों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन सुविधा मिलेगी। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग पर बढ़ते यातायात के दबाव को कम करने में भी मदद मिलेगी। परियोजना से पहले कराए गए सर्वे में सामने आया कि दिल्ली रोड और राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में दिल्ली रोड से प्रति घंटे करीब 16 हजार वाहन गुजरते हैं, जबकि भविष्य में यह संख्या 25 हजार तक पहुंचने का अनुमान है। वहीं जोया और ब्रजघाट टोल से प्रतिदिन लगभग 40 हजार वाहन गुजरते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में केवल फ्लाईओवर जैसी व्यवस्थाएं पर्याप्त नहीं होंगी, इसलिए रैपिड रेल को दीर्घकालिक समाधान के रूप में प्रस्तावित किया गया है।
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व्यापार और रोजगार को मिलेगी नई रफ्तार
परियोजना के लागू होने पर अमरोहा जिले को सबसे अधिक लाभ मिलने की उम्मीद है। जोया और गजरौला में प्रस्तावित स्टेशनों से दिल्ली-एनसीआर तक आवागमन आसान होगा। इससे व्यापार, उद्योग, पर्यटन और निवेश को बढ़ावा मिलने के साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। अधिकारियों का मानना है कि यह परियोजना पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आर्थिक और औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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चौथे चरण में हापुड़ से गाजियाबाद तक विकास
परियोजना के तहत गजरौला के जीरो प्वाइंट पर आधुनिक इंटर स्टेट बस टर्मिनल (आईएसबीटी) विकसित करने की भी योजना है। इससे बस और रैपिड रेल के बीच बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित होगी और यात्रियों को निर्बाध परिवहन सुविधा मिल सकेगी। प्रस्तावित योजना के अनुसार रैपिड रेल कॉरिडोर का निर्माण चार चरणों में होगा। पहले चरण में पाकबड़ा से जोया, दूसरे में जोया से गजरौला, तीसरे में गजरौला से हापुड़ और चौथे चरण में हापुड़ से गाजियाबाद तक कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। अधिकांश ट्रैक राष्ट्रीय राजमार्ग के ऊपर बनाया जाएगा, जिससे सड़क और रेल यातायात दोनों सुचारु रूप से संचालित हो सकें।