‘खूनी खेल': 10 सेकंड में सिर-हाथ में मारी गोली, पुलिस ने खंगाले 150 CCTV और कॉल डिटेल, अरुण सिंह हत्याकांड
Farrukhabad Arun Singh Murder Case: हरियाणा के फरीदाबाद निवासी रियल एस्टेटकर्मी अरुण सिंह की रविवार रात फर्रुखाबाद में पांचाल घाट चौकी के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस प्रापर्टी विवाद और प्रेम विवाह के एंगल से मामले की जांच कर रही है, जिसमें पत्नी की तहरीर पर एक नामजद समेत तीन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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विस्तार
फर्रुखाबाद जिले में अरुण सिंह हुड्डा की हत्या के बावजूद उनके ससुराल के लोग यहां नहीं पहुंचे। हरियाणा से आए परिवार के लोग भी इस बारे में कुछ बताने को तैयार नहीं थे। लोगों में चर्चा रही कि अरुण ने करीब पांच वर्ष पूर्व अमरोहा जिले की युवती से प्रेम विवाह किया था। अरुण की हत्या की सूचना पर हरियाणा से 10 लग्जरी कारों से 40 से अधिक लोग सोमवार सुबह तक पहुंच गए थे।
परिवार और गांव के कई लोगों से जब अरुण की पत्नी राखी के मायके वालों के बारे में जानकारी की गई, तो कुछ भी खुलकर बताने को तैयार नहीं हुए। लोगों में चर्चा रही कि उसने अमरोहा जिले की राखी से करीब पांच वर्ष पहले प्रेम विवाह किया था। जिस मां-पिता की बेटी की मांग का सिंदूर उजड़ जाए और कोई भी न आए तो यह अपने आप में कई तरह के सवाल खड़े करता है।
ससुराल पक्ष की रही होगी कार
राखी जिस कार में बीच वाली सीट पर बैठी थी। उस कार के चालक सीट पर एक अन्य युवक भी अधिकांश समय बैठा रहा। इस दौरान राखी सिर पर दुपट्टा डाले रही। इससे साफ है कि वह कार ससुराल पक्ष की रही होगी। पुलिस भी इस बिंदु पर गंभीरता से जांच करने में जुटी है।
कंपनी में गनमैन के साथ प्रॉपर्टी का करता था काम
लोहिया अस्पताल में पहुंचे परिवार वालों के अनुसार अरुण सिंह गांव से दो-तीन किमी दूर रियल एस्टेट के दफ्तर में गनमैन के रूप में नौकरी करता था। वह बड़े लोगों तक अपनी वाकपटुता से जल्द ही नजदीकी बना लेता था। छोटी नौकरी के साथ वह प्रॉपर्टी खरीद-बिक्री का काम भी करता था।
अरुण ने अधिक पैसे में कर लिया था सौदा
पिता सुरेंद्र सिंह के अनुसार कुछ महीने पहले ही एक बड़ा सौदा गांव के कुछ लोगों ने किया था। उसी को अरुण ने अधिक पैसे में कर लिया था, इससे कुछ विवाद भी हुआ था। हालांकि उनसे राम-राम कभी बंद नहीं हुआ। वह अंदर से खुन्नस मानते थे। बेटा अरुण बड़े काम करके पीछे मुड़कर नहीं देखता था।
लोहिया अस्पताल में कराया गया एक्सरे
पोस्टमार्टम कराने से पहले पुलिस ने लोहिया अस्पताल में शव का एक्सरे कराया। रिपोर्ट में सिर के अंदर बुलेट नहीं दिखाई दी।
शूटर की तलाश में जुटी पुलिस, तीन पर प्राथमिकी
हरियाणा के रियल एस्टेट कंपनी में कर्मी की हत्या करने वाले शूटर की तलाश में पुलिस की पांच टीमें लगी हैं। हालांकि परिजन ने पत्नी की ओर से प्रॉपर्टी का विवाद बताकर एक नामजद समेत तीन पर प्राथमिकी दर्ज कराई है। फिर भी पुलिस अन्य बिंदुओं पर बारीकी से जांच कर रही है।
पांचाल घाट चौकी के नजदीक गोली मारकर हत्या कर दी
डीआईजी घटनास्थल पर पहुंचे और दुकानदार पंकज चौहान से जानकारी ली। पुलिस ने पत्नी को घटनास्थल पर ले जाकर सीन रीक्रिएट किया। घटना के बाद से पत्नी पुलिस की निगरानी में है। जनपद फरीदाबाद के थाना चंदावली के गांव दयालपुर निवासी अरुण सिंह (32) की रविवार रात बनारस से घर जाते समय इटावा-बरेली हाईवे पर पांचाल घाट चौकी के नजदीक गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
रोहित और दो अज्ञात के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज
शूटर कार सवार साथियों के साथ भाग गया था। अरुण के पिता सुरेंद्र सिंह, भाई बॉबी के अलावा रिश्तेदार तड़के तीन बजे लोहिया अस्पताल पहुंच गए। पुलिस पत्नी राखी को अपनी निगरानी में लिए रही। सुबह पत्नी की तहरीर पर कादरीगेट थाने में पलवल निवासी रोहित और दो अज्ञात के खिलाफ हत्या करने की प्राथमिकी दर्ज की गई। पत्नी राखी सुबह तीन बजे के करीब एक कार में बैठ गई।
10 सेकंड में ही हत्या को अंजाम दिया गया
उसके साथ महिला पुलिस कर्मी को बैठाया गया। डीआईजी यमुना प्रसाद के पहुंचने पर घटना के चश्मदीद दुकानदार पंकज चौहान ने बताया कि बमुश्किल 10 सेकंड में ही हत्या को अंजाम दिया गया। अरुण के पास में खड़े होकर सामान ले रहे दीपक मिश्रा भी सन्न रह गए थे। शाम के समय पुलिस पत्नी राखी और अरुण के छोटे भाई बॉबी को घटनास्थल पर ले गई।
भाड़े के बदमाश होने की आशंका
वहां फिर से राखी से जानकारी हासिल की। पोस्टमार्टम के बाद देर शाम परिजन शव लेकर रवाना हो गए। डीआईजी यमुना प्रसाद ने बताया कि भाड़े के बदमाश होने की आशंका है। फिलहाल मामला पारिवारिक प्रॉपर्टी विवाद का लग रहा है। पत्नी से पूछताछ चल रही है। शीघ्र ही खुलासा करने का प्रयास है।
एक गोली सिर और दूसरी हाथ में लगी
पुलिस ने अरुण सिंह का पोस्टमार्टम दो डॉक्टरों के पैनल से कराया। एक गोली उसके सिर और दूसरी हाथ में लगी निकली। हालांकि सिर में बुलेट नहीं पाई गई। इससे आशंका है कि सटाकर गोली लगने से बुलेट निकल गई होगी। घटनास्थल पर दो कारतूस के खोखे मिले, वह 9एमएम पिस्टल के बताए जा रहे हैं।
पुलिस ने 150 सीसीटीवी कैमरे
फर्रुखाबाद हाईवे पर हत्या के बाद पुलिस के सामने खुलासे की चुनौती है। 24 घंटे में 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाले। अफसरों ने अरुण के घूमने वाले शहर बनारस में टीम भेजी है। उसके साथ परिवार का विकास नाम का युवक गया है। दो टीमों को पलवल और फरीदाबाद भेजा गया है। पुलिस शूटरों के बारे में बेहद बारीकी से जांच करने में जुटी है।
शूटरों के बारे में जुटाई जा रही है जानकारी
उन सभी स्थानों पर टीमें बनाकर भेजी हैं, जहां दंपती घूमने गया था। पुलिस जिस कंपनी में काम करता था, वहां भी उसकी कुंडली खंगालेगी। पुलिस का अनुमान है कि मैनपुरी जिले के बेवर, भोगांव से लेकर मोहम्मदाबाद, पांचाल घाट होकर हाईवे पर जिस स्थान पर अरुण सिंह कार से नीचे उतरे थे, शूटर अरुण को ट्रेस करते आ रहे होंगे। उन्हें जैसे ही मौका मिला वैसे ही घटना को अंजाम दिया।
पांचाल घाट चौकी के पास अरुण के ठीक पीछे थी शूटर की कार
डीआईजी यमुना प्रसाद ने घटनास्थल पर थानाध्यक्ष कपिल कुमार से जानकारी ली। थानाध्यक्ष ने उन्हें बताया कि पांचाल घाट पर एक मेडिकल स्टोर पर लगे सीसीटीवी कैमरे में अरुण की कार के ठीक पीछे शूटरों की कार चलती दिख रही है। दोनों कारों के बीच में कोई भी छोटा-बड़ा वाहन नहीं दिख रहा है। माना जा रहा है कि जैसे ही अरुण की कार दुकान पर रुकी, तभी शूटरों ने अपनी कार को कुछ आगे रोका और उतरकर दो लोग आ गए। मौका मिलते ही घटना को अंजाम देकर आरोपी भाग गए।
पलवल का मूल निवासी है अरुण
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अरुण और उसका परिवार मूल रूप से हरियाणा के पलवल का है। जिसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है, वह भी पलवल का ही है। अरुण और आरोपी के मकानों की दूरी मात्र 27 किमी है। वह कई बार जान से मारने की धमकी भी दे चुका था। दोनों में लंबे समय से प्रॉपर्टी को लेकर विवाद चल रहा था।