फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Malviya Nagar fire incident Attempts to conceal truth even after accident in Delhi

Delhi: मालवीय नगर अग्निकांड में हादसे के बाद भी सच छिपाने की कोशिश, तथ्य छिपाने और भ्रामक जानकारी देने के आरोप

Tue, 28 Jul 2026 05:42 AM IST
Digvijay Singh धनंजय मिश्रा, अमर उजाला, नई दिल्ली
धनंजय मिश्रा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Digvijay Singh Updated Tue, 28 Jul 2026 05:42 AM IST
सार

मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे होटल अग्निकांड की मजिस्ट्रियल जांच रिपोर्ट ने प्रशासनिक तंत्र की गंभीर लापरवाही और हादसे के बाद उसे छिपाने की कोशिशों को उजागर किया है।

विज्ञापन
Malviya Nagar fire incident Attempts to conceal truth even after accident in Delhi
मालवीय नगर अग्निकांड - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे होटल अग्निकांड की मजिस्ट्रियल जांच रिपोर्ट ने प्रशासनिक तंत्र की गंभीर लापरवाही और हादसे के बाद उसे छिपाने की कोशिशों को उजागर किया है। रिपोर्ट के अनुसार, नगर निगम (एमसीडी) के कुछ इंजीनियरों और दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने जांच के दौरान ऐसे जवाब दिए, जो उपलब्ध सरकारी रिकॉर्ड से मेल नहीं खाते। रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे जांच को गुमराह करने का प्रयास हुआ और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी से बचने की कोशिश दिखाई देती है।

विज्ञापन


रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिणी जोन के सहायक अभियंता सुनील चौहान और कनिष्ठ अभियंता आशीष कुमार राय ने अपने लिखित जवाब में दावा किया कि होटल भवन को कभी अवैध निर्माण के मामले में बुक नहीं किया गया और न ही उसके खिलाफ कोई ध्वस्तीकरण कार्रवाई शुरू हुई। हालांकि, कार्यकारी अभियंता के रिकॉर्ड की जांच में सामने आया कि इसी भवन को वर्ष 2019 और 2020 में अवैध निर्माण के लिए दो बार बुक किया गया था और उसके खिलाफ डिमोलिशन ऑर्डर भी जारी किए गए थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि उपलब्ध अभिलेखों के बावजूद यह जानकारी जांच टीम से छिपाई गई।
विज्ञापन


देरी से पहुंची थी दमकल
जांच रिपोर्ट में कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिन्होंने होटल के संचालन और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, हेल्थ ट्रेड लाइसेंस जय मिश्रा के नाम पर जारी था, जबकि होटल का वास्तविक संचालन लोकेश बजाज कर रहा था। स्थानीय लोगों के बयानों के आधार पर रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि आग सुबह करीब 8:15 बजे लगी, जबकि दमकल की पहली गाड़ियां लगभग 9:30 बजे मौके पर पहुंचीं। इस समय अंतराल की भी जांच की सिफारिश की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
वहीं पर्यटन विभाग ने होटल को सिल्वर कैटेगरी का दर्जा दे दिया, जबकि कई कमरों में न तो खिड़कियां थीं और न ही पर्याप्त वेंटिलेशन। घटनास्थल से बरामद दो जले हुए डीवीआर को डेटा रिकवरी के लिए एफएसएल, रोहिणी भेजा गया है, जिनसे हादसे से पहले और उसके दौरान की गतिविधियों के अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।


पुलिस के जवाब भी रिकॉर्ड से मेल नहीं खाए
जांच रिपोर्ट में दिल्ली पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। तत्कालीन एसएचओ वीरेंद्र दलाल ने जांच में कहा कि होटल के खिलाफ पहले कभी कोई शिकायत नहीं मिली थी। लेकिन रिकॉर्ड के अनुसार, 14 अक्तूबर 2019 को मालवीय नगर थाने से ही होटल के संबंध में शिकायत एमसीडी को भेजी गई थी। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि वर्तमान एसएचओ विनय यादव ने वर्ष 2020 में होटल संचालक के खिलाफ दर्ज एफआईआर संख्या 296/2020 का उल्लेख अपने जवाब में नहीं किया। जांच अधिकारी ने इसे गंभीर चूक माना है। रिपोर्ट के अनुसार होटल का हेल्थ ट्रेड लाइसेंस करीब पांच महीने तक लंबित रहने के बाद दो जून को, यानी आग लगने से ठीक एक दिन पहले, मंजूर कर दिया गया। जांच रिपोर्ट में इस पर सवाल उठाते हुए संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच की सिफारिश की गई है।

इन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश
एमसीडी :
कार्यकारी अभियंता जेएस यादव, सहायक अभियंता सुनील चौहान, सहायक अभियंता यशवंत सिंह और कनिष्ठ अभियंता आशीष कुमार राय।
दिल्ली पुलिस : तत्कालीन एसएचओ वीरेंद्र दलाल, युद्धवीर सिंह, सतीश राणा तथा वर्तमान एसएचओ विनय यादव।
अन्य विभाग : बीएसईएस के अधिकारी रजनेश कुमार रेखी तथा पर्यटन विभाग की निरीक्षण समिति के संबंधित सदस्य।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed