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डूसू चुनाव 2026 की तैयारी शुरू: पोस्टर-बैनर पर सख्ती, 'वॉल ऑफ डेमोक्रेसी' पर ही हाथ से बनी सामग्री होगी मान्य
Fri, 17 Jul 2026 03:23 PM IST
Rahul Kumar Tiwari
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Rahul Kumar Tiwari
Updated Fri, 17 Jul 2026 03:23 PM IST
सार
दिल्ली यूनिवर्सिटी में डूसू चुनाव 2026 की तैयारियां शुरू हो गई हैं। प्रॉक्टर प्रो. मनोज कुमार सिंह ने छात्र संगठनों के साथ बैठक में हाई कोर्ट और लिंगदोह कमेटी की गाइडलाइंस समझाईं। प्रिंटेड प्रचार सामग्री, होर्डिंग और फ्लेक्स पोस्टरों पर रोक रहेगी, जबकि हाथ से बनी सामग्री केवल 'वॉल ऑफ डेमोक्रेसी' पर लगाई जा सकेगी।
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डूसू चुनाव में प्रिंटेड पोस्टर-बैनर पर पूरी तरह रोक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्रसंघ (डूसू) चुनाव-2026 की तैयारियां शुरु हो गई है। सितंबर में होने वाले इन चुनाव के लिए डीयू प्रशासन ने इस बार सख्त रुख अपनाया है। चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की प्रिंटेड प्रचार सामग्री, पोस्टर, फ्लेक्स, बैनर और होर्डिंग लगाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। केवल हाथ से बनाई गई प्रचार सामग्री को निर्धारित वॉल ऑफ डेमोक्रेसी पर लगाने की अनुमति होगी। यदि कोई उम्मीदवार किसी नियम का उल्लंघन करता है तो उसका नामांकन रद होगा।
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डीयू प्रॉक्टर प्रो मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में प्रॉक्टर कार्यालय में डूसू पदाधिकारियों और विभिन्न छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। बैठक में दिल्ली हाईकोर्ट और लिंगदोह समिति की गाइडलाइंस के अनुरूप चुनाव संचालन और आचार संहिता पर विस्तार से चर्चा की गई। छात्र संगठन प्रतिनिधियों ने इन पर अपनी सहमति भी जताई। बैठक में तय किया गया कि कैंपस और उसके आसपास किसी भी सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। खंभों, दीवारों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर किसी प्रकार के प्रिंटेड या डिजिटल होर्डिंग, बैनर अथवा फ्लेक्स नहीं लगाए जाएंगे। दीवारों पर ब्लॉक प्रिंटिंग या स्प्रे पेंटिंग भी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
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डीयू प्रॉक्टर डॉ मनोज कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि एमसीडी के विज्ञापन बोर्डों पर भी किसी प्रकार का फ्लेक्स या पोस्टर लगाने की अनुमति नहीं होगी। यदि ऐसा कोई मामला सामने आता है तो विश्वविद्यालय प्रशासन आवश्यक कार्रवाई के लिए एमसीडी आयुक्त को सूचित करेगा। इसके अलावा कार, जीप, बस, ऑटो, ई-रिक्शा पर उम्मीदवार के नाम वाले स्टिकर नहीं लगाए जाएंगे। साथ ही चुनाव प्रचार के दौरान हर उम्मीदवार के लिए सिर्फ पांच कारों की इजाजत होगी और ट्रैक्टर, जेसीबी या जानवरों के इस्तेमाल की अनुमति नहीं है।
टिंटेड शीशों, बिना नंबर प्लेट या छिपी हुई नंबर प्लेट वाले वाहनों के प्रवेश पर भी प्रतिबंध रहेगा। कैंपस में अवैध रूप से खड़े वाहनों के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस के नियमों के तहत चालान या गाड़ी को उठाने की कार्रवाई की जाएगी।
उम्मीदवार अपने नाम वाले किसी भी प्रकार के उपहार, स्मृति-चिह्न, कैनोपी, छाते या अन्य प्रचार सामग्री का वितरण नहीं कर सकेंगे। यदि ऐसी सामग्री बरामद होती है तो संबंधित उम्मीदवार का नामांकन तक रद्द किया जा सकता है।
उम्मीदवार को प्रचार सभाओं के आयोजन के लिए पहले से प्रॉक्टर कार्यालय को सूचना देना अनिवार्य होगा, ताकि कैंपस में यातायात बाधित न हो और विभिन्न छात्र संगठनों के कार्यक्रमों में टकराव की स्थिति न बने। इसके अलावा, प्रचार के लिए किसी भी कॉलेज में एक बार में अधिकतम पांच विद्यार्थियों को प्रवेश की अनुमति होगी, जबकि छात्राओं के कॉलेज और हॉस्टल में केवल छात्राएं ही प्रचार कर सकेंगी। प्रो सिंह ने बताया कि बैठक के दौरान छात्र संगठनों ने नियमों के पालन का भरोसा दिया है। यही नियम कॉलेजों को भी बताए जाएंगे। वहीं आचार संहिता पहले से ही लागू है।
उम्मीदवार अपने नाम वाले किसी भी प्रकार के उपहार, स्मृति-चिह्न, कैनोपी, छाते या अन्य प्रचार सामग्री का वितरण नहीं कर सकेंगे। यदि ऐसी सामग्री बरामद होती है तो संबंधित उम्मीदवार का नामांकन तक रद्द किया जा सकता है।
उम्मीदवार को प्रचार सभाओं के आयोजन के लिए पहले से प्रॉक्टर कार्यालय को सूचना देना अनिवार्य होगा, ताकि कैंपस में यातायात बाधित न हो और विभिन्न छात्र संगठनों के कार्यक्रमों में टकराव की स्थिति न बने। इसके अलावा, प्रचार के लिए किसी भी कॉलेज में एक बार में अधिकतम पांच विद्यार्थियों को प्रवेश की अनुमति होगी, जबकि छात्राओं के कॉलेज और हॉस्टल में केवल छात्राएं ही प्रचार कर सकेंगी। प्रो सिंह ने बताया कि बैठक के दौरान छात्र संगठनों ने नियमों के पालन का भरोसा दिया है। यही नियम कॉलेजों को भी बताए जाएंगे। वहीं आचार संहिता पहले से ही लागू है।