‘कभी अलविदा ना कहना’ के लिए क्यों करण जौहर को झेलनी पड़ी थी आलोचना? 20 साल बाद निर्देशक ने बता दी तमाम वजहें
Karan Johar Recalls Backlash To Kabhi Alvida Naa Kehna: करण जौहर निर्देशित फिल्म ‘कभी अलविदा ना कहना’ को 20 साल पूरे हो चुके हैं। निर्देशक ने इस मौके पर वर्षों पहले फिल्म को लेकर हुई जबरदस्त आलोचना को याद किया।
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फिल्म ‘कभी अलविदा ना कहना’ को आज बीस साल पूरे हो गए। शाहरुख खान, रानी मुखर्जी अभिनीत यह फिल्म आज भी दर्शकों को याद है। लेकिन जब यह फिल्म रिलीज हुई थी। तो करण जौहर को कड़ी प्रतिक्रियाओं का सामना करना पड़ा था। इन बातों को लेकर निर्देशक ने एक इंस्टाग्राम पोस्ट साझा की है।
दर्शक पेड प्रीव्यू में नकारात्मक रिव्यू दे रहे थे
शादी, प्यार और एक्स्ट्रा-मैरिटल रिश्तों पर आधारित फिल्म ‘कभी अलविदा ना कहना’ ने दर्शकों को दो हिस्सों में बांट दिया था। करण जौहर ने बताया कि फिल्म रिलीज होने से एक रात पहले उन्होंने एक सिनेमाघर में पेड प्रीव्यू देखा था। वह वहां पर चुपचाप दर्शकों के बीच बैठे थे और उन्होंने देखा कि एक अधेड़ उम्र का जोड़ा शाहरुख खान और रानी मुखर्जी के किरदारों, देव और माया वाले एक सीन पर जोरदार प्रतिक्रिया दे रहा था।
करण जौहर को याद आया कि वह जोड़ा उस सीन से पहले ही परेशान लग रहा था और स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब देव और माया एक होटल की लिफ्ट में गए और एक-दूसरे के प्रति अपनी भावनाओं में बह गए।
करण जौहर यह बातें अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखते हैं। उन्होंने लिखा, ‘उस समय साड़ी पहने महिला ने हैरानी से कुर्ता पहने पुरुष की ओर देखा, उनके हाथ से पॉपकॉर्न गिर गया। पुरुष ने पीछे मुड़कर कहा कि यह तो सपना है। जब पुरुष को अहसास हुआ कि यह सपना नहीं था, तो उन्होंने अपनी पत्नी की तरफ गुस्से से देखा और तुरंत बाहर निकलने का इशारा किया। वे सिनेमाघर से चले गए और मेरा दिल बैठ गया।’
कई लोग फिल्म देखकर हुए गुस्सा
करण जौहर ने कहा कि जब वह थिएटर से बाहर निकले तो उनके लिए चीजें और भी मुश्किल हो गईं। वह पोस्ट में लिखते हैं, ‘एक महिला और उनकी बेटी स्क्रीनिंग के बाद मेरे पास आईं। वह बोलीं कि क्या आप करण जौहर हैं। मैं अपनी बेटी को गाने-नाचने और पारिवारिक मूल्यों वाली एक खुशमिजाज फिल्म दिखाने ले गई थी क्योंकि यह आपकी फिल्म थी। जिस दिन उसका तलाक हुआ, उस दिन मैंने उसे यह फिल्म दिखाई। आपको शर्म आनी चाहिए। मुझे डर था कि वह मुझे मार सकती है, इसलिए मैं जल्दी से वहां से हट गया और मुझे कुछ और गुस्से वाले चेहरे दिखे।’
फिल्म ने बेवफाई का समर्थन नहीं किया था
करण जौहर ने फिल्म की कहानी को लेकर अपनी पोस्ट में एक जरूरी बात लिखी। वह लिखते हैं, ‘कुछ हफ्तों बाद मैं एयरपोर्ट लाउंज में एक महिला से मिला। वह बोलीं कि मुझे आपकी फिल्म बहुत पसंद आई।मैंने अपने पति से झूठ बोला और कहा कि मुझे यह बिल्कुल पसंद नहीं आई।’
करण आगे लिखते हैं, ‘मैं फिल्म की कमियों से इनकार नहीं करता। यह बहुत बड़े पैमाने पर बनी थी और इसमें मुख्यधारा की मेरी समझ के हिसाब से भव्य गाने थे। लेकिन मुझे हमेशा लगा कि इसकी भावना सही थी। फिल्म ने बेवफाई का समर्थन नहीं किया। लेकिन इसने यह दिखाया कि प्यार या इच्छा की तलाश में शादी की सीमा से बाहर निकलना आपकी नींव और परिवार को बर्बाद कर सकता है।’
अब लोग फिल्म को पसंद करते हैं
करण जौहर अपनी पोस्ट में आगे लिखते हैं, ‘20 साल बाद मैं कई लोगों से मिलता हूं जो मुझे बताते हैं कि वे तब इस फिल्म से जुड़ नहीं पाए थे लेकिन आज इसे बेहतर ढंग से समझते हैं। शायद जिंदगी खुद हमें ऐसे जवाब देती है जिनके बारे में हमने कभी सवाल नहीं पूछा होता।’
करण जौहर द्वारा निर्देशित फिल्म ‘कभी अलविदा ना कहना’ में शाहरुख खान, रानी मुखर्जी, अभिषेक बच्चन और प्रीति जिंटा ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं। यह रोमांटिक ड्रामा फिल्म 11 अगस्त 2006 को सिनेमाघरों में रिलीज की गई थी।