बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री और देश के चर्चित टेनिस प्लेयर महेश भूपति की पत्नी लारा दत्ता ने आज ही के दिन साल 2000 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पूरे भारत का मान बढ़ाया था। 12 मई वह तारीख थी, जब लारा दत्ता के सिर 'मिस यूनिवर्स' का ताज सजा था। इस दिन वह मिस यूनिवर्स का खिताब जीतकर देश में ही नहीं, बल्कि विदेश में भी मशहूर हो गई थीं। वह ऐसी दूसरी अभिनेत्री थीं, जिन्होंने यह मकाम हासिल किया था और फैशन की दुनिया में भारत का डंका बजाया था। क्या आपको पता है, 22 साल पहले इस खिताब की जंग को जीतने के लिए पूछे गए सवाल के जवाब ने अभिनेत्री की पूरी जिंदगी बदल दी थी? नहीं! तो आइए जानते हैं...
Miss Universe: इस सवाल का जवाब देकर मिस यूनिवर्स बनी थीं लारा दत्ता, जानिए सुष्मिता सेन और हरनाम संधू के सिर कैसे सजा था ताज
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लारा दत्ता (2000)
लारा मिस यूनिवर्स तो बन गई थीं, लेकिन यहां तक पहुंचना बिल्कुल आसान नहीं था। उन्होंने फाइनल राउंड में बेहद मुश्किल सवाल का जवाब देकर यह जीत हासिल की थी। सवाल था, 'बाहर मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता को लेकर विरोध किया जा रहा है कि इससे महिलाओं का अपमान होता है। विरोधियों को कैसे समझाएंगी कि वे गलत हैं।' इसके जवाब में लारा बोलीं, 'मुझे लगता है कि मिस यूनिवर्स जैसा पेजेंट एक ऐसा खिताब है जो हम युवा महिलाओं को उन सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए एक मंच देता है जहां हम जाना चाहते हैं और आगे बढ़ना चाहते हैं। फिर चाहे वो बिजनेस हो, सशस्त्र बल हो, राजनीति हो। यह हमारी पसंद और विचारों को आवाज देने के लिए एक मंच देता है जो हमें मजबूत और स्वतंत्र बनाता है।' लारा का जवाब सुन सभी जज इंप्रेस हो गए थे और पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा था। बता दें कि उस साल लोग मिस यूनिवर्स कॉन्टेस्ट का विरोध कर रहे थे।
लारा के अलावा सुष्मिता सेन और हरनाज संधू भी मिस यूनिवर्स बन चुकी हैं। आइए जानते उन्होंने क्या जवाब दिए थे...
सुष्मिता सेन (1994)
एक मशहूर कहावत है कि जो सपने देखते हैं वह उसे पूरा करने का दम भी रखते हैं। इसी कहावत को 21 मई 1994 में सुष्मिता सेन ने पहली बार 'मिस यूनिवर्स' बन सच साबित कर दिया था। वह ऐसी पहली भारतीय थीं, जिनके सर यह ताज सजा था। सुष्मिता से इस ताज के लिए पूछा गया था कि 'आपके लिए एक महिला होने का सार क्या है?' इसका जवाब देकर सुष्मिता ने सभी को प्रभावित कर दिया था। अभिनेत्री ने कहा 'सिर्फ महिला होना ही भगवान का तोहफा है, जिसकी हम सभी को सराहना करनी चाहिए। बच्चे की उत्पत्ति मां से होती है, जो एक महिला है। एक महिला ही पुरुष को बताती है कि केयरिंग करना, शेयरिंग करना और प्यार करना क्या होता है। यही एक महिला होने का सार है।' उनके इसी जवाब ने उनको मिस यूनिवर्स का टाइटल जीता दिया था।
हरनाज कौर संधू (2021)
लारा दत्ता के बाद भारत से यह खिताब कोई भी नहीं जीत पाया था लेकिन 21 साल का यह सूखा खत्म करके 13 दिसंबर 2021 को हरनाज कौर संधू ने यह खिताब अपने नाम किया। इतने वर्षों बाद देश का गौरव बढ़ाने वाली हरनाज से महिला प्रधान सवाल पूछा गया था। सवाल था "आज के दबावों से निपटने के लिए आपके जैसी यूवा महिलाओं को आप क्या सलाह देना चाहेंगी?" हरनाज इसके जवाब में बोलीं, 'आज का युवा जिस सबसे बड़े दबाव का सामना कर रहा है, वह खुद पर विश्वास करने का है। आपको यह जानना होगा आप सभी यूनिक हैं और यही आपको सुंदर बनाता है। दूसरों के साथ अपनी तुलना करना बंद करें और दुनिया भर में हो रही महत्वपूर्ण चीजों के बारे में बात करें। बाहर निकलो, अपने लिए बोलो, क्योंकि तुम खुद अपने जीवन के लीडर हो। आप खुद की आवाज हैं। मुझे खुद पर विश्वास था और इसलिए मैं आज यहां खड़ी हूं।" हरनाज के इस जवाब ने न केवल सीट पर बैठे जजों को बल्कि पूरा भारत के युवाओं को भी प्रेरित किया था।