Monday Flashback: प्रेमिका के घर की छत पर हेलिकॉप्टर से पत्थर, ...और पत्थर पर लिपटे हुए कुछ प्रेमपत्र
मोतीलाल राजवंश को हिंदी सिनेमा का पहला नेचुरल एक्टर कहा जाता है। अभिनय के मामले में वह जितने शानदार थे, उतने ही जिद्दी भी थे। जिस चीज पर अड़ जाते, उसे हासिल करके मानते थे।
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यह कहानी है वर्षों पुरानी। एक लड़का था, जिसका दिल मोहब्बत में धड़का था। एक लड़की थी, जो उस लड़के के प्रेम पर खींझ उठती थी। लड़के ने लड़की को मनाने के लिए खूब पापड़ बेले, लेकिन लड़की नहीं मानी और लड़के का शहर छोड़ दूसरे शहर जा बसी। मगर, मोहब्बत तो मोहब्बत है, इसमें कोई हद कहां? लड़के ने लड़की का पीछ किया और प्यार के इजहार का अनोखा तरीका अपनाया। लड़के ने हेलिकॉप्टर से लड़की की छत पर पत्थर बरसाए। उस पत्थर के साथ भेजा था प्यार का पैगाम। प्यार के इजहार का न जाने ये कैसा तरीका था, जो कारगर भी हुआ और आखिर लड़की मान गई। जानते हैं यह लड़का और लड़की कौन थे? लड़की थी अपने जमाने की दिग्गज अदाकारा सोभना समर्थ और पत्थर फेंकने वाला कोई और नहीं मोतीलाल राजवंश थे? आखिर क्या था मसला आइए जानते हैं....
मोतीलाल राजवंश को हिंदी सिनेमा का पहला नेचुरल एक्टर कहा जाता है। अभिनय के मामले में वह जितने शानदार थे, उतने ही जिद्दी भी थे। जिस चीज पर अड़ जाते, उसे हासिल करके मानते थे। मोतीलाल रईस खानदान से ताल्लुक रखते थे। वह घुड़सवारी के शौकीन थे। साथ ही वह तूफानी गति से विमान उड़ाने का शौक रखने वाले लाइसेंसधारी पायलट भी थे। उनका दिल शोभना समर्थ पर आ गया। बता दें कि शोभना समर्थ एक्ट्रेस तनुजा-नूतन की मां और काजोल-तनीषा की नानी थीं। वह अपने दौर की दिग्गज अदाकारा थीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक मोतीलाल के प्यार के प्रस्ताव में शोभना की कोई दिलचस्पी न थी। वह मुंबई छोड़ खंडाला शिफ्ट हो गईं। तब मोतीलाल ने अपने प्यार के इजहार का अनूठा तरीका निकाला।
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मोतीलाल ने भारी-भरकम खर्चा करके विमान किराए पर लिया और शोभना समर्थ की छत के अनगिनत चक्कर काटे। इसके बाद शोभना की छत पर खूब पत्थर बरसाए। रिपोर्ट्स के मुताबिक मोतीलाल ने शोभना की छत पर जो पत्थर फेंके उनके साथ प्रेमपत्र भी भेजे। इसके बाद एक्ट्रेस के घर की खिड़की का शीशा तोड़कर उन्हें 'आई लव यू' कहा। कहा जाता है कि पति से अलगाव के बाद शोभना समर्थ भावनात्मक रूप से मोतीलाल राजवंश के करीब आईं। दोनों का प्रेम लंबे वक्त तक चला। हालांकि, इन्होंने अपने रिश्ते को कोई नाम नहीं दिया था, न ही सार्वजनिक रूप से कभी स्वीकार किया था। कहा जाता है कि शोभना समर्थ को मोतीलाल में अपने पिता की छवि दिखाई देती थी।
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शोभना समर्थ ने अपनी बेटी नूतन को जब फिल्मों में उतारा तो मोतीलाल ने उनकी पहली फिल्म में उनके पिता की भूमिका निभाई थी। इस फिल्म का नाम है 'हमारी बेटी'। रिपोर्ट्स के मुताबिक मोतीलाल ने नूतन और तनुजा का कन्यादान भी किया था। शोभना समर्थ और मोतीलाल में एक बात कॉमन थी, दोनों ने अपनी जिंदगी अपनी शर्तों पर गुजारी। यही वजह थी कि उस दौर में भी समाज से बेपरवाह होकर अपनी मोहब्बत को भरपूर जीया। आज भी इनके प्यार की मिसाल दी जाती है।
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